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बसों की कमी से परेशान हुए यात्री
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:31 AM IST
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बसों की कमी से परेशान हुए यात्री
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना।होली के त्योहार में घर आए लोग शनिवार को फिर नौकरी, पढ़ाई और रोजगार की तलाश में निकल पड़े। दूसरे शहरों को जाने के लिए पडरौना बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ के चलते बसों की संख्या कम पड़ गई। शाम पांच बजे ऐसी नौबत आ गई कि गोरखपुर जाने के लिए लोग बस में धक्का-मुक्की करते नजर आए। इसके बाद भी जिन्हें जगह नहीं मिल पाई तो वे दूसरी बस का इंतजार करने लगे।
होली के त्योहार के लिए बृहस्पतिवार से ही दफ्तरों में छुट्टी हो गई थी। इस नाते बुधवार की देर शाम या बृहस्पतिवार की सुबह तक अधिकांश लोग अपने घर आ गए थे। पडरौना शहर व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग गोरखपुर समेत अन्य बड़े शहरों में नौकरी, बच्चों की पढ़ाई या अन्य कार्यों के चलते रहते हैं। उनमें से अधिकांश लोग शुक्रवार को होली का त्योहार मनाने के बाद शनिवार को ही वापस लौटने लगे थे। पडरौना से दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए ट्रेन की सुविधा नहीं होने के चलते अधिकांश लोगों को गोरखपुर जाना पड़ता है। इसलिए रोडवेज बस स्टेशन में गोरखपुर के लिए बस पकड़ने वालों की संख्या बढ़ जाती है।
शनिवार को सुबह से बस स्टेशन परिसर में यात्रियों की संख्या दिखने लगी थी। दोपहर बाद पडरौना से गोरखपुर जाने के लिए बसें कम पड़ने लगीं। शाम पांच बजे तो हालात ऐसे हो गए कि बस में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जैसे-जैसे वक्त बढ़ रहा था लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही थी। गोरखपुर की बस नहीं मिलती तो लोग कसया के लिए ही दूसरे वाहनों की तलाश में जुट जा रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कसया से गोरखपुर के लिए सवारी मिल जाएगी।बस स्टेशन पर गोरखपुर के लिए बस का इंतजार कर रहे राहुल सिंह, मनोज सिंह, ओमप्रकाश, सुरेश, मनोज कुमार, बबलू, मारकंडेय आदि का कहना था कि रोडवेज को अतिरिक्त बसों का इंतजाम करना चाहिए था।
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होली के त्योहार के लिए बृहस्पतिवार से ही दफ्तरों में छुट्टी हो गई थी। इस नाते बुधवार की देर शाम या बृहस्पतिवार की सुबह तक अधिकांश लोग अपने घर आ गए थे। पडरौना शहर व आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग गोरखपुर समेत अन्य बड़े शहरों में नौकरी, बच्चों की पढ़ाई या अन्य कार्यों के चलते रहते हैं। उनमें से अधिकांश लोग शुक्रवार को होली का त्योहार मनाने के बाद शनिवार को ही वापस लौटने लगे थे। पडरौना से दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों के लिए ट्रेन की सुविधा नहीं होने के चलते अधिकांश लोगों को गोरखपुर जाना पड़ता है। इसलिए रोडवेज बस स्टेशन में गोरखपुर के लिए बस पकड़ने वालों की संख्या बढ़ जाती है।
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शनिवार को सुबह से बस स्टेशन परिसर में यात्रियों की संख्या दिखने लगी थी। दोपहर बाद पडरौना से गोरखपुर जाने के लिए बसें कम पड़ने लगीं। शाम पांच बजे तो हालात ऐसे हो गए कि बस में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जैसे-जैसे वक्त बढ़ रहा था लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही थी। गोरखपुर की बस नहीं मिलती तो लोग कसया के लिए ही दूसरे वाहनों की तलाश में जुट जा रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कसया से गोरखपुर के लिए सवारी मिल जाएगी।बस स्टेशन पर गोरखपुर के लिए बस का इंतजार कर रहे राहुल सिंह, मनोज सिंह, ओमप्रकाश, सुरेश, मनोज कुमार, बबलू, मारकंडेय आदि का कहना था कि रोडवेज को अतिरिक्त बसों का इंतजाम करना चाहिए था।
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