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निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया सत्याग्रह
kushinagar
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:22 PM IST
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प्रदर्शन करते कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
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पडरौना। विद्युत एवं संविदा मजदूर संगठन उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बृहस्पतिवार को पडरौना उपकेंद्र से जुड़े विद्युत कर्मियों ने ऊर्जा मंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन अधीक्षण अभियंता कसया को सौंपा। इसमें निजीकरण का आदेश वापस करने समेत 12 सूत्री मांगें शामिल थीं।
संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्र की अगुवाई में विद्युतकर्मी बृहस्पतिवार को दिन के 10 बजे पडरौना उपकेंद्र पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में वह कसया के लिए रवाना हुए। ऊर्जा मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में निजीकरण के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस करने, टीजी-2 की वरिष्ठता से जेई पद पर पदोन्नत करने, वर्ष 2005 तक ऊर्जा निगमों में नियुक्त कर्मियों को राज्स सरकार के कर्मियों की तरह पेंशन की सुविधा देने, 10 श्रमिक नेताओं व 155 कर्मचारियों पर 10 फरवरी 2015 को दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने, संविदा कर्मियों को विभाग की ओर से सीधे वेतन भुगतान का आदेश जारी करने व दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों के उपचार के लिए खर्च विभाग की ओर से वहन करने तथा मृत्युपरांत 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने समेत 12 सूत्री मांग शामिल है। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्र ने कहा कि विद्युत निजीकरण से कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं का भी नुकसान होगा। सरकार इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले ले। इस दौरान संतोष कुमार मिश्र, अनिल श्रीवास्तव, संजय दूबे, देवेंद्र पटेल, दिनेश कुमार, सैय्यद अंसारी, अनिरूद्घ खरवार, सत्येंद्र खरवार, उमेश चौधरी, रमेश चौहान, विजय कुमार, अशोक कुशवाहा, राजकिशोर दूबे आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्र की अगुवाई में विद्युतकर्मी बृहस्पतिवार को दिन के 10 बजे पडरौना उपकेंद्र पर एकत्र हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में वह कसया के लिए रवाना हुए। ऊर्जा मंत्री को भेजे गए ज्ञापन में निजीकरण के आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस करने, टीजी-2 की वरिष्ठता से जेई पद पर पदोन्नत करने, वर्ष 2005 तक ऊर्जा निगमों में नियुक्त कर्मियों को राज्स सरकार के कर्मियों की तरह पेंशन की सुविधा देने, 10 श्रमिक नेताओं व 155 कर्मचारियों पर 10 फरवरी 2015 को दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस लेने, संविदा कर्मियों को विभाग की ओर से सीधे वेतन भुगतान का आदेश जारी करने व दुर्घटना में घायल संविदा कर्मियों के उपचार के लिए खर्च विभाग की ओर से वहन करने तथा मृत्युपरांत 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने समेत 12 सूत्री मांग शामिल है। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्र ने कहा कि विद्युत निजीकरण से कर्मचारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं का भी नुकसान होगा। सरकार इस आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले ले। इस दौरान संतोष कुमार मिश्र, अनिल श्रीवास्तव, संजय दूबे, देवेंद्र पटेल, दिनेश कुमार, सैय्यद अंसारी, अनिरूद्घ खरवार, सत्येंद्र खरवार, उमेश चौधरी, रमेश चौहान, विजय कुमार, अशोक कुशवाहा, राजकिशोर दूबे आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।
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