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जिले में 27.90 लाख लोगों का सहारा बनी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
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27.90 लाख लोगों का सहारा बनी योजना
कोरोना संकटकाल में राशन कार्डधारकों के लिए शुरू की गई है योजना
जनपद में 27 लाख 90 हजार 743 यूनिट पर दिया जा रहा मुफ्त राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। कोरोना महामारी के दौरान पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारकों के परिवारीजनों को भूखे न रहना पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से 27 लाख 90 हजार 743 लोग लाभांन्वित हो रहे हैं। इस योजना के तहत कार्डधारकों को नियमित राशन के अतिरिक्त मुफ्त गेहूं और चावल भी दिया जा रहा है।
आपूर्ति विभाग के मुताबिक करीब 3564544 की जनसंख्या वाले कुशीनगर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 117136 अंत्योदय राशनकार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 117066 लोगों का अंत्योदय कार्ड बना है। इन राशनकार्डों पर 365946 लोगों के नाम से राशन दिया जाता है। इसी तरह जिले में पात्र गृहस्थी के राशन कार्डों की संख्या 598809 है, जिसमें 2424797 यूनिट हैं। इस प्रकार अंत्योदय और पात्र गृहस्थी को मिलाकर जिले में कुल 715875 कार्डधारक हैं, जिसके अंतर्गत कुल 2790743 यूनिट दर्ज हैं। इनमें 2788761 यूनिट आधारकार्ड से जुड़ चुकी हैं। इतने यूनिट पर आपूर्ति विभाग कोटेदारों के माध्यम से प्रतिमाह राशन उपलब्ध कराता है। नियमित रूप से प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है, जिसमें 20 किलोग्राम गेहूं और 15 किलोग्राम चावल होता है। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से इन राशन कार्डधारकों के परिवार में राशन की कमी न हो। इसमें प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलो चावल मुफ्त में दिया जाता है। इससे गरीब परिवारों को काफी राहत मिल रही है। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि जिले की कुल आबादी के 78.29 फीसदी लोगों को राशनकार्ड उपलब्ध कराना है। उतने राशनकार्ड पहले से बने हैं। नए नाम तभी जुड़ पाते हैं, जब किसी कार्डधारक की मृत्यु हो जाने से जगह खाली होती है। इस तरह पिछले तीन वर्षों में बहुत कम नाम ही जुड़े हैं। इसी वजह से योजना शुरू होने के बाद भी इसका लाभ लेने के इच्छुक लोगों का नाम नहीं जुड़ पाया है। कार्डधारकों को नियमित रूप से राशन वितरण के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत भी गेहूं और चावल दिया जा रहा है।
परिवार चलाना हुआ आसान
कटाई भरपुरवा के निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि कोरोना महामारी के समय जब सभी के रोजगार बंद हो गए थे, ऐसे समय में सरकार ने मुफ्त में राशन की व्यवस्था की। इससे परिवार चलाना आसान हुआ। पड़री गांव के निवासी ठगई ने कहा कि कार्डधारकों के लिए मुफ्त राशन देना सरकार का सराहनीय कदम है। इससे गरीब परिवारों को राहत मिली है। कटाई भरपुरवा गांव के निवासी बुंदल पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना गरीबों के लिए हितकारी है। इस योजना के चलते महामारी के दिनों में भी राशन के लिए आर्थिक संकट आड़े नहीं आया। घूर छपरा निवासी राजेश ने कहा कि यह योजना उन परिस्थिति में शुरू हुई थी, जब कोरोना महामारी की वजह से लोगों का रोजगार छिन गया था। सरकार ने नियमित रूप से तो राशन दिया ही, अलग से योजना चलाकर मुफ्त में भी गेहूं और चावल उपलब्ध कराया।
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कोरोना संकटकाल में राशन कार्डधारकों के लिए शुरू की गई है योजना
जनपद में 27 लाख 90 हजार 743 यूनिट पर दिया जा रहा मुफ्त राशन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। कोरोना महामारी के दौरान पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारकों के परिवारीजनों को भूखे न रहना पड़े, इसके लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से 27 लाख 90 हजार 743 लोग लाभांन्वित हो रहे हैं। इस योजना के तहत कार्डधारकों को नियमित राशन के अतिरिक्त मुफ्त गेहूं और चावल भी दिया जा रहा है।
आपूर्ति विभाग के मुताबिक करीब 3564544 की जनसंख्या वाले कुशीनगर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 117136 अंत्योदय राशनकार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 117066 लोगों का अंत्योदय कार्ड बना है। इन राशनकार्डों पर 365946 लोगों के नाम से राशन दिया जाता है। इसी तरह जिले में पात्र गृहस्थी के राशन कार्डों की संख्या 598809 है, जिसमें 2424797 यूनिट हैं। इस प्रकार अंत्योदय और पात्र गृहस्थी को मिलाकर जिले में कुल 715875 कार्डधारक हैं, जिसके अंतर्गत कुल 2790743 यूनिट दर्ज हैं। इनमें 2788761 यूनिट आधारकार्ड से जुड़ चुकी हैं। इतने यूनिट पर आपूर्ति विभाग कोटेदारों के माध्यम से प्रतिमाह राशन उपलब्ध कराता है। नियमित रूप से प्रतिमाह 35 किलोग्राम राशन दिया जाता है, जिसमें 20 किलोग्राम गेहूं और 15 किलोग्राम चावल होता है। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से इन राशन कार्डधारकों के परिवार में राशन की कमी न हो। इसमें प्रति यूनिट तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलो चावल मुफ्त में दिया जाता है। इससे गरीब परिवारों को काफी राहत मिल रही है। इस बाबत जिला पूर्ति अधिकारी दिलीप कुमार ने कहा कि जिले की कुल आबादी के 78.29 फीसदी लोगों को राशनकार्ड उपलब्ध कराना है। उतने राशनकार्ड पहले से बने हैं। नए नाम तभी जुड़ पाते हैं, जब किसी कार्डधारक की मृत्यु हो जाने से जगह खाली होती है। इस तरह पिछले तीन वर्षों में बहुत कम नाम ही जुड़े हैं। इसी वजह से योजना शुरू होने के बाद भी इसका लाभ लेने के इच्छुक लोगों का नाम नहीं जुड़ पाया है। कार्डधारकों को नियमित रूप से राशन वितरण के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत भी गेहूं और चावल दिया जा रहा है।
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परिवार चलाना हुआ आसान
कटाई भरपुरवा के निवासी महेंद्र पाल ने बताया कि कोरोना महामारी के समय जब सभी के रोजगार बंद हो गए थे, ऐसे समय में सरकार ने मुफ्त में राशन की व्यवस्था की। इससे परिवार चलाना आसान हुआ। पड़री गांव के निवासी ठगई ने कहा कि कार्डधारकों के लिए मुफ्त राशन देना सरकार का सराहनीय कदम है। इससे गरीब परिवारों को राहत मिली है। कटाई भरपुरवा गांव के निवासी बुंदल पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना गरीबों के लिए हितकारी है। इस योजना के चलते महामारी के दिनों में भी राशन के लिए आर्थिक संकट आड़े नहीं आया। घूर छपरा निवासी राजेश ने कहा कि यह योजना उन परिस्थिति में शुरू हुई थी, जब कोरोना महामारी की वजह से लोगों का रोजगार छिन गया था। सरकार ने नियमित रूप से तो राशन दिया ही, अलग से योजना चलाकर मुफ्त में भी गेहूं और चावल उपलब्ध कराया।
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