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‘जल्दबाजी न करता चालक तो जिंदा होता मेरा लाल’

Sun, 06 Mar 2022 11:14 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 11:14 PM IST
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not hurryup driver then my boy alive this time
‘जल्दबाजी न करता चालक तो जिंदा होता मेरा लाल’
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- जरा सी चूक दे सकती है जिंदगी भर का दर्द
- परिवार की भावुक अपील : हमने अपने खोए, आप न खोए
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरवलिया बाजार। वाहन चलाते समय मामूली चूक से बड़े हादसे हो जाते हैं। यातायात नियमों की अनदेखी हादसों का सबब बन रही हैं। चेतावनियों के बाद भी वाहन चालक नियमों को तोड़ने में कसर नहीं छोड़ते हैं। मंजिल तक पहुंचने के लिए सड़क पर जल्दीबाजी नहीं करनी चाहिए। आपकी जल्दीबाजी किसी की जान ले सकती है।
तमकुही क्षेत्र के बरवा राजापाकड़ मिश्रौली टोला निवासी शुभावती गौंड़ के बेटे प्रमोद गौड़ की एक जुलाई 2021 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। आज भी सुभावती तेज वाहन और गलत दिशा में चलने वाले लोगों को देखकर सिहर जाती है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक वाहन तेज न चलाते तो आज मेरा लाल जीवित होता।
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तीस वर्षीय युवक प्रमोद गौंड़ कसया थाना क्षेत्र के खरदर पुल के पास दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रमोद स्कूटी से कसया क्षेत्र के ग्राम पंचायत दीनापट्टी में ससुराल जा रहा था। कसया-तमकुहीरोड मार्ग पर खरदर पुल से करीब एक किलोमीटर पश्चिम नौका टोला के सामने उसकी स्कूटी एक वाहन की चपेट में आ गई। वह हेलमेट नहीं लगाया था। इसके चलते उसके सिर में अधिक चोट आई थी। प्रमोद ने अगले ही दिन गोरखपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा परिवार पर किसी वज्रपात से कम नहीं था। उस मंजर को आज भी परिवार नहीं भूल पा रहा है। हादसे की वजह सिर्फ चालक की जल्दबाजी रही।
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जरा सी लापरवाही से बेसहारा हो जाता है परिवार
पिता मुन्ना गौड़ बताते हैं कि बेटे की मौत से परिवार अब तक उबर नहीं पाया है। उसके जाने से आर्थिक संकट तो खड़ा ही हुआ, परिवार का हर सदस्य टूट गया। छह संतानों में प्रमोद सबसे बड़ा था। प्रमोद की पत्नी इंद्रमाला व एक वर्षीय अबोध पुत्र एलेक्स सहित पूरे परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी प्रमोद पर ही थी। उन्होंने कहा कि आए दिन हादसों में किसी की गोद तो किसी की मांग सुनी होने की खबरें सुनकर मन व्यथित हो उठता है। अब भी ऐसे कितने लोग हैं, जो नशे और बिना हेलमेट के वाहन तेज रफ्तार में चलाते हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।

घायलों को अस्पताल पहुंचाकर बनें जिम्मेदार नागरिक
स्कूल कॉलेजों में कैंप लगाकर युवाओं को जागरूक किया जाता है। साथ ही आम लोगों से अपील भी की जाती है कि बाइक चलाते समय हेलमेट का इस्तेमाल करें। शराब पीकर वाहन न चलाएं। वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें और गलत दिशा में न चलें। इसके लिए लोगों केे जागरूक किया जा रहा है। एसपी ने कहा कि वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें। यात्रा के दौरान जरा से चूक हादसे की वजह बन सकती है। यदि यातायात नियमों का पालन किया जाए तो हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। ऐसा करने से खुशहाली कायम रहेगी। घायलों को देखकर अस्पताल पहुचाएं, जिम्मेदार नागरिक बनें।
सचिंद्र पटेल, एसपी कुशीनगर
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