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मॉर्कशीट पर ‘श्रीमती’ बना जी का जंजाल
कुशीनगर
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
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माॅर्कशीट में कुमारी की जगह श्रीमती लिखे शब्द की सुधार कराने के लिये परेशान हैं।
- फोटो : अमर उजाला
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रामकोला। जनता इंटर कॉलेज रामकोला से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 145 छात्राएं दो वर्ष बाद भी परेशान हैं। वजह यह कि इन सभी छात्राओं के मॉर्कशीट पर नाम के आगे कुमारी की जगह श्रीमती छप गया है। छात्राओं ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
जनता इंटर कॉलेज रामकोला में वर्ष 2014-15 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली अधिकांश छात्राएं अंक पत्र देखकर परेशान हो गई थीं। अंकपत्र पर इन सभी के नाम के आगे कुमारी की जगह श्रीमती लिखा हुआ था। छात्राएं प्रधानाचार्य से मिलीं तो उन्होंने बोर्ड से नाम सुधार करा देने का आश्वासन दिया था।
परंतु सुधार नहीं होने पर अपने अभिभावकों के साथ ये छात्राएं डीएम और डीआईओएस से मिलीं। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक इनके अंकपत्र पर सुधार नहीं हुआ। छात्रा कुमारी पूर्णिमा मिश्रा, ज्योति चौरसिया, प्रीती राव, अनामिका रौनियार, अमृता जायसवाल, कविता यादव, राधिका तिवारी आदि ने बोर्ड के सचिव को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा बताई है।
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इन छात्राओं का कहना है कि हाईस्कूल के अंकपत्र में हुई इस गलती का खामियाजा उन्हें जीवन भर भुगतना पड़ सकता है। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य जगतारणशरण गुप्त ने कहा की डीएम और डीआईओएस ने भी यूपी बोर्ड को पत्र लिखा है। जल्दी ही छात्राओं के अंकपत्र की गलतियों में सुधार हो जाएगा।
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जनता इंटर कॉलेज रामकोला में वर्ष 2014-15 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली अधिकांश छात्राएं अंक पत्र देखकर परेशान हो गई थीं। अंकपत्र पर इन सभी के नाम के आगे कुमारी की जगह श्रीमती लिखा हुआ था। छात्राएं प्रधानाचार्य से मिलीं तो उन्होंने बोर्ड से नाम सुधार करा देने का आश्वासन दिया था।
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परंतु सुधार नहीं होने पर अपने अभिभावकों के साथ ये छात्राएं डीएम और डीआईओएस से मिलीं। लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक इनके अंकपत्र पर सुधार नहीं हुआ। छात्रा कुमारी पूर्णिमा मिश्रा, ज्योति चौरसिया, प्रीती राव, अनामिका रौनियार, अमृता जायसवाल, कविता यादव, राधिका तिवारी आदि ने बोर्ड के सचिव को पत्र भेजकर अपनी पीड़ा बताई है।
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इन छात्राओं का कहना है कि हाईस्कूल के अंकपत्र में हुई इस गलती का खामियाजा उन्हें जीवन भर भुगतना पड़ सकता है। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य जगतारणशरण गुप्त ने कहा की डीएम और डीआईओएस ने भी यूपी बोर्ड को पत्र लिखा है। जल्दी ही छात्राओं के अंकपत्र की गलतियों में सुधार हो जाएगा।