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Kushinagar News: बिजली संकट से मिलेगी मुक्ति, 'बिजनेस प्लान' से चमकेगी बिजली व्यवस्था
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पडरौना। गर्मी में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहे कुशीनगर जिले के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। जिले की चरमराई बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए वर्ष 2026-27 के ''बिजनेस प्लान'' के तहत करीब 69 करोड़ के बजट को मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत जिले में दो नए बिजली उपकेंद्रों के निर्माण के साथ-साथ 110 नए ट्रांसफाॅर्मरों स्थापित किए जाएगी। बिजली निगम ने इसके लिए निविदाएं भी जारी कर दी हैं, ताकि जुलाई तक प्रक्रिया पूरी कर जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जा सके। बिजली निगम की इस बड़ी पहल से पडरौना, कसया, हाटा और सेवरही के लाखों उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
बिजली कटौती की सबसे बड़ी वजह बनने वाले ओवरलोडिंग के समस्या को दूर करने के लिए जिले में बड़े पैमाने पर काम होगा। जिले में वर्तमान में चल रहे 25 से 63 केवीए और 63 से 100 केवीए क्षमता के 299 ट्रांसफाॅर्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। लोड को बांटने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 110 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। लंबी लाइनों और अतिरिक्त लोड को कम करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। कसया और पडरौना डिवीजन में 33/11 केवी के दो नए बिजली उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 5 एमवीए होगी। इससे लंबी लाइनों से होने वाला फॉल्ट कम होगा। जिले के पांच ओवरलोडेड उपकेंद्रों को चिह्नित किया गया है, जिनकी कार्यक्षमता अब दोगुनी की जाएगी। इनमें कसया के दो, पडरौना का एक और हाटा के दो उपकेंद्र शामिल हैं।
हाटा क्षेत्र में करीब 5.50 करोड़ की लागत से नई 33 केवी लाइन का निर्माण होगा। इसमें नए पोल, इंसुलेटर और नए कंडक्टर तार खींचे जाएंगे, जिससे नए उपभोक्ताओं को आसानी से कनेक्शन मिल सकेंगे। पडरौना में 1.66 करोड़ और हाटा में 28 लाख की लागत से नई 11 केवी लाइनों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्य बिजली घर से नजदीकी सब-स्टेशनों को जोड़ने वाली 33 केवी लिंक लाइन के लिए पडरौना में 1.82 करोड़ और हाटा में 10.50 लाख खर्च किए जाएंगे। जब बिजली की हाईवोल्टेज लाइनें रेलवे ट्रैक या नेशनल हाईवे को पार करती हैं तो सुरक्षा सबसे अहम होती है। इसके तहत कसया क्षेत्र में 25 लाख की लागत से बेहद मजबूत और ऊंचे टावर व खंभे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा मानकों के तहत सुरक्षित क्रॉसिंग सुनिश्चित की जा सके।
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2.54 करोड़ से बदलेंगे जर्जर तार
कसया, पडरौना, हाटा और सेवरही में पुराने, कमजोर व झुके हुए खंभों को बदलने और ढीले तारों को टाइट करने का काम होगा। पुराने तारों की जगह नए और मोटे तार लगाए जाएंगे। इसके तहत कुल नौ बड़े प्रोजेक्ट पूरे होंगे। जिसमें कसया व पडरौना में 3-3, हाटा में 2 और सेवरही में एक कार्य शामिल हैं। पडरौना में 15 और हाटा में 10 जगहों पर 1.07 करोड़ की लागत से 11 केवी के पुराने तारों को कवर्ड केबल में बदले जाएंगे, जंग लगे खंभे बदलेंगे और पेड़ों की टहनियों की छंटाई होगी ताकि आंधी-पानी में फॉल्ट न हो।
बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए बिजनेस प्लान के तहत 69 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने और नए कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जुलाई के बाद काम तेजी से शुरू होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
राकेश मोहन, अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर
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बिजली कटौती की सबसे बड़ी वजह बनने वाले ओवरलोडिंग के समस्या को दूर करने के लिए जिले में बड़े पैमाने पर काम होगा। जिले में वर्तमान में चल रहे 25 से 63 केवीए और 63 से 100 केवीए क्षमता के 299 ट्रांसफाॅर्मरों को अपग्रेड किया जाएगा। लोड को बांटने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 110 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। लंबी लाइनों और अतिरिक्त लोड को कम करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। कसया और पडरौना डिवीजन में 33/11 केवी के दो नए बिजली उपकेंद्र बनाए जाएंगे, जिनकी क्षमता 5 एमवीए होगी। इससे लंबी लाइनों से होने वाला फॉल्ट कम होगा। जिले के पांच ओवरलोडेड उपकेंद्रों को चिह्नित किया गया है, जिनकी कार्यक्षमता अब दोगुनी की जाएगी। इनमें कसया के दो, पडरौना का एक और हाटा के दो उपकेंद्र शामिल हैं।
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हाटा क्षेत्र में करीब 5.50 करोड़ की लागत से नई 33 केवी लाइन का निर्माण होगा। इसमें नए पोल, इंसुलेटर और नए कंडक्टर तार खींचे जाएंगे, जिससे नए उपभोक्ताओं को आसानी से कनेक्शन मिल सकेंगे। पडरौना में 1.66 करोड़ और हाटा में 28 लाख की लागत से नई 11 केवी लाइनों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्य बिजली घर से नजदीकी सब-स्टेशनों को जोड़ने वाली 33 केवी लिंक लाइन के लिए पडरौना में 1.82 करोड़ और हाटा में 10.50 लाख खर्च किए जाएंगे। जब बिजली की हाईवोल्टेज लाइनें रेलवे ट्रैक या नेशनल हाईवे को पार करती हैं तो सुरक्षा सबसे अहम होती है। इसके तहत कसया क्षेत्र में 25 लाख की लागत से बेहद मजबूत और ऊंचे टावर व खंभे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा मानकों के तहत सुरक्षित क्रॉसिंग सुनिश्चित की जा सके।
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2.54 करोड़ से बदलेंगे जर्जर तार
कसया, पडरौना, हाटा और सेवरही में पुराने, कमजोर व झुके हुए खंभों को बदलने और ढीले तारों को टाइट करने का काम होगा। पुराने तारों की जगह नए और मोटे तार लगाए जाएंगे। इसके तहत कुल नौ बड़े प्रोजेक्ट पूरे होंगे। जिसमें कसया व पडरौना में 3-3, हाटा में 2 और सेवरही में एक कार्य शामिल हैं। पडरौना में 15 और हाटा में 10 जगहों पर 1.07 करोड़ की लागत से 11 केवी के पुराने तारों को कवर्ड केबल में बदले जाएंगे, जंग लगे खंभे बदलेंगे और पेड़ों की टहनियों की छंटाई होगी ताकि आंधी-पानी में फॉल्ट न हो।
बिजली व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए बिजनेस प्लान के तहत 69 करोड़ की मंजूरी मिल चुकी है। ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाने और नए कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जुलाई के बाद काम तेजी से शुरू होगा, जिससे उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
राकेश मोहन, अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर