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Kushinagar News: जर्जर भवनों में रह रहे लोग, न रहने वालों को डर न प्रशासन को

Fri, 28 Jul 2023 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Fri, 28 Jul 2023 12:27 AM IST
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people live in damaged buldings
फोटो है।
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नगर में करीब 15 आवासीय और तीन व्यावसायिक भवन हैं जर्जर
हर बरसात में जारी होता है अलर्ट, लेकिन नहीं होती कोई सकारात्मक कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। पडरौना शहर में तिलक चौक, मछली बाजार, गुदरी बाजार, स्लाटर आउस, साहबगंज, छावनी समेत अन्य पुराने मोहल्लों में काफी पहले बने करीब 15 आवासीय और तिलक चौक व रामकोला रोड स्थित करीब तीन भवन जर्जर हो चुके हैं। इसमें से कई भवन हैं, जिनमें नीचे दुकानें और ऊपर मकान है। जब तेज आंधी और तूफान आता है, तो अगल-बगल के लोग कांप उठते हैं और घरों से बाहर निकल आते हैं। लेकिन, इन घरों और दुकानों में रहने वाले बेफिक्र हैं।
करीब दो वर्ष पहले नगर के तिलक चौक स्थित एक पुराना भवन गिर गया था। इसमें दबकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। गनीमत ती कि किसी की जान नहीं गई। इसके बाद भी अधिकारी नहीं चेते। सिर्फ मकान खाली कराने का नोटिस देकर खामोश हो गए। वहीं, जान जोखिम में डालकर लोग मौत के साए में जीने को राजी हैं।
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जानकारी के मुताबिक, तिलक चौक स्थित तीन भवन के दुकानदारों में किरायेदारी को लेकर विवाद है। यह विवाद लंबे समय से है। कम किराया होने के चलते यहां रहने वाले लोग घरों को खाली नहीं करना चाहते हैं। लेकिन, इन घरों के पड़ोसी परेशान हैं। क्योंकि अगर से घर गिरे तो नुकसान उनकी छतों को भी होगा।
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तिलक चौक स्थित खंडहर बने घर के एक पड़ोसी ने कहा कि जब भी तेज बारिश या हवा चलती है, तो परिवार के लोग सहम जाते हैं। जबकि जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत खंडहर बने घर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकका है।






जानमाल के खतरे की परवाह नहीं

तिलक चौके के पास करीब तीन जर्जर भवन हैं। शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले इलाके में शुमार तिलक चौक से रोज करीब 25 से 30 हजार लोगों की आवाजाही होती है। लेकिन हर बार बरसात में अलर्ट जारी कर सिर्फ खानापूर्ति कर ली जाती है। इन भवनों में दुकान किए लोगों को भी किसी तरह का डर नहीं है। इस चौराहे पर एक जर्जर भवन में करीब करीब छह और दूसरे में तीन दुकानें है। यहां दुकान करने वाले लोग बेफ्रिकी से व्यापार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मकान ऊपर से दिखने में जर्जर है, जबकि नींव इसकी बहुत मजबूत है। उन्हें किसी प्रकार का डर नहीं लगता।




मुझे तो डर नहीं लगता है

दुकान में लोहे का पिलर लगा है। इसी पर पूरा भवन टिका है। ऐसे में भवन ऊपर से जर्जर तो है, लेकिन असुरक्षित नहीं है। मुझे तो भूकंप या आंधी में गिरने का डर नहीं लगता है।

- अखिलेश कुमार, दुकानदार, तिलकनगर

जर्जर हो गया है पर गिरेगा नहीं

घर के ऊपर का हिस्सा जर्जर जरूर हो गया है, लेकिन इसके नीचे लोहे का गाटर लगा हुआ है। इससे इसकी नींव बहुत मजबूत है। बारिश के दौरान इसके गिरने का डर नहीं है।

- राजेश गुप्ता, दुकानदार, तिलक चौक





हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन
हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा। जब भी तेज हवा चलती है या कई दिनों तक बारिश होती है तो दुकान पर आने में डर लगता है। लेकिन नगर पालिका का कटरा होने से अपने स्तर पर उसकी मरम्मत भी नहीं कराई जा सकती है।

- अनवर, दुकानदार, तुलसी मार्केट


किसी को चिंता ही नहीं

नगर निगम या जिला प्रशासन को जर्जर भवन की चिंता ही नहीं। लंबे समय से चौराहे का भवन जर्जर है। चौराहे पर दुर्गा पूजा होती है। भीड़ भी खूब होती है। अगर यह गिर गया तो बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

- रामनाथ गुप्ता, निवासी तिलक चौक



तिलक चौक स्थित जर्जर मकानों में विवाद है। न्यायालय में मामला विचाराधीन है। ऐसे में सीधे नगर पालिका कुछ नहीं कर सकती है। रामकोला रोड स्थित जर्जर पड़े तुलसी मार्केट को नए सिरे निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके अलावा जो जर्जर आवासीय भवन स्वामियों को नोटिस भेजा गया है। उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यदि भवन स्वामी आवास के लिए आवेदन करें तो उनका आवास स्वीकृत करवा दिया जाएगा।
- विनय जायसवाल, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद पडरौना।



जनवरी से अब तक शहरी क्षेत्र में पास हुए नक्शे



पडरौना मास्टर प्लान कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक पुष्पांजलि शर्मा ने बताया कि जनवरी में 26, फरवरी में 21, मार्च में 37, अप्रैल में 35, मई में 35 और जून में 76 लोगों ने अपने घर का नक्शा पास कराया है। जुलाई माह में अब तक एक भी आवेदन नहीं आए हैं। यदि आवेदन मिलते हैं जरूरी कार्रवाई की जाएगी।






यदि आरसीसी भवन का निर्माण है, तो उसकी आयु 80 से 90 वर्ष होती है, लेकिन यदि ईंट की छत है तो उसकी आयु 40 वर्ष ही आंकी जाती है। यदि भवन की यह आयु पूरी हो गई हो तो उसमें रहने वाले लोगों को तत्काल भवन छोड़ देना चाहिए। उसमें कभी हादसा हो सकता है।

- धर्मेंद्र कन्नौजिया, जेई, आरईएस
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