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एक पैन नंबर पर पांच जिलों में पढ़ा रहे शिक्षक
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एक पैन नंबर पर पांच जिलों में पढ़ा रहे शिक्षक
पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की जांच शुरू होते ही खलबली मच गई है। शुरुआती जांच में ही गड़बड़ी सामने आने लगी है। जिले में पांच शिक्षक ऐसे मिले हैं जिनका पैनकार्ड नंबर दूसरे जनपद में भी इसी नाम से कार्यरत शिक्षकों के पास है। बीएसए कार्यालय ने इन शिक्षकों को अपना संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा परिषद में वर्ष 2010 से कार्यरत सभी शिक्षकों का सत्यापन कराया जा रहा है। विभाग ने पहली बार अभिलेखों के साथ-साथ शिक्षकों के निवास स्थान को भी प्रमाणित कराने के लिए आधार कार्ड व पैन कार्ड का सत्यापन शुरू कराया है। शिक्षकों का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन भी किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान विभाग के संज्ञान में आया है कि इस जनपद में कार्यरत पांच शिक्षक ऐसे हैं जिनका पैन नंबर दूसरे जनपद में कार्यरत शिक्षकों से मेल खाता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एक समान पैन नंबर वाले इन पांच अध्यापकों के बारे में गहनता से छानबीन कराई जा रही है। शिक्षकों से समस्त अभिलेखों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शिक्षक
जिले में फर्जी शिक्षकों के पकड़े जाने के पहले भी कई केस सामने आ चुके हैं। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि बीते जनवरी में भी जिले में चार फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। चारों के शैक्षिक अभिलेखों में गड़बड़ी पकड़ी गई थी। जांच में धांधली की पुष्टि होने पर चारों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इससे पहले भी जिले में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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पडरौना। बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों की जांच शुरू होते ही खलबली मच गई है। शुरुआती जांच में ही गड़बड़ी सामने आने लगी है। जिले में पांच शिक्षक ऐसे मिले हैं जिनका पैनकार्ड नंबर दूसरे जनपद में भी इसी नाम से कार्यरत शिक्षकों के पास है। बीएसए कार्यालय ने इन शिक्षकों को अपना संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा परिषद में वर्ष 2010 से कार्यरत सभी शिक्षकों का सत्यापन कराया जा रहा है। विभाग ने पहली बार अभिलेखों के साथ-साथ शिक्षकों के निवास स्थान को भी प्रमाणित कराने के लिए आधार कार्ड व पैन कार्ड का सत्यापन शुरू कराया है। शिक्षकों का पूरा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन भी किया जा रहा है। सत्यापन के दौरान विभाग के संज्ञान में आया है कि इस जनपद में कार्यरत पांच शिक्षक ऐसे हैं जिनका पैन नंबर दूसरे जनपद में कार्यरत शिक्षकों से मेल खाता है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि एक समान पैन नंबर वाले इन पांच अध्यापकों के बारे में गहनता से छानबीन कराई जा रही है। शिक्षकों से समस्त अभिलेखों की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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पहले भी पकड़े जा चुके हैं फर्जी शिक्षक
जिले में फर्जी शिक्षकों के पकड़े जाने के पहले भी कई केस सामने आ चुके हैं। बीएसए विमलेश कुमार ने बताया कि बीते जनवरी में भी जिले में चार फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। चारों के शैक्षिक अभिलेखों में गड़बड़ी पकड़ी गई थी। जांच में धांधली की पुष्टि होने पर चारों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इससे पहले भी जिले में फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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