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Kushinagar News: 1857 की क्रांति पर आधारित आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी
Wed, 19 Jul 2023 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:55 PM IST
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राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में छाया चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन करते प्रोफेसर डॉ. चंद्र प्रका
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में बुधवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अमर शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें 1857 की क्रांति पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी प्रदर्शित की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अधीन वर्षों से परतंत्रता की जंजीरों में जकडे़ भारतीय रणबांकुरों ने स्वाधीनता के लिए 10 मई 1857 को स्वतंत्रता का बिगुल फूंका।
देशभक्ति पूर्ण संघर्ष की इस वीरगाथा को समकालीन अभिलेखों एवं छायाचित्रों के माध्यम से राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में आयोजित प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शित चित्रों में मेरठ में क्रांति 10 मई 1857, औघङनाथ मंदिर में फकीर रूपी क्रान्ति के दूत को चर्बीयुक्त कारतूस के प्रयोग करने से इनकार करने पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के आदेश, भारतीय सैनिकों के सामूहिक कोर्ट मार्शल के पश्चात सभी सौनिकों को बेड़ियां पहनाकर विक्टोरिया पार्क स्थित नई जेल में कैद आदि प्रदर्शनी में आयोजित किया गया है। अंत में संग्रहालयाध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी के सभी के प्रति आभार जताया। प्रदर्शनी का संचालन तेज प्रताप शुक्ला ने किया।
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इस दौरान श्रवण कुशवाहा, गोविंद, धीरेंद्र मिश्रा, अवधेश, विपुल, महेश, अमित सिंह, वेग, मीरचंद आदि मौजूद रहे।
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कसया। राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में बुधवार को आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अमर शहीद मंगल पांडेय की जयंती पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें 1857 की क्रांति पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी प्रदर्शित की गई।
मुख्य अतिथि डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अधीन वर्षों से परतंत्रता की जंजीरों में जकडे़ भारतीय रणबांकुरों ने स्वाधीनता के लिए 10 मई 1857 को स्वतंत्रता का बिगुल फूंका।
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देशभक्ति पूर्ण संघर्ष की इस वीरगाथा को समकालीन अभिलेखों एवं छायाचित्रों के माध्यम से राजकीय बौद्ध संग्रहालय कुशीनगर में आयोजित प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रदर्शित चित्रों में मेरठ में क्रांति 10 मई 1857, औघङनाथ मंदिर में फकीर रूपी क्रान्ति के दूत को चर्बीयुक्त कारतूस के प्रयोग करने से इनकार करने पर कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के आदेश, भारतीय सैनिकों के सामूहिक कोर्ट मार्शल के पश्चात सभी सौनिकों को बेड़ियां पहनाकर विक्टोरिया पार्क स्थित नई जेल में कैद आदि प्रदर्शनी में आयोजित किया गया है। अंत में संग्रहालयाध्यक्ष अमित कुमार द्विवेदी के सभी के प्रति आभार जताया। प्रदर्शनी का संचालन तेज प्रताप शुक्ला ने किया।
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इस दौरान श्रवण कुशवाहा, गोविंद, धीरेंद्र मिश्रा, अवधेश, विपुल, महेश, अमित सिंह, वेग, मीरचंद आदि मौजूद रहे।