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Kushinagar News: सीएचसी अधीक्षक पर अफसरों ने कसा पेच तो दलालों पर नकेल
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-सीएचसी परिसर में मारपीट के बाद छह दलालों के खिलाफ पुलिस को दी तहरीर
-सीएचसी पर आने वाले मरीजों को गुमराह करने और जबरन दवाओं का छीनते थे पर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत से सीएचसी पर दलालों का कब्जा हो गया था। डॉक्टरों के विरोध करने पर लोकल का धौंस दलाल जमाते थे। दो दिन पूर्व अस्पताल परिसर में रकम की लेनदेन में मारपीट हो गई। इस वजह से एक घंटे तक ओपीडी भी बंद रही। एक युवक अधीक्षक का करीबी होने का दावा लोगों ने किया था। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद शुक्रवार को सीएचसी अधीक्षक ने छह दलालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
सीएचसी कैंपस में अस्पताल खुलने से पहले दलालों का झुंड पहुंच जाता है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को बाहरी दवा लिखने के लिए दलाल डॉक्टरों पर दबाव बनाते हैं। एक डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके कमरे पर मरीजों को रोक लिया जाता है और यहीं पर बुलाकर मरीजों को दिखवाया जाता है। इसके एवज में मरीजों से 100 से 200 रुपये तक फीस वसूला जाता है। यह खेल करीब तीन सालों से चल रहा है। कैंपस में मेडिकल स्टोर संचालकों के लोग भी जमे रहते है, दवा देने के लिए मरीजों के हाथों से पर्ची छींन लेते हैं। ओपीडी के बाद भी सक्रिय दलालों की टोली डॉक्टरों से आवास पर मरीजों को दिखवाती है। दो दिन पूर्व करन यादव और मनीष के बीच सीएचसी कैंपस में विवाद हो गया। इसमें कार का शीशा भी टूट गया। मनीष पक्ष के लोगों ने करन को सीएचसी अधीक्षक का करीबी बताते हुए ओपीडी बंद करा दिया था। यह मामला क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मेंं प्रभारी मंत्री की बैठक में भी बृहस्पतिवार को उठाया था और इस कारनामे में अधीक्षक को संलिप्तता बताया था। सीएचसी अधीक्षक एसके विश्वकर्मा ने छह दलालों के खिलाफ नामजद पुलिस को तहरीर दिया है। स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टरों पर भी इन्हें शह देने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। दरोगा को लगाया गया है। कैंपस या अस्पताल में कोई भी बाहरी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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-सीएचसी पर आने वाले मरीजों को गुमराह करने और जबरन दवाओं का छीनते थे पर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामकोला। स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत से सीएचसी पर दलालों का कब्जा हो गया था। डॉक्टरों के विरोध करने पर लोकल का धौंस दलाल जमाते थे। दो दिन पूर्व अस्पताल परिसर में रकम की लेनदेन में मारपीट हो गई। इस वजह से एक घंटे तक ओपीडी भी बंद रही। एक युवक अधीक्षक का करीबी होने का दावा लोगों ने किया था। उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद शुक्रवार को सीएचसी अधीक्षक ने छह दलालों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
सीएचसी कैंपस में अस्पताल खुलने से पहले दलालों का झुंड पहुंच जाता है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को बाहरी दवा लिखने के लिए दलाल डॉक्टरों पर दबाव बनाते हैं। एक डॉक्टर ऐसे हैं, जिनके कमरे पर मरीजों को रोक लिया जाता है और यहीं पर बुलाकर मरीजों को दिखवाया जाता है। इसके एवज में मरीजों से 100 से 200 रुपये तक फीस वसूला जाता है। यह खेल करीब तीन सालों से चल रहा है। कैंपस में मेडिकल स्टोर संचालकों के लोग भी जमे रहते है, दवा देने के लिए मरीजों के हाथों से पर्ची छींन लेते हैं। ओपीडी के बाद भी सक्रिय दलालों की टोली डॉक्टरों से आवास पर मरीजों को दिखवाती है। दो दिन पूर्व करन यादव और मनीष के बीच सीएचसी कैंपस में विवाद हो गया। इसमें कार का शीशा भी टूट गया। मनीष पक्ष के लोगों ने करन को सीएचसी अधीक्षक का करीबी बताते हुए ओपीडी बंद करा दिया था। यह मामला क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मेंं प्रभारी मंत्री की बैठक में भी बृहस्पतिवार को उठाया था और इस कारनामे में अधीक्षक को संलिप्तता बताया था। सीएचसी अधीक्षक एसके विश्वकर्मा ने छह दलालों के खिलाफ नामजद पुलिस को तहरीर दिया है। स्वास्थ्यकर्मी और डॉक्टरों पर भी इन्हें शह देने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। दरोगा को लगाया गया है। कैंपस या अस्पताल में कोई भी बाहरी मिलेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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