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Kushinagar News: बारिश से शहर में आफत, देहात में राहत

Thu, 04 May 2023 12:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Thu, 04 May 2023 12:38 AM IST
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rain in district
तेज हवा और बारिश में समउर बाजार कटिया मार्ग पर गिरे पेड़ से आवागमन बाधित।संवाद
दोपहर बाद तेज आंधी के साथ हुई बारिश
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खरीफ की फसल के बुआई की तैयारी में जुटे किसानों के लिए लाभदायक है
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सुबह तेज धूप के बाद बुधवार की दोपहर बाद जिले का मौसम अचानक बदल गया। करीब पौने दो बजे तेज आंधी के साथ हल्की बारिश हुई, जिससे शाम तक मौसम सुहाना बना रहा। इससे उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है।कृषि विशेषज्ञों की मानें तो खरीफ की फसल के बुआई की तैयारी में किसानों के लिए यह मौसम लाभदायक है।
बुधवार की सुबह तेज धूप हुई थी। लोग अपने दैनिक कार्यों को निपटाने के लिए घर से बाहर निकले थे। दोपहर करीब एक बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और आसमान में बादल छाने लगे। दोपहर बाद करीब पौने दो बजे मौसम बेहद खराब हो गया। तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने लगे। हवा की गति इतनी तेज थी कि दिन में ही सड़कों पर अंधेरा छा गया।
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नगर के कोतवाली रोड, रामकोला रोड, जिला मुख्यालय रोड समेत अन्य सड़कों पर वाहन चालक वाहनों की लाइट जलाकर आवागमन करते दिखे। करीब आधे घंटे तक हुई हल्की बारिश हुई। इससे शाम तक मौसम सुहाना बना रहा। इसके चलते बीते कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है।
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उधर, कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय होने वाली बारिश से खरीफ के फसलों की बुआई की तैयारी कर रहे किसानों को लाभ पहुंचेगा। किसान धान की नर्सरी समय से तैयार कर सकेंगे, जिससे धान की बुआई समय से कर सकेंगे। इसके अलावा गेहूं की मड़ाई हो जाने से खाली पड़े खेतों की जुताई कर सकेंगे, जिससे खेत में नमी बनाए रखने में मदद मिलेगी।


बारिश के बाद गहराई से करें खेत की जुताई
इस मौसम में तेज हवा चलने की संभावना अधिक रहती है। इससे लीची और आम के फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन बारिश होने से खेत में नमी बनी रहती है। इससे किसानों को लाभ होगा। बारिश होने के बाद किसानों को गेहूं की फसल से खाली पड़े खेत को गहराई से जुताई कर लेनी चाहिए। इससे खेत में मौजूद हानिकारक कीट मर जाएंगे और खेत की नमी भी बनी रहेगी। जून माह में ही धान की बुआई शुरू हो जाती है। ऐसे में इस तरह मौसम होने से किसान धान की नर्सरी की तैयारी भी कर सकेंगे।
- डॉ. बीआर मौर्या, जिला कृषि अधिकारी, कुशीनगर
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