{"_id":"61b625b588ff6a6cba340a65","slug":"problem-in-karmani-new-phc-kushinagar-news-gkp4196343140","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर अस्पताल में संचालित हो रहा पीएचसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर अस्पताल में संचालित हो रहा पीएचसी
विज्ञापन
करमैनी के जर्जर न्यू प्रथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उगी झाड़ियां।संवाद।
- फोटो : KUSHINAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जर्जर अस्पताल में संचालित हो रहा पीएचसी
- स्वास्थ्यकर्मियों के आवास भी हो गए हैं जर्जर
- झाड़ियों की वजह से कीड़े-मकोड़ों का रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
उजारनाथ। तमकुही क्षेत्र के करमैनी स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झाड़ियों से पट गया है। इससे कीटों का डर बना रहता है। इस न्यू पीएचसी का भवन सहित कर्मचारियों के आवास भी जर्जर हो गए हैं। इसके अलावा पेयजल का इंतजाम न होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
करमैनी, मंगलपुरा, सपही बुजुर्ग, देवरिया वृत्त, भेलया, कोरया, सिंदुरिया बुजुर्ग, अमरवा, मठिया, पकड़ी गोसाईं, जवार भैंसहा सहित 30 गांवों के बीच स्थित यह एकमात्र नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस परिसर में ही आयुर्वेदिक अस्पताल का संचालन भी होता है। यहां प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल का भवन तो जर्जर हालत में है। इसके अलावा डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टॉफ नर्स और वार्ड ब्वॉय के आवास भी जर्जर हालत में हैं। इस अस्पताल की चहारदीवारी न होने के कारण बाहरी लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा रहता है। इस अस्पताल की खिड़कियां भी टूट गई हैं। यहां शौचालय न होने से लोगों को परेशानी होती है।
इसके अलावा हैंडपंप भी खराब है। इस संबंध में तमकुहीराज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है अभी बजट नहीं आया है। बजट आने पर पीएचसी के भवन का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
- स्वास्थ्यकर्मियों के आवास भी हो गए हैं जर्जर
- झाड़ियों की वजह से कीड़े-मकोड़ों का रहता है डर
संवाद न्यूज एजेंसी
उजारनाथ। तमकुही क्षेत्र के करमैनी स्थित नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झाड़ियों से पट गया है। इससे कीटों का डर बना रहता है। इस न्यू पीएचसी का भवन सहित कर्मचारियों के आवास भी जर्जर हो गए हैं। इसके अलावा पेयजल का इंतजाम न होने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी होती है।
करमैनी, मंगलपुरा, सपही बुजुर्ग, देवरिया वृत्त, भेलया, कोरया, सिंदुरिया बुजुर्ग, अमरवा, मठिया, पकड़ी गोसाईं, जवार भैंसहा सहित 30 गांवों के बीच स्थित यह एकमात्र नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस परिसर में ही आयुर्वेदिक अस्पताल का संचालन भी होता है। यहां प्रतिदिन लगभग 100 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। अस्पताल का भवन तो जर्जर हालत में है। इसके अलावा डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टॉफ नर्स और वार्ड ब्वॉय के आवास भी जर्जर हालत में हैं। इस अस्पताल की चहारदीवारी न होने के कारण बाहरी लोगों का बेरोकटोक आना जाना लगा रहता है। इस अस्पताल की खिड़कियां भी टूट गई हैं। यहां शौचालय न होने से लोगों को परेशानी होती है।
विज्ञापन
इसके अलावा हैंडपंप भी खराब है। इस संबंध में तमकुहीराज सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है अभी बजट नहीं आया है। बजट आने पर पीएचसी के भवन का निर्माण कराया जाएगा।
विज्ञापन