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Kushinagar News: नमूने जाते हैं आज, रिपोर्ट आ रही महीनों बाद

Mon, 20 Oct 2025 08:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 20 Oct 2025 08:18 PM IST
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Samples are sent today, reports are coming after months
देवरिया। दीपावली पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कई स्थानों से नमूने लिए हैं। जांच के लिए लैब में भेजा गया है, लेकिन इसकी रिपोर्ट महीनों बाद आती है। इसके पहले मिलावटखोर मिलावटी सामानों को ठिकाने लगा देते हैं। हालांकि लगातार छापेमारी के दौरान टीम कार्रवाई भी की है।
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लोगों के मुताबिक जब तक सैंपल लिए सामानों की रिपोर्ट आती है, इसके पहले धंधेबाज सामानों को खपा मोटी रकम कमा लेते हैं। ऐसे में ग्राहकों को खुद से सोच समझकर विश्वसनीय दुकान से खरीदारी करनी चाहिए। जिले में खोआ, पनीर, गुलाब जामुन, रंगीन बर्फी, पकड़ी गई है। सैम्पल एकत्रित करने के बाद आशंका होने पर सामानों को नष्ट करा दिया गया है। अन्य पकड़े गए मिलावटी सामानों की सैम्पल लैब में भेजी गई है। इसकी रिपोर्ट एक या दो माह बाद आएगी। तब तक खाद्य पदार्थ की बिक्री हो जाएगी।
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अगर समय रहते विभाग अभियान चलाता और जांच रिपोर्ट निर्धारित समय के अनुसार मिलती तो मिलावट के धंधेबाजों पर अंकुश लगाई जा सकती। अधिक नमूने होने की वजह से रिपोर्ट आने में देरी होती है।
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त्योहारी सीजन में जांच नमूनों की 15 से बीस दिन के अंदर रिपोर्ट आ जानी चाहिए। जबकि अन्य अभियान के नमूनो की रिपोर्ट 45 दिन के भीतर आनी चाहिए। मगर झांसी स्थित लैब में नमूने अधिक होने की वजह से रिपोर्ट आने में देरी होने लगती है। अगर जांच रिपोर्ट तय समय में आती तो मिलावट पर रोक लगाना आसान होता। समय से रिपोर्ट नहीं मिलने पर इसका सीधा फायदा धंधेबाजों को होता है। अभी तक जिले से 22 से अधिक नमूने भेजे जा चुके हैं। विभाग को रिपोर्ट का इंतजार है।



मिठाई की खरीददारी में लोगों ने दिखाई समझदारी
मिलावटखोरी के बीच लोग अब मिठाई की खरीददारी में समझदारी दिखाने लगे हैं। कुछ लोग ब्रांडेड दुकानों से खरीददारी कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग अपनी विश्वसनीय दुकानों से खरीददारी कर रहे हैं। शहर के उमानगर निवासी विनय हमेशा से परंपरागत दुकानों से मिठाई खरीदते रहे हैं। उनका कहना है कि ज्यादा चमक के चक्कर में नहीं पड़ते हुए एक साधारण सी दुकान से मिठाई खरीदता हूं। यहां शुद्धता को लेकर पर पूरा भरोसा रहता है। वहीं नई कालोनी निवासी आशुतोष तिवारी का कहना है कि घर पर ही मिठाई बनवा लेना अधिक ठीक है, क्योंकि मिठाई में मिलावट की खबरों से बाजार से भरोसा उठ गया है। बहुत जरुरी हुआ तो बेकरी के आइटम खरीद लेता हूं। ज्यादा स्वाद के फेर में पड़ने की जगह शुद्धता को महत्व देना अधिक सही लगता है। रामगुलाम टोला के रहने वाले मारकंडेय तो लड्डू पर भरोसा करते हैं। उनका कहना है कि लड्डू में ज्यादा से ज्यादा बेसन की जगह दूसरा अन्न ही होगा। कुछ और तो नहीं मिला होगा। इसलिए भरोसे की दुकान से लड्डू खरीदकर पूजा पाठ में प्रयोग करता हूं।
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