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मदरसा में एटीएस और पुलिस ने मारा छापा, मौलवी हिरासत में
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कुशीनगरःबैरागी पट्टी गांव में एडीजी एटीएस ने मस्जिद और ईदगाह का लिया जायजा।
- फोटो : KUSHINAGAR
मदरसा में एटीएस और पुलिस ने मारा छापा, मौलवी हिरासत में
वर्ष 2013 में बैरागीपट्टी की मस्जिद में तालीम देता था यह मौलवी
अमर उजाला ब्यूरो
सेवरही (कुशीनगर)। तरयासुजान थाना क्षेत्र के दाहूगंज बाजार में संचालित मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम गरीब नवाज में शनिवार की शाम पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। वहां के आलिया के एक शिक्षक को हिरासत में ले लिया। पिछले सोमवार को बैरागीपट्टी की मस्जिद में हुए धमाके इनका तार जुड़ा होने का पुलिस को संदेह है।
अवरवा सोफीगंज गांव के बैरागीपट्टी की पिछले सोमवार को मस्जिद में हुए विस्फोट के सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बिहार सीमा के सेवरही और तरयासुजान क्षेत्र के कई अन्य मदरसे भी पुलिस के निशाने पर आ गए हैं। तरयासुजान थाने के दाहूगंज बाजार में काफी दिनों से संचालित इस्लामिया दारुल उलूम गरीब नवाज मदरसे में शनिवार की शाम पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने पहुंचकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही वर्ष 2013 तक तुर्कपट्टी थाने के बैरागीपट्टी गांव के मदरसे में तालीम दिया करता था। इतना ही नहीं, बैरागीपट्टी की मस्जिद में धमाके में शामिल वहां का एक आरोपी मौलाना का करीबी है। आरोपी मौलाना ने पुलिस के सामने भी कई अहम राज का खुलासा किया। इसके आधार पर पुलिस ने दाहूगंज के मदरसे से मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही को हिरासत में लिया है।
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जानकारों का कहना है कि इस मदरसे में पश्चिम बंगाल के बड़ी संख्या में बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। और तो और बिहार के किशनगंज सहित बंगाल के दर्जनों जिलों से यतीम बच्चों के नाम पर बिहार बार्डर के तमकुहीराज सर्किल के थानों में संचालित मदरसों में यतीम बच्चे आज भी मौजूद हैं। ऐसे में इन बच्चों को तालीम देने के नाम पर बाहरी मौलानाओं की बड़ी खेप इन दिनों कुशीनगर के कई मदरसों में मौजूद है। इनकी जांच पड़ताल अब जरूरी हो गई है।
इस संबंध में तरयासुजान थाने के एसओ कमलेश सिंह ने बताया कि पूछताछ के लिए मौलाना को हिरासत में लिया गया है। उसके बारे में विस्तारपूर्वक वह अभी नहीं बता सकते। बात चाहे जो भी हो, लेकिन पुलिस की छापेमारी से एकबार फिर से बिहार बार्डर से जुड़े ये मदरसे संदेह के घेरे में आ गए हैं।
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वर्ष 2013 में बैरागीपट्टी की मस्जिद में तालीम देता था यह मौलवी
अमर उजाला ब्यूरो
सेवरही (कुशीनगर)। तरयासुजान थाना क्षेत्र के दाहूगंज बाजार में संचालित मदरसा इस्लामिया दारुल उलूम गरीब नवाज में शनिवार की शाम पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। वहां के आलिया के एक शिक्षक को हिरासत में ले लिया। पिछले सोमवार को बैरागीपट्टी की मस्जिद में हुए धमाके इनका तार जुड़ा होने का पुलिस को संदेह है।
अवरवा सोफीगंज गांव के बैरागीपट्टी की पिछले सोमवार को मस्जिद में हुए विस्फोट के सभी सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद बिहार सीमा के सेवरही और तरयासुजान क्षेत्र के कई अन्य मदरसे भी पुलिस के निशाने पर आ गए हैं। तरयासुजान थाने के दाहूगंज बाजार में काफी दिनों से संचालित इस्लामिया दारुल उलूम गरीब नवाज मदरसे में शनिवार की शाम पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने पहुंचकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रहने वाले मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही को हिरासत में ले लिया।
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बताया जा रहा है कि मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही वर्ष 2013 तक तुर्कपट्टी थाने के बैरागीपट्टी गांव के मदरसे में तालीम दिया करता था। इतना ही नहीं, बैरागीपट्टी की मस्जिद में धमाके में शामिल वहां का एक आरोपी मौलाना का करीबी है। आरोपी मौलाना ने पुलिस के सामने भी कई अहम राज का खुलासा किया। इसके आधार पर पुलिस ने दाहूगंज के मदरसे से मौलाना मोहम्मद सफीक मिस्वाही को हिरासत में लिया है।
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जानकारों का कहना है कि इस मदरसे में पश्चिम बंगाल के बड़ी संख्या में बच्चे तालीम हासिल कर रहे हैं। और तो और बिहार के किशनगंज सहित बंगाल के दर्जनों जिलों से यतीम बच्चों के नाम पर बिहार बार्डर के तमकुहीराज सर्किल के थानों में संचालित मदरसों में यतीम बच्चे आज भी मौजूद हैं। ऐसे में इन बच्चों को तालीम देने के नाम पर बाहरी मौलानाओं की बड़ी खेप इन दिनों कुशीनगर के कई मदरसों में मौजूद है। इनकी जांच पड़ताल अब जरूरी हो गई है।
इस संबंध में तरयासुजान थाने के एसओ कमलेश सिंह ने बताया कि पूछताछ के लिए मौलाना को हिरासत में लिया गया है। उसके बारे में विस्तारपूर्वक वह अभी नहीं बता सकते। बात चाहे जो भी हो, लेकिन पुलिस की छापेमारी से एकबार फिर से बिहार बार्डर से जुड़े ये मदरसे संदेह के घेरे में आ गए हैं।