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खाद्य वस्तुओं में मिलावट करने वाले बेखौफ
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खाद्य वस्तुओं में मिलावट करने वाले बेखौफ
हाटा और सुकरौली क्षेत्र में हो रही मानकों की अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। दीपावली और छठ पर्व पर मिलावट करने वालों की सक्रियता बढ़ गई है। हाटा और सुकरौली क्षेत्र में खाद्य वस्तुओं में मिलावट अधिक हो रही है। सबसे अधिक मिलावट खोवा में हो रही है। इन क्षेत्रों में विभागीय टीम की तरफ से कार्रवाई नहीं होने से उनमें भय नहीं है।
दीपावली आते ही मिलावटी खाद्य वस्तुएं बनाने और बेचने वाले सक्रिय हो गए हैं। किराना का सामान हो या मिठाई का, सभी में मिलावट की जा रही है। बाजार में सबसे ज्यादा मिलावट खोवा में हो रही है। दीपावली और छठ में खोवा की डिमांड ज्यादा बढ़ जाती है। इस क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से अभी तक छापे की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इसका फायदा मिलावट करने वाले उठा रहे हैं।
इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो एक किलो ग्राम मावा पाउडर पानी में डालकर उबाला जाता है। धीरे-धीरे यह कड़ा होने लगता है। खुशबू के लिए इसमें इत्र डाल दिया जाता है, जिससे खोवा जैसी खुशबू आने लगती है। एक किलोग्राम मावा पाउडर में डेढ़ किलोग्राम खोवा तैयार होता है। इसी तरह अन्य वस्तुओं और मिठाइयों में भी मिलावट की जा रही है।
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मिलावटी खाद्य पदार्थों से बच्चों के सेहत्र पर बुरा असर : डॉ. धर्मेंद्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली के चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र तिवारी का कहना है कि मिलावटी खाद्य वस्तुओं के सेवन से कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। इसका सेवन लिवर को प्रभावित कर सकता है। साथ ही ऊतकों और कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। हड्डियों तक की कोशिकाओं को यह डैमेज कर सकता है। इसका ब्रेन पर उल्टा असर होता है। इसमें मिले खतरनाक तत्व ब्रेन के फंक्शन को भी प्रभावित कर सकते हैं। लोगों को मिलावटी सामान से दूर रहना चाहिए।
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हाटा और सुकरौली क्षेत्र में हो रही मानकों की अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
हाटा। दीपावली और छठ पर्व पर मिलावट करने वालों की सक्रियता बढ़ गई है। हाटा और सुकरौली क्षेत्र में खाद्य वस्तुओं में मिलावट अधिक हो रही है। सबसे अधिक मिलावट खोवा में हो रही है। इन क्षेत्रों में विभागीय टीम की तरफ से कार्रवाई नहीं होने से उनमें भय नहीं है।
दीपावली आते ही मिलावटी खाद्य वस्तुएं बनाने और बेचने वाले सक्रिय हो गए हैं। किराना का सामान हो या मिठाई का, सभी में मिलावट की जा रही है। बाजार में सबसे ज्यादा मिलावट खोवा में हो रही है। दीपावली और छठ में खोवा की डिमांड ज्यादा बढ़ जाती है। इस क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से अभी तक छापे की कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। इसका फायदा मिलावट करने वाले उठा रहे हैं।
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इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो एक किलो ग्राम मावा पाउडर पानी में डालकर उबाला जाता है। धीरे-धीरे यह कड़ा होने लगता है। खुशबू के लिए इसमें इत्र डाल दिया जाता है, जिससे खोवा जैसी खुशबू आने लगती है। एक किलोग्राम मावा पाउडर में डेढ़ किलोग्राम खोवा तैयार होता है। इसी तरह अन्य वस्तुओं और मिठाइयों में भी मिलावट की जा रही है।
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मिलावटी खाद्य पदार्थों से बच्चों के सेहत्र पर बुरा असर : डॉ. धर्मेंद्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुकरौली के चिकित्सक डॉ. धर्मेंद्र तिवारी का कहना है कि मिलावटी खाद्य वस्तुओं के सेवन से कई प्रकार के रोग हो सकते हैं। इसका सेवन लिवर को प्रभावित कर सकता है। साथ ही ऊतकों और कोशिकाओं को नुकसान हो सकता है। हड्डियों तक की कोशिकाओं को यह डैमेज कर सकता है। इसका ब्रेन पर उल्टा असर होता है। इसमें मिले खतरनाक तत्व ब्रेन के फंक्शन को भी प्रभावित कर सकते हैं। लोगों को मिलावटी सामान से दूर रहना चाहिए।