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दर्दनाक: घुघली में पैसेंजर ट्रेन के सामने कूदकर स्कूल प्रबंधक ने दी जान, बेटे के साथ इलाज कराकर लौट रहे थे घर
Mon, 25 Sep 2023 10:11 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Sep 2023 10:11 AM IST
सार
बिहार के पश्चिमी चंपारण के लौकरिया थाना क्षेत्र के रामपुर नया गांव निवासी हरेकृष्ण चौधरी (50) की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। वह अपने गांव में ही कक्षा पांच तक स्कूल संचालित करते थे। शनिवार को सुबह वह बेटे अंकित के साथ इलाज कराने गोरखपुर गए थे। लौटते समय बस महराजगंज जिले के घुघली कस्बा पर ट्रेन के सामने कूद गए।
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तबीयत खराब होने से चिंता में रहते थे स्कूल प्रबंधक हरेकृष्ण (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महराजगंज जिले के घुघली रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन के सामने कूदकर स्कूल प्रबंधक ने जान दे दी। गोरखपुर से इलाज कराकर बेटे के साथ घर लौटते समय प्रबंधक ने आत्मघाती कदम उठाया। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिहार के पश्चिमी चंपारण के लौकरिया थाना क्षेत्र के रामपुर नया गांव निवासी हरेकृष्ण चौधरी (50) की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। वह अपने गांव में ही कक्षा पांच तक स्कूल संचालित करते थे।
इसे भी पढ़ें: गोरखपुर के मौसम का हाल: रिमझिम फुहारों ने कराया सावन का अहसास, मौसम हुआ सुहाना
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शनिवार को सुबह वह बेटे अंकित के साथ इलाज कराने गोरखपुर गए थे। लौटते समय बस महराजगंज जिले के घुघली कस्बा के पास पहुंची थी कि अचानक हरेकृष्ण की तबीयत बिगड़ गई।
बेटे अंकित ने पिता को बस से उतारा और ट्रेन से घर ले जाने के लिए ई-रिक्शा से लेकर घुघली रेलवे स्टेशन ले गए। अंकित ने बताया कि ट्रेन स्टेशन पर आ चुकी थी। इसी दौरान पिता अचानक बाथरूम की बात कहकर निकले और ट्रेन के सामने कूद गए। अंकित का कहना है कि पिता तबीयत खराब होने से परेशान रहते थे, लेकिन इलाज के बाद काफी सुधार हो गया था।
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बिहार के पश्चिमी चंपारण के लौकरिया थाना क्षेत्र के रामपुर नया गांव निवासी हरेकृष्ण चौधरी (50) की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी। वह अपने गांव में ही कक्षा पांच तक स्कूल संचालित करते थे।
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शनिवार को सुबह वह बेटे अंकित के साथ इलाज कराने गोरखपुर गए थे। लौटते समय बस महराजगंज जिले के घुघली कस्बा के पास पहुंची थी कि अचानक हरेकृष्ण की तबीयत बिगड़ गई।
बेटे अंकित ने पिता को बस से उतारा और ट्रेन से घर ले जाने के लिए ई-रिक्शा से लेकर घुघली रेलवे स्टेशन ले गए। अंकित ने बताया कि ट्रेन स्टेशन पर आ चुकी थी। इसी दौरान पिता अचानक बाथरूम की बात कहकर निकले और ट्रेन के सामने कूद गए। अंकित का कहना है कि पिता तबीयत खराब होने से परेशान रहते थे, लेकिन इलाज के बाद काफी सुधार हो गया था।