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Kushinagar News: सप्ताह भर में सिर्फ एक दिन मिल पा रहा न्यूरो के मरीजों को उपचार, लग रही कतार
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पडरौना। मेडिकल कॉलेज में न्यूरोलॉजी (तंत्रिका रोग) विभाग में इलाज की व्यवस्था ठीक नहीं हैं। सप्ताह भर में सिर्फ एक दिन बृहस्पतिवार को चलने वाली ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मरीजों का आरोप है कि बिना उनकी पूरी बात सुने सलाह और दवा की पर्ची थमा दी जाती है।
मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग में सुबह 8:0 बजे से ही पर्ची काउंटर पर मरीज व तीमारदार पहुंच जाते हैं। पर्ची के साथ न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी के सामने कतार में खड़े होकर घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
इतनी जद्दोजहद के बाद जब मरीज डॉक्टर के चेंबर तक पहुंचते हैं तो महज एक से दो मिनट में सलाह देकर दवा की पर्ची थमा दी जाती है। मरीज अपनी पूरी बीमारी और दर्द तक न बता पाते हैं और न ही डॉक्टर के पास भीड़ के चलते सुनने का इतना समय होता है। इसलिए मरीज सिर्फ पर्ची पर लिखी दवा लेकर घर लौटने को मजबूर होते हैं।
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बृहस्पतिवार को इलाज के ओपीडी के बाहर नसों, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द, हाथ का सुन्न पन सहित सिर दर्द, गर्दन दर्द आदि से पीड़ित मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों ने बताया कि सप्ताह में कम से कम दो से तीन दिन न्यूरोलॉजिस्ट का बंदोबस्त होना चाहिए, बीते सप्ताह डॉक्टर नहीं आए थे। इस वजह से भी परिसर में मरीज व उनके परिजन की संख्या अधिक है।
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मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग में सुबह 8:0 बजे से ही पर्ची काउंटर पर मरीज व तीमारदार पहुंच जाते हैं। पर्ची के साथ न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी के सामने कतार में खड़े होकर घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं।
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इतनी जद्दोजहद के बाद जब मरीज डॉक्टर के चेंबर तक पहुंचते हैं तो महज एक से दो मिनट में सलाह देकर दवा की पर्ची थमा दी जाती है। मरीज अपनी पूरी बीमारी और दर्द तक न बता पाते हैं और न ही डॉक्टर के पास भीड़ के चलते सुनने का इतना समय होता है। इसलिए मरीज सिर्फ पर्ची पर लिखी दवा लेकर घर लौटने को मजबूर होते हैं।
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बृहस्पतिवार को इलाज के ओपीडी के बाहर नसों, रीढ़ की हड्डी, कमर दर्द, हाथ का सुन्न पन सहित सिर दर्द, गर्दन दर्द आदि से पीड़ित मरीजों व उनके साथ आए तीमारदारों ने बताया कि सप्ताह में कम से कम दो से तीन दिन न्यूरोलॉजिस्ट का बंदोबस्त होना चाहिए, बीते सप्ताह डॉक्टर नहीं आए थे। इस वजह से भी परिसर में मरीज व उनके परिजन की संख्या अधिक है।