{"_id":"d5429de0667f0edceb7317bb98a4e9c6","slug":"people-deprived-of-voting-retorts-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मतदान से वंचित लोगों ने नाराजगी जताई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मतदान से वंचित लोगों ने नाराजगी जताई
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Wed, 14 Oct 2015 12:06 AM IST
विज्ञापन
तुर्कपट्टी। फाजिलनगर ब्लॉक के भेलया मतदान केंद्र पर मंगलवार को द्वितीय चरण के चुनाव के दौरान 479 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। मतदान से वंचित लोगों ने बूथ पर हंगामा किया।
उनका आरोप था कि जानबूझ कर सभी लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कटवा दिया गया है। जबकि बीते लोकसभा चुनाव में सभी लोगों ने वोट डाला था। भेलया चंद्रौटा गांव में बीते लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 1641 मतदाता थे। लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस गांव के 1162 लोगों का नाम ही वोटर लिस्ट में दर्ज है। कुल 479 लोगों का नाम सूची से काट दिया गया है।
इनमें से अधिकांश लोग मंगलवार को वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचे तो उनका नाम सूची से गायब मिला। मतदान से वंचित रामलाल गुप्ता, केशवती देवी, रमाकांत तिवारी, केदार खरवार, सभाष ठाकुर आदि का कहना था कि उनके पूरे परिवार के सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। 65 वर्षीय गोविंद मिश्र ने कहा कि इस तरह की बात लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
विज्ञापन
लोगों को जानबूझ कर वोट डालने से वंचित कराया गया है। कालीचरण का कहना था कि जिला पंचायत और बीडीसी के प्रत्याशियों से वोट देने का वादा किया गया था।
मतदान नहीं करने से काफी निराशा हुई है। सुचित्रा देवी और शीलू शर्मा का कहना है कि बूथ गांव से दो किलोमीटर दूर है। कड़ी धूप में इतनी दूर पैदल चलकर आया गया।
यहां पता चला कि उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इनके अलावा कुछ ऐसे युवक थे जो पहली बार मतदान करने आए थे। लेकिन वोट नहीं डाल पाने की वजह से वह प्रशासन को कोसते रहे।
विज्ञापन
उनका आरोप था कि जानबूझ कर सभी लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कटवा दिया गया है। जबकि बीते लोकसभा चुनाव में सभी लोगों ने वोट डाला था। भेलया चंद्रौटा गांव में बीते लोकसभा चुनाव के दौरान कुल 1641 मतदाता थे। लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस गांव के 1162 लोगों का नाम ही वोटर लिस्ट में दर्ज है। कुल 479 लोगों का नाम सूची से काट दिया गया है।
विज्ञापन
इनमें से अधिकांश लोग मंगलवार को वोट डालने के लिए बूथ पर पहुंचे तो उनका नाम सूची से गायब मिला। मतदान से वंचित रामलाल गुप्ता, केशवती देवी, रमाकांत तिवारी, केदार खरवार, सभाष ठाकुर आदि का कहना था कि उनके पूरे परिवार के सदस्यों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। 65 वर्षीय गोविंद मिश्र ने कहा कि इस तरह की बात लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
विज्ञापन
लोगों को जानबूझ कर वोट डालने से वंचित कराया गया है। कालीचरण का कहना था कि जिला पंचायत और बीडीसी के प्रत्याशियों से वोट देने का वादा किया गया था।
मतदान नहीं करने से काफी निराशा हुई है। सुचित्रा देवी और शीलू शर्मा का कहना है कि बूथ गांव से दो किलोमीटर दूर है। कड़ी धूप में इतनी दूर पैदल चलकर आया गया।
यहां पता चला कि उनका नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इनके अलावा कुछ ऐसे युवक थे जो पहली बार मतदान करने आए थे। लेकिन वोट नहीं डाल पाने की वजह से वह प्रशासन को कोसते रहे।