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रोडवेज बसें चलती नहीं, निजी का किराया मनमाना
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कप्तानगंज कस्बे के सुभाष चौक पर यात्रियों को बैठाते चालक।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
रोडवेज बसें चलती नहीं, निजी का किराया मनमाना
- कप्तानगंज तहसील मुख्यालय से आवागमन करने वाले यात्रियों को दिक्कत
- निजी वाहनों के संचालक वसूलते अधिक किराया, गोरखपुर जाने में होती असुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/ कप्तानगंज। कप्तागंज तहसील मुख्यालय से रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। लोग डग्गामार वाहनों से गोरखपुर, देवरिया और महराजगंज तक यात्रा करते हैं। सरकारी बस की सुविधा मुहैया नहीं होने का बेजा फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। स्थानीय लोगों ने कप्तानगंज कस्बा से रोडवेज की बस चलाने की मांग की है।
तहसील मुख्यालय होने की वजह से कप्तानगंज कस्बा एक महत्वपूर्ण जगह है। यहां पर तहसील, रेलवे जंक्शन, पुराना नगर पंचायत और एक दर्जन से स्कूल-कॉलेज हैं। कप्तानगंज कस्बा से देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर तक लोगों का आवागमन होता है। लोग अपनी जरूरतों के लिए विभिन्न जगहों पर जाते हैं। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहां से रोडवेज की कोई बस सेवा नहीं है। इसका बेजा फायदा डग्गामार वाहन चालक उठाते हैं। ये यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इसका असर कस्बा के व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। निजी वाहनों से यात्रा करने में लोगों की जेब ढीली होती है।
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इतना किराया करते खर्च
स्थान दूरी किराया
कप्तानगंज से पडरौना 27 किमी 70 रुपये
कप्तानगंज से परतावल 12 किमी 30 रुपये
कप्तानगंज से गोरखपुर 40 किमी 60 रुपये
कप्तानगंज से हाटा 23 किमी 50 रुपये
कप्तानगंज से रामकोला 12 किमी 30 रुपये
कप्तानगंज से पिपराइच 17 किमी 50 रुपये
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परिचर्चा
रोडवेज बस की सेवा न होने के कारण कप्तानगंज के बाजार पर भी इसका असर पड़ रहा है। लोग यहां आने के बजाय दूसरी जगहों पर बाजार करने चले जाते हैं।
- अभय मद्धेशिया, कस्बा निवासी
कुशीनगर जनपद बनने के पूर्व देवरिया से कप्तानगंज होते हुए निचलौल तक बस जाती थी। कुशीनगर के जिला बनने के बाद से यह सुविधा खत्म हो गई। इसके बाद कोई सेवा नहीं शुरू हो सकी।
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- हरिनारायण शर्मा, कस्बा निवासी
रोडवेज की बस सेवा न होने से डग्गामार वाहनों से यात्रा करने की मजबूरी है। एक तरफ जहां अधिक किराया देना पड़ता है। वहीं, डग्गामार वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- वीरेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान, सुधियानी
मैं रोजाना गोरखपुर से आवाजाही करता हूं। रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने से निजी वाहन से आने-जाने में काफी पैसा खर्च हो जाता है। इसलिए रोडवेज की सुविधा मिलनी चाहिए।
- विनोद कुमार मिश्रा, एडवोकेट
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वर्जन
एक बस पडरौना से सुबह सात बजे कप्तानगंज होकर गोरखपुर जाती है। उधर से शाम छह बजे वह कप्तानगंज होकर पडरौना लौटती है। देवरिया और महराजगंज के लिए कोई बस सेवा नहीं है। कप्तानगंज में सवारी कम होने से वहां से देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर के लिए सीधे बस का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
बिंदू प्रसाद, एआरएम, पडरौना
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- कप्तानगंज तहसील मुख्यालय से आवागमन करने वाले यात्रियों को दिक्कत
- निजी वाहनों के संचालक वसूलते अधिक किराया, गोरखपुर जाने में होती असुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/ कप्तानगंज। कप्तागंज तहसील मुख्यालय से रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। लोग डग्गामार वाहनों से गोरखपुर, देवरिया और महराजगंज तक यात्रा करते हैं। सरकारी बस की सुविधा मुहैया नहीं होने का बेजा फायदा उठाते हुए डग्गामार वाहन चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। स्थानीय लोगों ने कप्तानगंज कस्बा से रोडवेज की बस चलाने की मांग की है।
तहसील मुख्यालय होने की वजह से कप्तानगंज कस्बा एक महत्वपूर्ण जगह है। यहां पर तहसील, रेलवे जंक्शन, पुराना नगर पंचायत और एक दर्जन से स्कूल-कॉलेज हैं। कप्तानगंज कस्बा से देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर तक लोगों का आवागमन होता है। लोग अपनी जरूरतों के लिए विभिन्न जगहों पर जाते हैं। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहां से रोडवेज की कोई बस सेवा नहीं है। इसका बेजा फायदा डग्गामार वाहन चालक उठाते हैं। ये यात्रियों से मनमाना किराया वसूलते हैं। इसका असर कस्बा के व्यापारियों पर भी पड़ रहा है। निजी वाहनों से यात्रा करने में लोगों की जेब ढीली होती है।
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इतना किराया करते खर्च
स्थान दूरी किराया
कप्तानगंज से पडरौना 27 किमी 70 रुपये
कप्तानगंज से परतावल 12 किमी 30 रुपये
कप्तानगंज से गोरखपुर 40 किमी 60 रुपये
कप्तानगंज से हाटा 23 किमी 50 रुपये
कप्तानगंज से रामकोला 12 किमी 30 रुपये
कप्तानगंज से पिपराइच 17 किमी 50 रुपये
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परिचर्चा
रोडवेज बस की सेवा न होने के कारण कप्तानगंज के बाजार पर भी इसका असर पड़ रहा है। लोग यहां आने के बजाय दूसरी जगहों पर बाजार करने चले जाते हैं।
- अभय मद्धेशिया, कस्बा निवासी
कुशीनगर जनपद बनने के पूर्व देवरिया से कप्तानगंज होते हुए निचलौल तक बस जाती थी। कुशीनगर के जिला बनने के बाद से यह सुविधा खत्म हो गई। इसके बाद कोई सेवा नहीं शुरू हो सकी।
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- हरिनारायण शर्मा, कस्बा निवासी
रोडवेज की बस सेवा न होने से डग्गामार वाहनों से यात्रा करने की मजबूरी है। एक तरफ जहां अधिक किराया देना पड़ता है। वहीं, डग्गामार वाहनों से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
- वीरेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान, सुधियानी
मैं रोजाना गोरखपुर से आवाजाही करता हूं। रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने से निजी वाहन से आने-जाने में काफी पैसा खर्च हो जाता है। इसलिए रोडवेज की सुविधा मिलनी चाहिए।
- विनोद कुमार मिश्रा, एडवोकेट
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वर्जन
एक बस पडरौना से सुबह सात बजे कप्तानगंज होकर गोरखपुर जाती है। उधर से शाम छह बजे वह कप्तानगंज होकर पडरौना लौटती है। देवरिया और महराजगंज के लिए कोई बस सेवा नहीं है। कप्तानगंज में सवारी कम होने से वहां से देवरिया, महराजगंज और गोरखपुर के लिए सीधे बस का संचालन संभव नहीं हो पा रहा है।
बिंदू प्रसाद, एआरएम, पडरौना