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नाराजगी दूर करने को हो सकती बड़ी घोषणा

Sat, 03 Dec 2016 11:46 PM IST
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 03 Dec 2016 11:46 PM IST
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Outrage can be overcome big announcement
बिछाई गई पुरानी रेल लाइन - फोटो : अमर उजाला
नाराजगी से दूर करने के लिए हो सकती बड़ी घोषणा
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 बीते 27 नवंबर को कसया में हुई प्रधानमंत्री की जनसभा में जिले के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से आम लोगों के साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं में भी निराशा का माहौल है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में इसके नकारात्मक असर को दूर करने के लिए पार्टी नेताओं ने प्रयास शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो दिसंबर के दूसरे हफ्ते में रेल मंत्री सुरेश प्रभु या रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने वाली परियोजना शुरू कराने की घोषणा कर सकते हैं।
कसया हवाईपट्टी पर पीएम की जनसभा से पूर्व ही भाजपा नेताओं ने खुद ही इस बात का प्रचार शुरू कर दिया था कि जिले के लिए कई बड़ी घोषणाएं होनी हैं। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यहां के लोगों को भी इस बात की प्रबल उम्मीद थी कि कम से कम कुशीनगर को रेल लाइन से जोड़ने तथा केंद्र सरकार के ही अधीन पडरौना और कठकुइयां चीनी मिल पर जरूर पीएम कुछ बोलेंगे। परंतु कोई घोषणा न होने से लोगों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं में भी मायूसी छा गई थी। विपक्षी दलों ने इसी को मुद्दा बनाकर भाजपा को कटघरे में भी खड़ा कर दिया। लोगों की नाराजगी और कार्यकर्ताओं में छा रही निराशा अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। संगठन और जनप्रतिनिधियों के अलावा आरएसएस के पदाधिकारियों की तरफ से भी इस बात की जानकारी वरिष्ठ नेताओं को दी गई। इसके अलावा भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल भी केंद्रीय नेताओं व मंत्रियों से मिलने दिल्ली गया हुआ है। अब इस बात का प्रयास चल रहा है कि जिले के लिए जल्दी ही किसी न किसी विकास कार्य की घोषणा की जाय। पार्टी सूत्रों की मानें तो दिसंबर के दूसरे सप्ताह में रेल मंत्री सुरेश प्रभु या फिर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा कुशीनगर आकर कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने वाली परियोजना को शुरू कर सकते हैं।
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अब तक छह बार हो चुका है सर्वे
 कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने की मांग करीब 18 साल से चल रही है। लोगों की मांग है कि सरदारनगर चीनी मिल की तरफ से हेतिमपुर तक बिछाई गई पुरानी रेल लाइन को कुशीनगर होते हुए पडरौना तक बढ़ा दिया जाए। 
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गोरखपुर जिले की सरदार नगर चीनी मिल की तरफ से गन्ना ढुलाई के लिए चीनी मिल से लेकर हेतिमपुर तक रेल लाइन बिछाई गई थी। तब इस रेलमार्ग पर हेतिमपुर, करमहा, बनचरा, भगड़वा और बेला को स्टेशन बनाया गया था। आजादी के बाद धीरे-धीरे इस रेलमार्ग की उपयोगिता खत्म होती गई और अंतत: चीनी मिल ने इस पर चलने वाली मालगाड़ी को बंद कर दिया। परंतु वर्षों पुरानी रेल लाइन आज भी वजूद में है। पिछले 18 साल से लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि सरदार नगर से हेतिमपुर तक की इस पुरानी रेल लाइन को विकसित करते हुए कुशीनगर होते हुए पडरौना तक बढ़ा दिया जाए। करीब 75 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रेल मार्ग में से लगभग 30 किलोमीटर पुरानी रेल लाइन का हिस्सा है। इसके लिए सरकार को जमीन भी अधिग्रहित नहीं करनी पड़ेगी। इस प्रस्तावित रेल मार्ग का अब तक छह बार सर्वे भी हो चुका है। कुशीनगर को रेलमार्ग से जोड़ने के लिए पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने बजट में भी सर्वे के लिए प्रस्ताव किया था। परंतु रेलमार्ग का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ।
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