{"_id":"6ae3bbccd984f80208076b38","slug":"objections-raised-regarding-up-board-examination-centers-dm-committee-to-resolve-them-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-171242-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर आईं आपत्तियां, निस्तारण करेगी डीएम की समिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्रों पर आईं आपत्तियां, निस्तारण करेगी डीएम की समिति
विज्ञापन
- 162 विद्यालयों को बनाया गया है प्रस्तावित केंद्र, पिछले साल 194 विद्यालयों में हुई थी परीक्षा
- क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन पर विद्यालय संचालकों ने जताई आपत्ति
- केंद्र बनाने की मांग भी उठी, डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी आपत्तियों का निस्तारण
पडरौना। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए प्रस्तावित केंद्रों की सूची पर आई आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में इस बार 162 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्तावित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 194 केंद्र बनाए गए थे। विद्यालय संचालकों ने क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन और केंद्र बनाने की मांग उठाई है।
जिले में 22 राजकीय, 55 सहायता प्राप्त और 291 वित्तविहीन समेत कुल 368 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में एक लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों के लिए 162 विद्यालयों को प्रस्तावित किया है। पिछले वर्ष जिले में 194 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया था। इस बार प्रस्तावित केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 32 कम है।
प्रस्तावित सूची जारी होने के बाद विद्यालय संचालकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। इसके बाद बोर्ड की वेबसाइट पर विभिन्न बिंदुओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें परीक्षार्थियों के आवंटन का मुद्दा प्रमुख है। कुछ विद्यालय संचालकों का कहना है कि उनके विद्यालय की निर्धारित धारण क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए हैं। इससे परीक्षा के दौरान बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम करने में परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
वहीं, कुछ विद्यालय संचालकों ने अपने यहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग की है। विभाग की ओर से इन आपत्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनका परीक्षण किया जा रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि बोर्ड की वेबसाइट पर प्राप्त आपत्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा रहा है। विद्यालयों की धारण क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और परीक्षार्थियों के आवंटन से संबंधित बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद आपत्तियों को निस्तारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष रखा जाएगा। समिति आपत्तियों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करेगी। इसके बाद परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
- क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन पर विद्यालय संचालकों ने जताई आपत्ति
- केंद्र बनाने की मांग भी उठी, डीएम की अध्यक्षता वाली समिति करेगी आपत्तियों का निस्तारण
पडरौना। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए प्रस्तावित केंद्रों की सूची पर आई आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिले में इस बार 162 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्तावित किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 194 केंद्र बनाए गए थे। विद्यालय संचालकों ने क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन और केंद्र बनाने की मांग उठाई है।
जिले में 22 राजकीय, 55 सहायता प्राप्त और 291 वित्तविहीन समेत कुल 368 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में एक लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा केंद्रों के लिए 162 विद्यालयों को प्रस्तावित किया है। पिछले वर्ष जिले में 194 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया था। इस बार प्रस्तावित केंद्रों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 32 कम है।
विज्ञापन
प्रस्तावित सूची जारी होने के बाद विद्यालय संचालकों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। इसके बाद बोर्ड की वेबसाइट पर विभिन्न बिंदुओं को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। इनमें परीक्षार्थियों के आवंटन का मुद्दा प्रमुख है। कुछ विद्यालय संचालकों का कहना है कि उनके विद्यालय की निर्धारित धारण क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आवंटित कर दिए गए हैं। इससे परीक्षा के दौरान बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजाम करने में परेशानी हो सकती है।
विज्ञापन
वहीं, कुछ विद्यालय संचालकों ने अपने यहां उपलब्ध संसाधनों और व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए परीक्षा केंद्र बनाए जाने की मांग की है। विभाग की ओर से इन आपत्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उनका परीक्षण किया जा रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि बोर्ड की वेबसाइट पर प्राप्त आपत्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा रहा है। विद्यालयों की धारण क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और परीक्षार्थियों के आवंटन से संबंधित बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद आपत्तियों को निस्तारण के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति के समक्ष रखा जाएगा। समिति आपत्तियों का गुण-दोष के आधार पर निस्तारण करेगी। इसके बाद परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।