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नोडल अधिकारी ने कान्हा पशु आश्रय का निरीक्षण किया
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कसया में संचालित कान्हा पशु आश्रय का निरीक्षण करते नोडल अफसर ।
- फोटो : KUSHINAGAR
चारे-सफाई का नहीं दिखा इंतजाम, नोडल अफसर नाराज
कसया। महराजगंज के गोसदन में गोवंशों की मौत के बाद सतर्क शासन ने अन्य जिलों में जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। कुशीनगर के नोडल अधिकारी ने मंगलवार को कसया के कान्हा पशु आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया, जहां आश्रय में 35 की जगह 25 गोवंश मिले। हरे चारे और सफाई आदि का इंतजाम ठीक नहीं देख नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई।
मंगलवार को कान्हा पशु आश्रय के निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (नोडल अधिकारी) डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा नाद में पड़ा देख नाराजगी जताई। पूछताछ पर तैनात कर्मचारी ने मुश्किल से चारे के चार बंडल दिखा पाया। चारा कटिंग मशीन भी नहीं मिला। परिसर में खुले में गोबर रखा देख उनसे वर्मी कंपोस्ट बनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
इस दौरान उनके साथ जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह व डॉ. एचएन पांडेय मौजूद रहे। उन्होंने गो ग्रास केंद्र खोलने के लिए ईओ प्रेमशंकर गुप्ता को निर्देशित किया। डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि आर्गेनिक खेती करने के लिए किसानों को गोबर दिया जा सकता है। ईओ ने नगर में एक वैन जल्द चालू करने की बात कही, जिस पर पहली रोटी गाय का लिखा होगा। लोग वैन में रोटी और गुड़ गायों के खाने के लिए दान दे सकते हैं।
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कसया। महराजगंज के गोसदन में गोवंशों की मौत के बाद सतर्क शासन ने अन्य जिलों में जांच के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। कुशीनगर के नोडल अधिकारी ने मंगलवार को कसया के कान्हा पशु आश्रय केंद्र का निरीक्षण किया, जहां आश्रय में 35 की जगह 25 गोवंश मिले। हरे चारे और सफाई आदि का इंतजाम ठीक नहीं देख नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताई।
मंगलवार को कान्हा पशु आश्रय के निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (नोडल अधिकारी) डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने चारे के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा नाद में पड़ा देख नाराजगी जताई। पूछताछ पर तैनात कर्मचारी ने मुश्किल से चारे के चार बंडल दिखा पाया। चारा कटिंग मशीन भी नहीं मिला। परिसर में खुले में गोबर रखा देख उनसे वर्मी कंपोस्ट बनाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
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इस दौरान उनके साथ जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह व डॉ. एचएन पांडेय मौजूद रहे। उन्होंने गो ग्रास केंद्र खोलने के लिए ईओ प्रेमशंकर गुप्ता को निर्देशित किया। डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि आर्गेनिक खेती करने के लिए किसानों को गोबर दिया जा सकता है। ईओ ने नगर में एक वैन जल्द चालू करने की बात कही, जिस पर पहली रोटी गाय का लिखा होगा। लोग वैन में रोटी और गुड़ गायों के खाने के लिए दान दे सकते हैं।
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