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स्कूलों में शौचालय तो बने लेकिन उपयोग लायक नहीं

Tue, 06 Feb 2018 12:13 AM IST
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
कुश्ाीनगर (ब्यूरो) Updated Tue, 06 Feb 2018 12:13 AM IST
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schools have toilets but they are not worth the use
खराब शौचालय। - फोटो : कुश्‍ाीनगर ब्यूरो
पडराैना। स्वच्छता को लेकर पिछले कई महीने से रोज अभियान चल रहा है। स्कूलों में भी कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों तथा उनके जरिए उनके अभिभावकों को जागरूक करने की बात हो रही है। परंतु नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक की एक स्वच्छता रिपोर्ट इन प्रयासों की हकीकत बयां करने को काफी है। इस रिपोर्ट के अनुसार ब्लॉक के 208 परिषदीय स्कूलों में से 110(84 प्राथमिक विद्यालय और 26 जूनियर हाई स्कूल) जगहों पर बने शौचालय उपयोग के लायक ही नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र के इन स्कूलों में जब शौचालय तक ठीक नहीं है, तो बाकी सुविधाओं का अंदाजा भी लगाया ही जा सकता है। 
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नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक में बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित 56 जूनियर हाईस्कूल व 152 प्राथमिक विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में नामांकित 18401 बच्चों में से 8924 छात्र व 9477 छात्राएं हैं। सभी विद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में हैं। इनमें बच्चों के लिए शौचालय का भी निर्माण कराया गया है, परंतु अधिकांश स्कूलों के शौचालय की स्थिति खराब है। कहीं शौचालय में प्रयोग के लिए पानी नहीं है तो कहीं कुछ और समस्या है। ब्लॉक प्रशासन की तरफ से कराए गए एक सर्वे की रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है। इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार विकास खंड में स्थापित सभी 152 प्राथमिक विद्यालयों में शौचालय तो बने हैं लेकिन इनमें से मात्र 68 विद्यालयों के शौचालय ही उपयोग लायक हैं। वहीं 56 जूनियर विद्यालयों मे बने शौचालयों में से भी मात्र 30 जगह ही शौचालय उपयोग के लायक हैं।
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इस तरह कुल 98 शौचालय ही उपयोग लायक हैं जबकि 110 शौचालय केवल नाम मात्र के हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख है कि कहीं फाटक टूटा है तो कहीं फर्श ही धस गया है। शौचालय पर लगने वाली पानी की टंकी कमरों में रखी है। जहां टंकी लगी भी है वहां पानी चढ़ाने के लिए पाइप या मोटर का ही इंतजाम नहीं है। अधिकांश शौचालय बेहद गंदे हैं। आश्चर्यजनक यह है कि शौचालयों की यह स्थिति तब है जबकि सरकार ने पंचायती राज विभाग को इसकी नियमित सफाई के लिए निर्देशित कर रखा है।
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बीईओ नेबुआ नौरंगिया अनूप कुमार गुप्ता का कहना है की बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालयों में मौजूद शौचालय की स्थिति का सर्वे कराकर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। शौचालय की सफाई व मरम्मत की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। 

बीडीओ नेबुआ नौरंगिया रघुनाथ सिंह का कहना है कि 14वें वित्त से विद्यालयों के शौचालय की मरम्मत का आदेश दिया गया है। सभी ग्राम प्रधानों को कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। जल्दी ही इन्हें ठीक कराया जाएगा। 


प्रभारी बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि शौचालयों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ही सर्वे कराया गया है। सफाई व मरम्मत के लिए संबंधित लोगों को निर्देश दिया जा चुका है। 
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