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Kushinagar News: एपी बांध के तीन ठोकरों पर बढ़ता जा रहा दबाव
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जवही दयाल मे ठोकर पर कटान का खतरा बरकरार।संवाद
तमकुहीरोड। बाढ़ के खतरे के अलर्ट से उबरने के बाद भी एपी बांध पर जवही दयाल के दो ठोकर सहित बाघाचौर और अहिरौलीदान के ठोकरों पर पानी का दबाव बना हुआ है। बाढ़ बुधवार को अलर्ट को देखते हुए चारों संवेदनशील स्थानों पर देर रात तक बचाव सामग्री एकत्र करने के साथ बांध की निगरानी में जुटा रहा। डिस्चार्ज में वृद्धि नहीं होने से प्रशासन और आम लोगों ने राहत की सांस ली है।
लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर घटने पर एक बार फिर कटान शुरू हो सकता है। सेवरही क्षेत्र में करीब 17 किमी की लंबाई में बहने वाली नारायणी (गंडक) नदी के तटबंधों पर बुधवार को गंडक नदी में वाल्मीकि नगर बैराज से रात में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद बाढ़ खंड के अभियंताओं के हाथ-पांव फूल गए थे। कारण कि एपी बांध पर अहिरौलीदान में किमी 13.980 पर 11.86 करोड़ की लागत से बने ठोकर को पहले से ही नदी के निशाने पर है। इस ठोकर के नोज का 15 से 20 मीटर हिस्सा धंस चुका है और उसमें दरार पड़ गई है। यहां बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जाने से ठोकर का वजूद खतरे में है।
बाघाचौर में किमी 10.518 पर 6.82 करोड़ की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया था। यहां भी एक सप्ताह से ठोकर के अपस्ट्रीम में लगातार कटान हो रहा है। ठोकर के अप स्ट्रिम में 20-25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। यही नहीं, नदी के दबाव के चलते जवही दयाल में किमी 3.500 और किमी 4.000 स्थित दोनों ठोकरों के नोज भी धंस चुके हैं। अलर्ट के बाद बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव व अमर श्रीवास्तव आदि की टीम इन स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने में जुट गई है। बचाव सामग्री मंगाई जा रही है। लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर घटने पर कटान का खतरा फिर बढ़ सकता है। एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कई ठोकरों पर दबाव बना हुआ है। इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर घटने पर एक बार फिर कटान शुरू हो सकता है। सेवरही क्षेत्र में करीब 17 किमी की लंबाई में बहने वाली नारायणी (गंडक) नदी के तटबंधों पर बुधवार को गंडक नदी में वाल्मीकि नगर बैराज से रात में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद बाढ़ खंड के अभियंताओं के हाथ-पांव फूल गए थे। कारण कि एपी बांध पर अहिरौलीदान में किमी 13.980 पर 11.86 करोड़ की लागत से बने ठोकर को पहले से ही नदी के निशाने पर है। इस ठोकर के नोज का 15 से 20 मीटर हिस्सा धंस चुका है और उसमें दरार पड़ गई है। यहां बचाव कार्य शुरू नहीं कराए जाने से ठोकर का वजूद खतरे में है।
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बाघाचौर में किमी 10.518 पर 6.82 करोड़ की लागत से ठोकर का निर्माण कराया गया था। यहां भी एक सप्ताह से ठोकर के अपस्ट्रीम में लगातार कटान हो रहा है। ठोकर के अप स्ट्रिम में 20-25 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। यही नहीं, नदी के दबाव के चलते जवही दयाल में किमी 3.500 और किमी 4.000 स्थित दोनों ठोकरों के नोज भी धंस चुके हैं। अलर्ट के बाद बाढ़ खंड के जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव व अमर श्रीवास्तव आदि की टीम इन स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने में जुट गई है। बचाव सामग्री मंगाई जा रही है। लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर घटने पर कटान का खतरा फिर बढ़ सकता है। एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि क्षेत्र में कई ठोकरों पर दबाव बना हुआ है। इससे निपटने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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