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Kushinagar News: जिले में संचालित 285 जूनियर विद्यालयों में 77 एकल

Fri, 25 Sep 2026 02:53 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:53 AM IST
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Out of 285 junior schools operating in the district, 77 are single
पडरौना। जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी निगरानी व्यवस्था पर भी भारी पड़ रही है। बच्चों की पढ़ाई और निगरानी भगवान भरोसे है। जिले में संचालित 285 जूनियर विद्यालयों में से 77 एकल हैं। इन विद्यालयों की व्यवस्था आसपास के दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों के भरोसे चल रही है। शिक्षकों की कमी से न सिर्फ विषयवार पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि बच्चों की नियमित उपस्थिति, अनुशासन और सुरक्षा की निगरानी भी चुनौती है।
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रामकोला क्षेत्र के दहाउर चौराहे स्थित जूनियर हाईस्कूल में सातवीं की छात्रा नेहा की संदिग्ध हालात में मौत के अगले दिन स्कूल में बच्चे ही नहीं पहुंचे। विद्यालय में तैनात शिक्षक के निलंबित होने के बाद उन्हें दूसरे विद्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पास के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जूनियर स्कूल का प्रभारी बनाया गया है।
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विभागीय आकड़ों के मुताबिक, जिले में कुल 2464 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 538 कंपोजिट विद्यालय हैं, जहां कक्षा एक आठवीं तक पढ़ाई होती है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी तो है, लेकिन प्राथमिक और जूनियर विद्यालय के शिक्षकों के अलावा विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्र और अनुदेशक आपसी समन्वय से शिक्षण कार्य कते हैं। प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के अलावा 285 विद्यालयों में कक्षा छह से आठवीं तक पढ़ाई होती है। शिक्षण कार्य में सबसे अधिक परेशानी उस समय होती है, जब एकल विद्यालयों में तैनात शिक्षक आकस्मिक अवकाश अथवा किसी विभागीय कार्य से बाहर जाते हैं।
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एकल जूनियर विद्यालयों में से एक नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के महुअवा जूनियर हाईस्कूल में बुधवार को सातवीं की छात्रा नेहा की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर आए परिजन उन्हें रामकोला सीएचसी ले गए थे। वहां से मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर रेफर किया गया था। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।


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जिले परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। 285 में से 77 जूनियर हाईस्कूल एकल हैं। विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती शासन स्तर से होती है। शासन स्तर से हुए समायोजन के दौरान सरप्लस शिक्षकों को एकल विद्यालय में भेजना था लेकिन जिले के किसी भी विद्यालय में सरप्लस शिक्षक नहीं मिले। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। -अनिल कुमार सिंह, बीएसए, कुशीनगर।
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