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Kushinagar News: नेहा की मौत से सहमे लोग, दूसरे दिन स्कूल नहीं आए बच्चे
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महुअवा जूनियर हाईस्कूल मे नही आए बच्चे और दोनों रसोईया पहुंची स्कूल।संवाद
लक्ष्मीगंज। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल महुअवा में बृहस्पतिवार को स्कूल तो खुला लेकिन बच्चे नहीं पहुंचे। यहां के प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए गए प्राथमिक विद्यालय महुअवा के प्रधानाध्यापक भी नहीं आए। बुधवार को छात्रा नेहा की संदिग्ध हालात में मौत के बाद बच्चों में दहशत का असर दूसरे दिन भी दिखाई दिया। एक भी बच्चा विद्यालय नहीं पहुंचा। विद्यालय में सिर्फ दोनों रसोइया सहदरी देवी और आरती देवी मौजूद रहीं। उनका कहना था कि वे सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल पहुंच गई थीं।
बुधवार को विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा नेहा के बेहोश होने और बाद उसकी मौत की घटना से गांव में पहले से ही सवाल खड़े हैं। गांव के लोगों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक की कमी और निगरानी व्यवस्था को लेकर लंबे समय से स्थिति ठीक नहीं थी। निलंबित किए गए शिक्षक को अब दूसरे विद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि पास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जूनियर हाईस्कूल का प्रभारी बनाया गया है।
गांव के लोगों का आरोप है कि निलंबित शिक्षक गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में सहयोगी के तौर पर काम करते हैं और अक्सर विद्यालय नहीं आते थे। विभागीय गठजोड़ के चलते जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर भी गंभीरता से ध्यान नहीं देते थे। शिक्षक के निलंबन के बाद विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राथमिक विद्यालय महुअवा के प्रधानाध्यापक आशुतोष त्रिपाठी को प्रभारी बनाया है। मामले की जांच के लिए खड्डा और पडरौना के बीईओ को संयुक्त टीम गठित की गई है। वहीं, दूसरे दिन भी नेहा के घर वाले गम में रहे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा।
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खराब शौचालय और झाड़ियों के बीच पढ़ाई की मजबूरी
लक्ष्मीगंज। जूनियर हाईस्कूल महुअवा की भौतिक स्थिति भी बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय का शौचालय महीनों से खराब बताया जा रहा है। रसोइया सहदरी देवी और आरती देवी ने बताया कि शौचालय के दरवाजे पर ईंट के टुकड़े रखे हैं और वह प्रयोग के लायक नहीं है। ऐसे में बच्चों को शौच के लिए बाहर जाने की मजबूरी होती है। विद्यालय परिसर में गेट और किनारे की तरफ झाड़ियां उगी हैं। इससे बच्चों को खेलकूद और परिसर में आने-जाने में परेशानी होती है। परिसर में बिजली का पोल भी खड़ा है। बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था इंडिया मार्का हैंडपंप से है। गांव के लोगों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर भी जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवा बिरती ठोढ़ी से संबद्ध किया गया है। जूनियर हाईस्कूल महुअवा में नामांकित विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष त्रिपाठी को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रभारी बनाया गया है। टीम अन्य आरोपों की जांच कर रही हैं। घटना के चलते बच्चे स्कूल नहीं आ सके। इसके लिए अभिभावकों को समझाने के लिए शिक्षक को निर्देश दिए गए हैं। - रजनीश कुमार द्विवेदी, बीईओ, नेबुआ नौरंगिया।
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बुधवार को विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा नेहा के बेहोश होने और बाद उसकी मौत की घटना से गांव में पहले से ही सवाल खड़े हैं। गांव के लोगों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक की कमी और निगरानी व्यवस्था को लेकर लंबे समय से स्थिति ठीक नहीं थी। निलंबित किए गए शिक्षक को अब दूसरे विद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि पास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जूनियर हाईस्कूल का प्रभारी बनाया गया है।
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गांव के लोगों का आरोप है कि निलंबित शिक्षक गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में सहयोगी के तौर पर काम करते हैं और अक्सर विद्यालय नहीं आते थे। विभागीय गठजोड़ के चलते जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों पर भी गंभीरता से ध्यान नहीं देते थे। शिक्षक के निलंबन के बाद विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्राथमिक विद्यालय महुअवा के प्रधानाध्यापक आशुतोष त्रिपाठी को प्रभारी बनाया है। मामले की जांच के लिए खड्डा और पडरौना के बीईओ को संयुक्त टीम गठित की गई है। वहीं, दूसरे दिन भी नेहा के घर वाले गम में रहे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहा।
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खराब शौचालय और झाड़ियों के बीच पढ़ाई की मजबूरी
लक्ष्मीगंज। जूनियर हाईस्कूल महुअवा की भौतिक स्थिति भी बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय का शौचालय महीनों से खराब बताया जा रहा है। रसोइया सहदरी देवी और आरती देवी ने बताया कि शौचालय के दरवाजे पर ईंट के टुकड़े रखे हैं और वह प्रयोग के लायक नहीं है। ऐसे में बच्चों को शौच के लिए बाहर जाने की मजबूरी होती है। विद्यालय परिसर में गेट और किनारे की तरफ झाड़ियां उगी हैं। इससे बच्चों को खेलकूद और परिसर में आने-जाने में परेशानी होती है। परिसर में बिजली का पोल भी खड़ा है। बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था इंडिया मार्का हैंडपंप से है। गांव के लोगों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ बच्चों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर भी जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है।
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प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर उन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवा बिरती ठोढ़ी से संबद्ध किया गया है। जूनियर हाईस्कूल महुअवा में नामांकित विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए पास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशुतोष त्रिपाठी को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत प्रभारी बनाया गया है। टीम अन्य आरोपों की जांच कर रही हैं। घटना के चलते बच्चे स्कूल नहीं आ सके। इसके लिए अभिभावकों को समझाने के लिए शिक्षक को निर्देश दिए गए हैं। - रजनीश कुमार द्विवेदी, बीईओ, नेबुआ नौरंगिया।