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इराक में फंसे लोगों को स्वदेश बुलाने की लगाई गुहार
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इराक में फंसे लोगों को स्वदेश बुलाने की गुहार
खड्डा क्षेत्र के कई युवक वीजा की अवधि समाप्त होने से फंसे हैं
खड्डा(कुशीनगर)। तहसील क्षेत्र के कई युवा बीजा की अवधि समाप्त होने के चलते इराक में फंस गए हैं। इससे चिंतित उनके परिजनों ने सांसद से स्वदेश बुलाने की गुहार लगाई है।
खड्डा क्षेत्र के मदनपुर निवासी बबलू, निरंजन, सतेंद्र भेड़ीहारी निवासी सूर्यभान, राजेंद्र, अशोक, रत्नेश, झबू, धनेश, अरविंद, राकेश, चंद्रशेखर, सतीश, रामभवन और पकड़ियार बाजार निवासी धर्मेंद्र, सुखारी, चंद्रभूषण आदि रोजी-रोटी की तलाश में इराक जाकर एक कंपनी में काम कर रहे थे। वहां उनका बीजा समाप्त हो गया। इसी बीच कुछ युवक घर आने के लिए कंपनी में पत्र दिया था, कंपनी ने कहा कि उनका बीजा पासपोर्ट में लग गया है। जब युवक एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां की पुलिस ने पासपोर्ट पर एक मुहर लगा दिया। इसके बाद वे लोग लौट गए। बाद तें पता चला कि वे किसी भी देश में नहीं जा सकते। वहां की पुलिस ने कागज में उन्हें अपराधी बना दिया है। उधर, इराक में फंसे युवकों ने फोन पर बताया कि उन्होंने कंपनी मालिक से बीजा विस्तार की बात की, लेकिन वह तैयार नहीं है। इसके बाद कंपनी ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। कुछ युवक अपने कमरें में छिपे हैं। युवकों ने यह भी बताया कि कुशीनगर के करीब साढ़े तीन हजार युवक वहां फंसे हैं। इससे चिंतित उनके परिजन सांसद से गुहार लगाते हुए उन्हें स्वदेश लौटने की मांग की गई।
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खड्डा क्षेत्र के कई युवक वीजा की अवधि समाप्त होने से फंसे हैं
खड्डा(कुशीनगर)। तहसील क्षेत्र के कई युवा बीजा की अवधि समाप्त होने के चलते इराक में फंस गए हैं। इससे चिंतित उनके परिजनों ने सांसद से स्वदेश बुलाने की गुहार लगाई है।
खड्डा क्षेत्र के मदनपुर निवासी बबलू, निरंजन, सतेंद्र भेड़ीहारी निवासी सूर्यभान, राजेंद्र, अशोक, रत्नेश, झबू, धनेश, अरविंद, राकेश, चंद्रशेखर, सतीश, रामभवन और पकड़ियार बाजार निवासी धर्मेंद्र, सुखारी, चंद्रभूषण आदि रोजी-रोटी की तलाश में इराक जाकर एक कंपनी में काम कर रहे थे। वहां उनका बीजा समाप्त हो गया। इसी बीच कुछ युवक घर आने के लिए कंपनी में पत्र दिया था, कंपनी ने कहा कि उनका बीजा पासपोर्ट में लग गया है। जब युवक एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां की पुलिस ने पासपोर्ट पर एक मुहर लगा दिया। इसके बाद वे लोग लौट गए। बाद तें पता चला कि वे किसी भी देश में नहीं जा सकते। वहां की पुलिस ने कागज में उन्हें अपराधी बना दिया है। उधर, इराक में फंसे युवकों ने फोन पर बताया कि उन्होंने कंपनी मालिक से बीजा विस्तार की बात की, लेकिन वह तैयार नहीं है। इसके बाद कंपनी ने उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। कुछ युवक अपने कमरें में छिपे हैं। युवकों ने यह भी बताया कि कुशीनगर के करीब साढ़े तीन हजार युवक वहां फंसे हैं। इससे चिंतित उनके परिजन सांसद से गुहार लगाते हुए उन्हें स्वदेश लौटने की मांग की गई।
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