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Kushinagar News: रास्ते के लिए महिला का शव रखकर 10 घंटे किया प्रदर्शन
Tue, 04 Nov 2025 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Tue, 04 Nov 2025 12:42 AM IST
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धुआटीकर में ग्रामीणों को समझाती पुलिस। स्रोत-सोशल मीडिया
रामकोला। क्षेत्र के धुआंटीकर गांव (चित्रगुप्त नगर दलित बस्ती) के लोगों ने सोमवार सुबह अचानक रास्ते की मांग को लेकर गांव की एक महिला का शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे कप्तानगंज तहसीलदार ने जल्द ही जरूरी कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। तब करीब दस घंटे बाद लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि पहले जो आम रास्ता था करीब तीन साल पहले उसे एक व्यक्ति ने बंद कर दिया है। उसने दूसरा रास्ता देने का आश्वासन दिया था पर अब तक नहीं मिला। इससे गांव बाहर जाने-आने के लिए एक संकरी गली ही है। इससे काफी परेशानी होती है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि दलित बस्ती की एकमात्र मुख्य सड़क को तीन साल से गांव के व्यक्ति ने बंद कर रखा है। रास्ता बंद करते समय मोहल्ले के लोगों को दूसरा रास्ता देने का वादा किया था, लेकिन आज तक उन्हें रास्ता नहीं मिला। रास्ता नहीं होने से शव या अन्य वाहन उनके टोले में न आता है और निकलता है।
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रविवार को मोहल्ले की 35 वर्षीय रिंकी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार की सुबह गांव के लोग शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो संकरे रास्ते के कारण परेशानी हुई। इसी से नाराज लोगों ने ने शव वहीं रखकर प्रदर्शन करने लगे।
इसकी जानकारी मिलते ही तहसीलदार चंदन शर्मा, उप निरीक्षक श्यामलाल निषाद वहां पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मोहल्ले के लोगों को शीघ्र रास्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।
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प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि पहले जो आम रास्ता था करीब तीन साल पहले उसे एक व्यक्ति ने बंद कर दिया है। उसने दूसरा रास्ता देने का आश्वासन दिया था पर अब तक नहीं मिला। इससे गांव बाहर जाने-आने के लिए एक संकरी गली ही है। इससे काफी परेशानी होती है।
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प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि दलित बस्ती की एकमात्र मुख्य सड़क को तीन साल से गांव के व्यक्ति ने बंद कर रखा है। रास्ता बंद करते समय मोहल्ले के लोगों को दूसरा रास्ता देने का वादा किया था, लेकिन आज तक उन्हें रास्ता नहीं मिला। रास्ता नहीं होने से शव या अन्य वाहन उनके टोले में न आता है और निकलता है।
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रविवार को मोहल्ले की 35 वर्षीय रिंकी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार की सुबह गांव के लोग शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाने लगे तो संकरे रास्ते के कारण परेशानी हुई। इसी से नाराज लोगों ने ने शव वहीं रखकर प्रदर्शन करने लगे।
इसकी जानकारी मिलते ही तहसीलदार चंदन शर्मा, उप निरीक्षक श्यामलाल निषाद वहां पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मोहल्ले के लोगों को शीघ्र रास्ता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।