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अब एचआईवी संक्रमण की जांच हुई आसान
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:14 AM IST
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मश्ाीन
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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पडरौना। एचआईवी संक्रमित रोगियों की जांच के लिए बहु प्रतीक्षित सीडी-4 मशीन संयुक्त जिला चिकित्सालय को मिल गई। मंगलवार को सीएमएस ने इसका उद्घाटन किया। इस मशीन के लग जाने से अब सीडी-4 की जांच के लिए सैंपल गोरखपुर नहीं भेजना पड़ेगा और मरीजों की जांच का परिणाम जल्द मिल जाया करेगा।
जनपद मुख्यालय पर संयुक्त जिला चिकित्सालय शुरू होने के तत्काल बाद ही आईसीटीसी सेंटर का संचालन शुरू हो गया था। उसके बाद धीरे-धीरे आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) और पीपीटीसीटी ( प्रीवेंशन ऑफ पैरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन) सहित एआरटी (एंटी रिट्रोवायरल थीरेपी) सेंटर का संचालन होने लगा था, जिसके कारण एचआईवी संक्रमित और एड्स रोगियों के इलाज में काफी सहूलियतें मिलने लगीं, क्योंकि ऐसे रोगियों की जांच, इलाज और दवा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर, काउंसलर और एलटी से लगायत कई स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए गए हैं।
जिला अस्पताल में आने वाले एचआईवी संक्रमित और एड्स के रोगियों की मुकम्मल जांच में सीडी-4 (क्लस्टर ऑफ डिफरेंटेशन-4) मशीन काफी मददगार होती है, क्योंकि एचआईवी संक्रमित और एड्स के रोगियों में इस रोग के वायरस कितने सक्रिय हैं और उनकी संख्या कितनी है, उनके ब्लड सैंपल की जांच इसी मशीन से होती है। जिले में यह मशीन उपलब्ध न होने की वजह से हर हफ्ते 50-60 मरीजों का सैंपल गोरखपुर भेजना पड़ता था, चूंकि वहां अन्य जिलों से भी सैंपल आते हैं, इसलिए रिपोर्ट आने में समय लगता था। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित होता था।
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नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन नई दिल्ली की तरफ से आए इंजीनियर प्रदीप कुमार अपने साथ सीडी-4 मशीन लेकर आए थे, जिसे मंगलवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगाया गया। करीब दस लाख रुपये के लागत की इस सीडी-4 मशीन का सीएमएस डॉ. लालता प्रसाद ने उद्घाटन किया। इस दौरान डॉ. राजेश कुमार, एलटी गौतम शर्मा, नवीन सिंह, अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहित जिला अस्पताल के कई लोग मौजूद थे।
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जनपद मुख्यालय पर संयुक्त जिला चिकित्सालय शुरू होने के तत्काल बाद ही आईसीटीसी सेंटर का संचालन शुरू हो गया था। उसके बाद धीरे-धीरे आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर) और पीपीटीसीटी ( प्रीवेंशन ऑफ पैरेंट टू चाइल्ड ट्रांसमिशन) सहित एआरटी (एंटी रिट्रोवायरल थीरेपी) सेंटर का संचालन होने लगा था, जिसके कारण एचआईवी संक्रमित और एड्स रोगियों के इलाज में काफी सहूलियतें मिलने लगीं, क्योंकि ऐसे रोगियों की जांच, इलाज और दवा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टर, काउंसलर और एलटी से लगायत कई स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए गए हैं।
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जिला अस्पताल में आने वाले एचआईवी संक्रमित और एड्स के रोगियों की मुकम्मल जांच में सीडी-4 (क्लस्टर ऑफ डिफरेंटेशन-4) मशीन काफी मददगार होती है, क्योंकि एचआईवी संक्रमित और एड्स के रोगियों में इस रोग के वायरस कितने सक्रिय हैं और उनकी संख्या कितनी है, उनके ब्लड सैंपल की जांच इसी मशीन से होती है। जिले में यह मशीन उपलब्ध न होने की वजह से हर हफ्ते 50-60 मरीजों का सैंपल गोरखपुर भेजना पड़ता था, चूंकि वहां अन्य जिलों से भी सैंपल आते हैं, इसलिए रिपोर्ट आने में समय लगता था। इससे मरीजों का इलाज प्रभावित होता था।
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नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाइजेशन नई दिल्ली की तरफ से आए इंजीनियर प्रदीप कुमार अपने साथ सीडी-4 मशीन लेकर आए थे, जिसे मंगलवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में लगाया गया। करीब दस लाख रुपये के लागत की इस सीडी-4 मशीन का सीएमएस डॉ. लालता प्रसाद ने उद्घाटन किया। इस दौरान डॉ. राजेश कुमार, एलटी गौतम शर्मा, नवीन सिंह, अंजनी कुमार श्रीवास्तव सहित जिला अस्पताल के कई लोग मौजूद थे।