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खराब मिड-डे मील पर भड़के
kushinagar
Updated Sat, 23 Jul 2016 11:00 PM IST
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- फोटो : santosh verma
दुदही। क्षेत्र के मिश्रौली प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील के तहत शनिवार को अरहर की जगह मसूर की दाल और निम्र क्वालिटी का चावल बनते देख अभिभावकों का धैर्य टूट गया। अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। एसडीआई ने फोन पर ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद अभिभावकों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।
प्राथमिक विद्यालय मिश्रौली में 171 बच्चों का नामांकन है। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप था कि शनिवार को 61 बच्चे आए थे। उनके लिए चावल, दाल बनाया जाना था। मेनू के अनुसार अरहर की दाल बनाई जानी थी, लेकिन इतने बच्चों में केवल 250 ग्राम मसूर की दाल और पांच किलोग्राम घटिया किस्म का चावल, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे, बनाई जा रही थी। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो काफी संख्या में विद्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे।
प्रधानाध्यापक ने इसकी सूचना एसडीआई को दी। एसडीआई ने दो अन्य अध्यापकों को भेजकर जांच कराई तो आरोप सही मिला। उसके बाद एसडीआई ने नाराज लोगों को फोन पर ही कार्रवाई का आश्वासन दे दिया। एसडीआई के न आने की उम्मीद देख उन्हें प्रदर्शन बंद करना पड़ा। इस दौरान नरेश, भगत, त्रिलोकी, जीऊत, श्यामसुंदर, चंद्रदेव, विजुल, अनवत, केदार, देवराज, पप्पू, शंभू आदि मौजूद थे।
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इस संबंध में एसडीआई अजय तिवारी का कहना था कुछ अध्यापकों को विद्यालय में भेजा गया था। अभिभावकों का आरोप सही था। उस चावल-दाल को पैक कराकर रखवा दिया गया है। दूसरा खाद्यान बाजार से खरीदकर बनवाने के लिए प्रधानाध्यापक से कहा गया है।
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प्राथमिक विद्यालय मिश्रौली में 171 बच्चों का नामांकन है। प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का आरोप था कि शनिवार को 61 बच्चे आए थे। उनके लिए चावल, दाल बनाया जाना था। मेनू के अनुसार अरहर की दाल बनाई जानी थी, लेकिन इतने बच्चों में केवल 250 ग्राम मसूर की दाल और पांच किलोग्राम घटिया किस्म का चावल, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे, बनाई जा रही थी। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो काफी संख्या में विद्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे।
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प्रधानाध्यापक ने इसकी सूचना एसडीआई को दी। एसडीआई ने दो अन्य अध्यापकों को भेजकर जांच कराई तो आरोप सही मिला। उसके बाद एसडीआई ने नाराज लोगों को फोन पर ही कार्रवाई का आश्वासन दे दिया। एसडीआई के न आने की उम्मीद देख उन्हें प्रदर्शन बंद करना पड़ा। इस दौरान नरेश, भगत, त्रिलोकी, जीऊत, श्यामसुंदर, चंद्रदेव, विजुल, अनवत, केदार, देवराज, पप्पू, शंभू आदि मौजूद थे।
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इस संबंध में एसडीआई अजय तिवारी का कहना था कुछ अध्यापकों को विद्यालय में भेजा गया था। अभिभावकों का आरोप सही था। उस चावल-दाल को पैक कराकर रखवा दिया गया है। दूसरा खाद्यान बाजार से खरीदकर बनवाने के लिए प्रधानाध्यापक से कहा गया है।