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Kushinagar News: सचिव ने की बंदियों की विधिक सहायता व सुविधाओं की समीक्षा
Wed, 29 Apr 2026 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 29 Apr 2026 02:18 AM IST
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पडरौना। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने मंगलवार को जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया। जेल की व्यवस्थाओं, बंदियों की स्थिति तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं की समीक्षा की।
जेल में कुल 844 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 106 सिद्धदोष, 683 विचाराधीन बंदी, 6 राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंदी, 2 सिविल बंदी तथा 2 विदेशी बंदी शामिल हैं। इसके अलावा महिला बंदियों के साथ तीन बच्चे भी पाए गए। सचिव ने बैरकों, पाकशाला, चिकित्सालय एवं महिला बैरक का निरीक्षण कर भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा एवं सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों को जेल मैनुअल के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बातचीत में अधिकतर बंदियों ने किसी प्रकार की समस्या नहीं बताई। सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता व सरकारी खर्च पर वकील उपलब्ध कराया जाएगा। विचाराधीन बंदियों की केस स्थिति की भी समीक्षा की गई और जो बंदी रिहाई के पात्र पाए गए, उनके मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण कर पैरालीगल वालंटियर्स को बंदियों को लगातार विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
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जेल में कुल 844 बंदी निरुद्ध हैं, जिनमें 106 सिद्धदोष, 683 विचाराधीन बंदी, 6 राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंदी, 2 सिविल बंदी तथा 2 विदेशी बंदी शामिल हैं। इसके अलावा महिला बंदियों के साथ तीन बच्चे भी पाए गए। सचिव ने बैरकों, पाकशाला, चिकित्सालय एवं महिला बैरक का निरीक्षण कर भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा एवं सुरक्षा का जायजा लिया। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों को जेल मैनुअल के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। बातचीत में अधिकतर बंदियों ने किसी प्रकार की समस्या नहीं बताई। सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क कानूनी सहायता व सरकारी खर्च पर वकील उपलब्ध कराया जाएगा। विचाराधीन बंदियों की केस स्थिति की भी समीक्षा की गई और जो बंदी रिहाई के पात्र पाए गए, उनके मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण कर पैरालीगल वालंटियर्स को बंदियों को लगातार विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
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