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मूलभूत सुविधाओं से वंचित है गोपालगढ़, जलनिकासी के लिए नाली तक का नहीं हुआ निर्माण
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मूलभूत सुविधाओं से वंचित है गोपालगढ़, जलनिकासी के लिए नाली तक का नहीं हुआ निर्माण
- नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में नहीं हो रहा सुधार, शुद्ध पेयजल के लिए होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। विस्तारीकरण के बाद नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं आया है, जबकि इन्हें वार्ड में तब्दील हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं। इन्हीं में से एक गोपालगढ़ गांव भी है। शहर में शामिल होने के बाद वार्ड नंबर-16 केशवनगर के नाम से जाना जा रहा है, लेकिन यहां जलनिकासी और शुद्ध पेयजल के लिए कोई प्रबंध नहीं हो पाया है।
नगर पंचायत से नगरपालिका के विस्तारीकरण में ब्लॉक के 41 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर पंचायत कुशीनगर से नगरपालिका कुशीनगर हो गया। वार्डों की संख्या 14 से बढ़ाकर 27 हो गई। वर्तमान में जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका भी है। यह विस्तार दिसंबर 2016 में ही हो गया था, लेकिन जो गांव नगरपालिका विस्तारीकरण में शामिल हो गए, वह अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड 16 केशवनगर की कुल आबादी लगभग 5500 है। यहां मतदाता भी करीब 2500 हैं। इस वार्ड में गोपालगढ़, गोपालगढ़ महुअवा, पूर्व टोला, पश्चिम टोला, दक्षिण टोला शामिल हैं। लोगों का कहना है कि गठन के वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो रही हैं। नगरपालिका की तरफ से जलनिकासी के लिए टूटी पड़ी नालियों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। आरोप है कि नगरपालिका बनने के बाद नई नाली का निर्माण हुआ ही नहीं। इसके चलते गंदा पानी बहकर सड़क पर फैलता रहता है। वहीं पेयजल के लिए लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं और जो चालू हैं, वह गंदा पानी दे रहे हैं। उन्हें ठीक कराने का कोई जहमत नहीं उठा रहा है।
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ईओ बोले
गांव से नगर में शामिल हुए लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पूर्व से अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे यहां विकास के अन्य काम कराकर सुविधाओं से लैस करा दिया जाएगा।
प्रेमशंकर गुप्ता, ईओ नगरपालिका, कुशीनगर
लोग बोले, चार वर्ष में भी नहीं बढ़ीं सुविधाएं
- वार्ड के विनोद कुमार ने कहा कि गांव नगर में शामिल हो गया है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिली हैं। घर के सामने ही टूटी पड़ी नाली से गंदा पानी बह रहा है। इसके लिए वार्ड सभासद से कहा जा चुका है, लेकिन कोई काम नहीं कराया जा रहा है।
- पंकज कुमार ने कहा कि गोपालगढ़ के लोगों को नगरपालिका में होने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालात वर्षों बाद भी गांव जैसे ही हैं। उसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। नाली व पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है।
- रामभरोसा ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ नगरपालिका प्रशासन की ओर से दिया गया है। पेयजल व जलनिकासी के लिए नाली का न होना प्रमुख समस्या है। आधे गांव में पूर्व की बनी नालियां हैं। नगरपालिका गठन के बाद कोई नाली नहीं बनाई गई है।
- दिनेश राय ने कहा कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते हैं। कभी कभार आते भी हैं तो कुछ ही दूर तक सफाई कर वापस लौट जाते हैं। मूलभूत सुविधाओं से गोपालगढ़ के सभी टोले आज भी संतृप्त नहीं हुए हैं। अभी सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत है।
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- नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में नहीं हो रहा सुधार, शुद्ध पेयजल के लिए होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। विस्तारीकरण के बाद नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं आया है, जबकि इन्हें वार्ड में तब्दील हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं। इन्हीं में से एक गोपालगढ़ गांव भी है। शहर में शामिल होने के बाद वार्ड नंबर-16 केशवनगर के नाम से जाना जा रहा है, लेकिन यहां जलनिकासी और शुद्ध पेयजल के लिए कोई प्रबंध नहीं हो पाया है।
नगर पंचायत से नगरपालिका के विस्तारीकरण में ब्लॉक के 41 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर पंचायत कुशीनगर से नगरपालिका कुशीनगर हो गया। वार्डों की संख्या 14 से बढ़ाकर 27 हो गई। वर्तमान में जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका भी है। यह विस्तार दिसंबर 2016 में ही हो गया था, लेकिन जो गांव नगरपालिका विस्तारीकरण में शामिल हो गए, वह अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
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कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड 16 केशवनगर की कुल आबादी लगभग 5500 है। यहां मतदाता भी करीब 2500 हैं। इस वार्ड में गोपालगढ़, गोपालगढ़ महुअवा, पूर्व टोला, पश्चिम टोला, दक्षिण टोला शामिल हैं। लोगों का कहना है कि गठन के वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो रही हैं। नगरपालिका की तरफ से जलनिकासी के लिए टूटी पड़ी नालियों की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। आरोप है कि नगरपालिका बनने के बाद नई नाली का निर्माण हुआ ही नहीं। इसके चलते गंदा पानी बहकर सड़क पर फैलता रहता है। वहीं पेयजल के लिए लगे हैंडपंप खराब पड़े हैं और जो चालू हैं, वह गंदा पानी दे रहे हैं। उन्हें ठीक कराने का कोई जहमत नहीं उठा रहा है।
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ईओ बोले
गांव से नगर में शामिल हुए लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पूर्व से अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे यहां विकास के अन्य काम कराकर सुविधाओं से लैस करा दिया जाएगा।
प्रेमशंकर गुप्ता, ईओ नगरपालिका, कुशीनगर
लोग बोले, चार वर्ष में भी नहीं बढ़ीं सुविधाएं
- वार्ड के विनोद कुमार ने कहा कि गांव नगर में शामिल हो गया है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिली हैं। घर के सामने ही टूटी पड़ी नाली से गंदा पानी बह रहा है। इसके लिए वार्ड सभासद से कहा जा चुका है, लेकिन कोई काम नहीं कराया जा रहा है।
- पंकज कुमार ने कहा कि गोपालगढ़ के लोगों को नगरपालिका में होने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालात वर्षों बाद भी गांव जैसे ही हैं। उसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। नाली व पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है।
- रामभरोसा ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ नगरपालिका प्रशासन की ओर से दिया गया है। पेयजल व जलनिकासी के लिए नाली का न होना प्रमुख समस्या है। आधे गांव में पूर्व की बनी नालियां हैं। नगरपालिका गठन के बाद कोई नाली नहीं बनाई गई है।
- दिनेश राय ने कहा कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन नहीं आते हैं। कभी कभार आते भी हैं तो कुछ ही दूर तक सफाई कर वापस लौट जाते हैं। मूलभूत सुविधाओं से गोपालगढ़ के सभी टोले आज भी संतृप्त नहीं हुए हैं। अभी सुविधाएं मुहैया कराने की जरूरत है।