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मूलभूत सुविधाओं की दरकार, शुद्ध पेयजल भी नहीं हो रहा मयस्सर
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मूलभूत सुविधाओं की दरकार, शुद्ध पेयजल भी नहीं हो रहा मयस्सर
- खेदनी में नहीं है शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। विस्तारीकरण के बाद नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं आया है, जबकि इन्हें वार्ड में तब्दील हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं। इन्हीं में से एक खेदनी गांव भी है, जो शहर में शामिल होने के बाद वार्ड नंबर 20 शहीद भगत सिंह नगर के नाम से जाना जा रहा है, लेकिन यहां शुद्ध पेयजल के लिए कोई प्रबंध नहीं हो पाया है।
नगर पंचायत से नगरपालिका के विस्तारीकरण में ब्लॉक के 41 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर पंचायत कुशीनगर से नगरपालिका कुशीनगर हो गया। वार्डों की संख्या 14 से बढ़कर 27 हो गई। वर्तमान में जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका भी है। यह विस्तार दिसंबर 2016 में ही हो गया था, लेकिन जो गांव नगरपालिका विस्तारीकरण में शामिल हो गए, वह अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड नंबर-20 शहीद भगत सिंह नगर की कुल आबादी लगभग 10 हजार है। यहां मतदाता भी करीब ढाई हजार हैं। इस वार्ड में कुल सात मजरे शामिल हैं। इसमें खेदनी, रामनगर व अनिरुद्धवा के पांच मजरे शामिल हैं। इस तरह वार्ड सात मजरों से युक्त है, लेकिन वार्ड के खेदनी में रहने वाले लोगों के लिए पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है। वहीं अनिरुद्धवा व रामनगर के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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ईओ बोले
गांव से नगर में शामिल हुए लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पूर्व से अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे यहां विकास के अन्य काम कराकर सुविधाओं से लैस करा दिया जाएगा।
प्रेमशंकर गुुप्ता, ईओ, नगरपालिका कुशीनगर
खेदनी के लोग बोले
- सभासद रामअधार यादव ने कहा कि खेदनी को छोड़कर वार्ड में पेयजल का इंतजाम है। रामनगर व अनिरुद्धवा के पांच टोलों में पेयजल की आपूर्ति पाइप से की जा रही है। यहां के लोगों को पेयजल की कोई दिक्कत नहीं है।
- खेदनी के आनंद सिंह ने कहा कि गठन के पांच वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो रही हैं। नगरपालिका शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रही है, जो इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगे हैं, खराब हैं। उन्हें ठीक कराने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है।
- रामछबीला शर्मा ने कहा कि पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है। पेयजल के लिए प्रत्येक घर में छोटे हैंडपंप लगे हुए हैं। उन्हीं से काम चलाया जा रहा है। यह सुविधा मुहैया कराया जाना जरूरी है। शुद्ध पेयजल के अभाव में बीमारी होने की संभावना बनी रहती है।
- विश्वनाथ ठाकुर ने बताया कि नगर बनने से सिर्फ नहीं होता है। नगर के समान लोगों को सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन नगरपालिका कुशीनगर में ऐसा नहीं है। पेयजल से लेकर अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
- जनार्दन सिंह ने कहा कि खेदनी के लोगों को नगरपालिका में होने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालात गठन के पांच वर्षों बाद भी गांव जैसे ही हैं। उसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। सड़क, नाली कौन कहे, पेयजल तक उन्हें नहीं मिल रहा है।
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- खेदनी में नहीं है शुद्ध पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। विस्तारीकरण के बाद नगरपालिका में शामिल हुए गांवों की स्थिति में अब तक कोई सुधार नहीं आया है, जबकि इन्हें वार्ड में तब्दील हुए करीब चार वर्ष बीत चुके हैं। इन्हीं में से एक खेदनी गांव भी है, जो शहर में शामिल होने के बाद वार्ड नंबर 20 शहीद भगत सिंह नगर के नाम से जाना जा रहा है, लेकिन यहां शुद्ध पेयजल के लिए कोई प्रबंध नहीं हो पाया है।
नगर पंचायत से नगरपालिका के विस्तारीकरण में ब्लॉक के 41 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों के शामिल होने के बाद नगर पंचायत कुशीनगर से नगरपालिका कुशीनगर हो गया। वार्डों की संख्या 14 से बढ़कर 27 हो गई। वर्तमान में जिले की सबसे बड़ी नगरपालिका भी है। यह विस्तार दिसंबर 2016 में ही हो गया था, लेकिन जो गांव नगरपालिका विस्तारीकरण में शामिल हो गए, वह अब तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
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कुशीनगर नगरपालिका के वार्ड नंबर-20 शहीद भगत सिंह नगर की कुल आबादी लगभग 10 हजार है। यहां मतदाता भी करीब ढाई हजार हैं। इस वार्ड में कुल सात मजरे शामिल हैं। इसमें खेदनी, रामनगर व अनिरुद्धवा के पांच मजरे शामिल हैं। इस तरह वार्ड सात मजरों से युक्त है, लेकिन वार्ड के खेदनी में रहने वाले लोगों के लिए पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है। वहीं अनिरुद्धवा व रामनगर के लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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गांव से नगर में शामिल हुए लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। पूर्व से अधिक सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे यहां विकास के अन्य काम कराकर सुविधाओं से लैस करा दिया जाएगा।
प्रेमशंकर गुुप्ता, ईओ, नगरपालिका कुशीनगर
खेदनी के लोग बोले
- सभासद रामअधार यादव ने कहा कि खेदनी को छोड़कर वार्ड में पेयजल का इंतजाम है। रामनगर व अनिरुद्धवा के पांच टोलों में पेयजल की आपूर्ति पाइप से की जा रही है। यहां के लोगों को पेयजल की कोई दिक्कत नहीं है।
- खेदनी के आनंद सिंह ने कहा कि गठन के पांच वर्षों बाद भी मूलभूत सुविधाएं मयस्सर नहीं हो रही हैं। नगरपालिका शुद्ध पेयजल की आपूर्ति नहीं कर पा रही है, जो इंडिया मार्क टू हैंडपंप लगे हैं, खराब हैं। उन्हें ठीक कराने की जहमत कोई नहीं उठा रहा है।
- रामछबीला शर्मा ने कहा कि पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है। पेयजल के लिए प्रत्येक घर में छोटे हैंडपंप लगे हुए हैं। उन्हीं से काम चलाया जा रहा है। यह सुविधा मुहैया कराया जाना जरूरी है। शुद्ध पेयजल के अभाव में बीमारी होने की संभावना बनी रहती है।
- विश्वनाथ ठाकुर ने बताया कि नगर बनने से सिर्फ नहीं होता है। नगर के समान लोगों को सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन नगरपालिका कुशीनगर में ऐसा नहीं है। पेयजल से लेकर अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
- जनार्दन सिंह ने कहा कि खेदनी के लोगों को नगरपालिका में होने का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। हालात गठन के पांच वर्षों बाद भी गांव जैसे ही हैं। उसमें कोई सुधार नहीं हुआ है। सड़क, नाली कौन कहे, पेयजल तक उन्हें नहीं मिल रहा है।