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Kushinagar News: अघोषित बिजली कटौती से रोष, आंदोलन की चेतावनी

Thu, 24 Sep 2026 02:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:42 AM IST
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Outrage over unscheduled power cuts; warning of agitation.
पकवा इनार। कसया क्षेत्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती से परेशान गोपालगढ़ फीडर के उपभोक्ताओं ने बुधवार को अधीक्षण अभियंता को मांग पत्र सौंपा। समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। चेतावनी दी कि कटौती बंद नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य आशिक अली की अगुवाई में गोपालगढ़ फीडर पहुंचे लोगों ने कहा कि करीब एक माह से दिन-रात अघोषित कटौती की जा रही है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी में लोग बेहाल हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। गोपालगढ़ और संबंधित फीडर क्षेत्र में हो रही अघोषित कटौती तत्काल बंद कराने की मांग की गई। उपभोक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी उपभोक्ता एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य जितेंद्र कुशवाहा, गोलू सिंह, अभिनाश सिंह, चंदन सिंह, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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बिजली का तार टूटने से सात घंटे गुल रही बिजली

तमकुहीरोड। मंगलवार की रात करीब दो बजे 33 हजार केवी के तार में ब्रेक डाउन से क्षेत्र के गांव में सात घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बुधवार की सुबह बिजली कर्मियों ने ब्रेक डाउन को सही कर सुबह करीब नौ बजे बिजली आपूर्ति बहाल कराई। तरयासुजान उपकेंद्र के कोइंदी फीडर से सुमही संतपट्टी, महाबीर नगर, दवनहा, गौरी नगर, मेहदिया, तरया पश्चिम, शुक्ल टोला, पथरवा, चखनी, कतौरा, गौरी इब्राहिम, धूमपट्टी सहित करीब 100 गांवों में आपूर्ति की जाती है।
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इन गांवों से गुजरने वाले बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। हर दिन तार टूटने की समस्या बनी रहती है। मंगलवार की रात करीब दो बजे 33 हजार केवी के तार में ब्रेक डाउन हो गया। इससे क्षेत्र के आसपास के दर्जनों गांव में सात घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बुधवार की सुबह नौ बजे बिजली कर्मियों ने फाल्ट सही कर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कराई। संवाद
बिजली कटौती ने किया बेहाल,. टहलकर गुजर रही रात

रहसू बाजार। उमसभरी गर्मी के बीच बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई गांवों में बेहिसाब कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रात में बिजली गुल रहने से लोग सड़कों पर समय बिताने को मजबूर हैं। नदवाबिशुनपुर, धौरहरा, माधोपुर, रहबू सुमाली पट्टी, वेइली, रहसू जनूबी पट्टी, कोटवा करजही,सरैया महंथ पट्टी, अमवा श्रीदूबे, धनहा समेत कई गावों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। रात में बिजली न रहने से लोग सड़कों या खुले स्थानों पर टहलकर रात गुजार रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान दे रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी और बिजली संकट से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई-कई घंटों तक नहीं, बल्कि लगभग पूरे दिन बिजली गुल रहती है। सत्यम सिंह, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, जितेन्द्र सिंह, अरुण सिंह, हरेराम सिंह, इरफान अली, संतोष सैनी, कुंदन कुमार, अरुण गुप्ता, विनोद शर्मा का कहना है,कि बिजली समस्या कि जानकारी करने के लिए जब फोन किया जाता है तो बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। संवाद
खडडा क्षेत्र को निर्बाध आपूर्ति के लिए बनाई जा रही लाइन

-पेड़ों से हो रहे फाल्ट से छुटकारा के लिए बन रही 33 केवी की नई लाइन
खड्डा। कुर्मीपट्टी से खड्डा तक बनी 33 हजार केवी लाइन के रास्ते में पेड़ों के चलते अक्सर फाल्ट होने से छुटकारा व निर्बाध आपूर्ति के लिए मुख्य पश्चिमी गंडक नहर पटरी के रास्ते ढोलहा से मठिया तक लाइन बनाई जा रही है।
खड्डा उपकेंद्र से जुड़े करीब 26 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं के लिए बनी 33 केवी की लाइन में करीब सात हजार पेड़ निर्बाध आपूर्ति में बाधक हैं। थोड़ी सी हवा चलने पर डालियों की वजह से सप्लाई बाधित हो जाती है। इससे निजात के लिए ढोलहा से मठिया गांव तक मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के पटरी के रास्ते करीब तेरह किमी लंबी नई लाइन बिछाने की योजना बनाई गई है।

विधायक विवेकानंद पांडेय के प्रयास से करीब डेढ़ करोड़ की लागत से यह परियोजना स्वीकृत हो गई। इसका निर्माण चल रहा है। हालांकि, नहर की पश्चिमी पटरी पर जहां पोल लगाए जा रहे हैं, वहां बड़ी संख्या में घने पेड़ हैं। कार्यदायी संस्था के जेई मनीष कुमार का कहना है कि सिंचाइ विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिलने की वजह से पश्चिम साइड में पोल लगाए जा रहे हैं। लाइन बनने के बाद जहां पेड़ की डाली है, उसकी छंटाई कर दी जाएगी। आपूर्ति में पेड़ बाधा नहीं बनेंगे।
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