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Kushinagar News: कर्ज न चुका पाने की चिंता में बुजुर्ग ने जहरीला पदार्थ खाकर दी जान
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खड्डा (कुशीनगर)। बेटी की शादी और अन्य जरूरतों के लिए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लिया कर्ज चुका नहीं पाने की चिंता में मठिया बुजुर्ग गांव के एक बुजुर्ग ने बृहस्पतिवार रात जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। मृतक की पत्नी का आरोप है कि किस्त नहीं मिलने पर समूह के कर्मचारी उन्हें प्रताड़ित करते थे। इसीलिए उन्होंने ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
मठिया बुजुर्ग के रामजी प्रसाद (57) मूलरूप से नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिसवा गोइती गांव के रहने वाले थे। मठिया गांव में वह नेवासा पर रहते थे। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री है। 17 वर्षीय बेटा चंदन बाहर में रहकर मजदूरी करता है। दो पुत्र 12 वर्षीय शिवेंद्र व 10 वर्षीय शिवम घर पर रहते हैं। रामजी की पत्नी ज्ञानती ने बताया कि एक वर्ष पहले बेटी मनीषा की शादी के लिए पति ने समूह से लोन लिया था। किस्त देने व अन्य जरूरत के लिए एक और लोन लिया। इसी तरह सात कंपनियों का करीब तीन लाख से अधिक का लोन हो गया। हर हफ्ते व पखवारे तथा महीने में किस्त देनी पड़ती है। किस्त नहीं मिलने पर समूह के कर्मचारी प्रताड़ित करते हैं। इसी तनाव में उनके पति ने बृहस्पतिवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। उस समय वह घर पर नहीं थीं। घर आने पर देखा कि उनके मुंह से झाग निकल रहा है। वह परिवार के अन्य लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी तुर्कहा ले गईं, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ज्ञानती का कहना है कि वह मजदूरी करके रोज 100 रुपये कमाती है। ऐसे में बच्चों को खाना खिलाए या किस्त दे। ज्ञानती ने बताया कि पति पहले ठीक थे तो कमाते थे लेकिन, किस्त के तकादा के चलते वह नशे के आदी हो गए थे। सीओ उमेश चंद भट्ट ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मठिया बुजुर्ग के रामजी प्रसाद (57) मूलरूप से नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिसवा गोइती गांव के रहने वाले थे। मठिया गांव में वह नेवासा पर रहते थे। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री है। 17 वर्षीय बेटा चंदन बाहर में रहकर मजदूरी करता है। दो पुत्र 12 वर्षीय शिवेंद्र व 10 वर्षीय शिवम घर पर रहते हैं। रामजी की पत्नी ज्ञानती ने बताया कि एक वर्ष पहले बेटी मनीषा की शादी के लिए पति ने समूह से लोन लिया था। किस्त देने व अन्य जरूरत के लिए एक और लोन लिया। इसी तरह सात कंपनियों का करीब तीन लाख से अधिक का लोन हो गया। हर हफ्ते व पखवारे तथा महीने में किस्त देनी पड़ती है। किस्त नहीं मिलने पर समूह के कर्मचारी प्रताड़ित करते हैं। इसी तनाव में उनके पति ने बृहस्पतिवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। उस समय वह घर पर नहीं थीं। घर आने पर देखा कि उनके मुंह से झाग निकल रहा है। वह परिवार के अन्य लोगों की मदद से उन्हें सीएचसी तुर्कहा ले गईं, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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ज्ञानती का कहना है कि वह मजदूरी करके रोज 100 रुपये कमाती है। ऐसे में बच्चों को खाना खिलाए या किस्त दे। ज्ञानती ने बताया कि पति पहले ठीक थे तो कमाते थे लेकिन, किस्त के तकादा के चलते वह नशे के आदी हो गए थे। सीओ उमेश चंद भट्ट ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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