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अपराध की रोकथाम के लिए कानून की मदद लेना जरूरी

Wed, 23 Dec 2020 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 23 Dec 2020 11:48 PM IST
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police ki pathshala in chhitauni
अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को शपथ दिलाते खड्डा एसडीएम ? - फोटो : KUSHINAGAR
अपराध की रोकथाम के लिए कानून की मदद लेना जरूरी
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इंटर कॉलेज छितौनी में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला का हुआ आयोजन
एसडीएम ने सुनाई प्रेरक कहानी, सीओ ने कानूनी उपायों की दी जानकारी
एसओ हनुमानगंज ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कानून की मदद लेने की अपील की
संवाद न्यूज एजेंसी
छितौनी। इंटर कॉलेज छितौनी में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि एसडीएम खड्डा ने अरुणिमा सिन्हा की प्रेरक कहानी सुनाकर छात्राओं को जागरूक किया, वहीं, मुख्य वक्त सीओ खड्डा ने लड़कियों व महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों व कानूनों की जानकारी दी। एसओ हनुमानगंज ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का उपयोग करते वक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी।
मुख्य अतिथि एसडीएम खड्डा अरविन्द कुमार ने कहा कि समाज में नारी के तीन रूप होते हैं बेटी, पत्नी व मां। इनके बिना परिवार की कल्पना नहीं की जा सकती है। एसडीएम ने राष्ट्रीय खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा की कहानी सुनाते हुए कहा कि हादसे में दिव्यांग होने के बावजूद अरुणिमा ने अपने हौसले के दम पर एवरेस्ट पर चढ़ाई करने में सफलता पाई। बेटियों को डर त्यागकर अपना लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करना चाहिए। मुख्य वक्ता सीओ खड्डा शिवस्वरूप ने कहा कि महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध के लिए समाज भी कम जिम्मेदार नहीं है। परिवार से शुरू हुआ भेदभाव आगे समाज में कुरीति के रूप में प्रचलित हो जाता है। महिला प्रताड़ना की नहीं सम्मान की हकदार है। सीओ ने कहा कि लड़कियों व महिलाओं के साथ छेड़खानी व इस प्रकार की अन्य घटनाओं पर गोपनीय कार्रवाई के लिए 1090 नंबर है लेकिन इस नंबर पर कम ही सूचनाएं पहुंच पाती हैं। अगर इसका उपयोग हो तो समय रहते ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसी तरह कई अन्य मामलों में भी महिलाएं उत्पीड़न बर्दाश्त कर लेती हैं लेकिन कानूनी कार्रवाई नहीं करती हैं, जिससे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का दुस्साहस बढ़ता है। ऐसे मामलों में अगर महिलाएं तत्काल कानूनी उपायों का सहारा लें तो बड़े अपराधों को समय रहते कार्रवाई करके रोका जा सकता है।
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हनुमानगंज एसओ विभा पांडेय ने सोशल मीडिया पर एक लड़की के फोटो के साथ छेड़खानी के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल फोटो को लॉक करके रखें। इसके अलावा अपरिचित लोगों का फ्रेंड रिक्वेस्ट कत्तई स्वीकार न करें। इसके अलावा स्कूल आते-जाते समय अगर कोई पीछा करता है, अथवा चौराहे पर खड़ा रहकर छींटाकशी करता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल अपने परिजनों को सूचित करें। अगर किसी प्रकार की झिझक हो तो वे उन्हें सीयूजी नंबर पर जानकारी दें अथवा 1090 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
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इस दौरान विद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरी प्रसाद गुप्ता, प्रधानाचार्य सुशील कुमार, उप प्रधानाचार्य आकाश कुमार सिंह, शिक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, गुलाब चंद, आदर्श तिवारी, नीरज कुमार, लिपिक प्रमोद सिंह, जितेंद्र यादव, विवेक गुप्ता, महंथ मिश्र, कमरुद्दीन अंसारी, रीना देवी, दिनेश यादव, भरत यादव, श्याम सुंदर चौधरी, उपेंद्र गुप्ता, संजीव सिंह, विवेकानंद यादव, वीरेंद्र विश्वकर्मा, चांदनी श्रीवास्तव, विजय कुशवाहा, गुलाब गुप्ता, मुक्तिनाथ कुशवाहा, संजय हमददर्द, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, इकरामुल हक, नत्थू शर्मा, आनंद सिंह, राजेन्द्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।

छात्राएं बोलीं
लाडली खातून ने कहा कि बिहार बॉर्डर के इस इलाके में अक्सर ही लड़कियों व महिलाओं के उत्पीड़न कीं घटनाएं होती हैं। इस कार्यक्रम में आकर पता लगा कि किस तरह से वे कानूनी उपायों को अपनाकर उत्पीड़न से बच सकती हैं। अंजली यादव ने कहा कि 1090 नंबर की जानकारी बहुत लाभदायक रही। ग्रामीण इलाके में अभी स्कूल आते-जाते वक्त ऐसी घटनाएं होती हैं, जिसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। अब 1090 पर ऐसी जानकारी देकर खुद की सुरक्षा के साथ-साथ मनबढ़ों को सजा भी दिलाई जा सकती है। रीमा कुशवाहा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी बहुत जागरूकता की जरूरत है। तमाम लड़कियां कानूनी उपायों को अपनाने की बजाय चुप्पी साध लेती हैं। लेकिन कार्यक्रम में पता लगा कि कानूनी प्रक्रियाओं का लाभ कैसे मिल सकता है। रोशनी मद्धेशिया ने कहा कि समाज में परिवर्तन आ रहा है लेकिन अभी इसकी गति बहुत धीमी है। कानूनी तौर पर क्या अधिकार महिलाओं को है, इसके लिए यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण रहा।
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