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Kushinagar News: फ्रिज का पानी बढ़ा रहा गले में संक्रमण, मरीजों की बढ़ी संख्या
Fri, 03 Jul 2026 01:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:25 AM IST
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पडरौना। फ्रिज का पानी पीने से बच्चे व बड़ों में टांसिल व कान में संक्रमण बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या में एक सप्ताह के अंदर इजाफा हुआ है। बृहस्पतिवार को ईएनटी विभाग की ओपीडी में 310 मरीज आए। 142 मरीजों के गले व कान में संक्रमण पाया गया। खासकर बच्चों में कान बहने की समस्या अधिक मिली। डाॅक्टरों ने दवा देने के साथ-साथ बचाव के लिए सुझाव दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। ठंडा या फ्रिज का पानी पीने से लोगों के गले में इंफेक्शन व टांसिल बढ़ने की समस्या हो रही है। बच्चों के कानों और गले में संक्रमण बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में आए मरीजों का डाक्टर इलाज करने के साथ-साथ बच्चों को स्नान कराने के दौरान कान में पानी जाने से बचाव करने व ऐसी दिक्कत आने पर तत्काल डाक्टर से दिखाने का सलाह दे रहे हैं।
डॉक्टर का कहना है कि ऐसे मौसम में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया व वायरस सक्रिय हो जाते हैं। इसके कारण टांसिल में सूजन, गले में दर्द, निगलने में परेशानी, बुखार और कान में संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों में कान बहने की शिकायत भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है।
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मेडिकल कॉलेज के ईएनटी के डॉ. प्रेमनारायण जायसवाल ने बताया किकई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, इससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर कान का संक्रमण सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं बार-बार होने वाला टांसिल संक्रमण बच्चों की दिनचर्या और खानपान पर भी असर डालता है। लोगों को उबला या शुद्ध पानी पीने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और गले या कान में दर्द, सूजन अथवा कान बहने जैसी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श ले।बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें और बच्चों के कान में किसी प्रकार की नुकीली वस्तु या घरेलू नुस्खे का प्रयोग करने से बचें।
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मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव लोगों को बीमार बना रहा है। ठंडा या फ्रिज का पानी पीने से लोगों के गले में इंफेक्शन व टांसिल बढ़ने की समस्या हो रही है। बच्चों के कानों और गले में संक्रमण बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार को ओपीडी में आए मरीजों का डाक्टर इलाज करने के साथ-साथ बच्चों को स्नान कराने के दौरान कान में पानी जाने से बचाव करने व ऐसी दिक्कत आने पर तत्काल डाक्टर से दिखाने का सलाह दे रहे हैं।
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डॉक्टर का कहना है कि ऐसे मौसम में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया व वायरस सक्रिय हो जाते हैं। इसके कारण टांसिल में सूजन, गले में दर्द, निगलने में परेशानी, बुखार और कान में संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। छोटे बच्चों में कान बहने की शिकायत भी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है।
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मेडिकल कॉलेज के ईएनटी के डॉ. प्रेमनारायण जायसवाल ने बताया किकई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, इससे संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर कान का संक्रमण सुनने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं बार-बार होने वाला टांसिल संक्रमण बच्चों की दिनचर्या और खानपान पर भी असर डालता है। लोगों को उबला या शुद्ध पानी पीने, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और गले या कान में दर्द, सूजन अथवा कान बहने जैसी समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श ले।बिना सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन न करें और बच्चों के कान में किसी प्रकार की नुकीली वस्तु या घरेलू नुस्खे का प्रयोग करने से बचें।