{"_id":"68cc5e727fd3cfab7504aa78","slug":"seven-people-were-sentenced-to-five-years-imprisonment-for-using-casteist-words-kushinagar-news-c-205-1-deo1003-145601-2025-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: जाति सूचक शब्दों के प्रयोग पर सात दोषियों को पांच-पांच साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: जाति सूचक शब्दों के प्रयोग पर सात दोषियों को पांच-पांच साल की सजा
Fri, 19 Sep 2025 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससी एसटी एक्ट ने वर्ष 1995 में हाटा थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव में जाति सूचक शब्द का प्रयोग कर मारपीट करने के मामले में सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले में सात आरोपियों को पांच-पांच साल सश्रम करावास की सुनाई है।
वादी मुकदमा ओमप्रकाश हरिजन ने तीन मई 1995 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वे आबादी की जमीन में पक्का मकान बनवा रहे थे। सुबह करीब नौ बजे गांव बालकुवर सिंह, राधेश्याम, रमाशंकर, रामदयाल, भगवान दास वर्मा, मेघनाथ गुप्ता, बुद्धू सिंह वहां आए निर्माण कार्य का विरोध करते हुए उन्हें जाति सूचक शब्द बोलने लगे। विरोध करने पर उन पर फरसा से हमला कर उनके साथ मारपीट करने लगे। बीचबचाव करने आए उनके भाई रामाशीष, उमाशंकर, छोटेलाल और उनकी मां भगवती व पत्नी के साथ भी उन लोगों ने मारपीट की। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों को जिला कारागार देवरिया भेज दिया गया है।
विज्ञापन
वादी मुकदमा ओमप्रकाश हरिजन ने तीन मई 1995 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वे आबादी की जमीन में पक्का मकान बनवा रहे थे। सुबह करीब नौ बजे गांव बालकुवर सिंह, राधेश्याम, रमाशंकर, रामदयाल, भगवान दास वर्मा, मेघनाथ गुप्ता, बुद्धू सिंह वहां आए निर्माण कार्य का विरोध करते हुए उन्हें जाति सूचक शब्द बोलने लगे। विरोध करने पर उन पर फरसा से हमला कर उनके साथ मारपीट करने लगे। बीचबचाव करने आए उनके भाई रामाशीष, उमाशंकर, छोटेलाल और उनकी मां भगवती व पत्नी के साथ भी उन लोगों ने मारपीट की। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय एससीएसटी एक्ट इफराक अहमद की न्यायालय ने सभी सातों आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक आरोपी को पांच-पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सभी आरोपियों को जिला कारागार देवरिया भेज दिया गया है।
विज्ञापन