{"_id":"688d21ac4d6efb199d096b22","slug":"narrated-the-story-of-the-greatness-of-bhagwat-katha-kushinagar-news-c-205-1-ksh1001-142718-2025-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: भागवत कथा के महात्म की कथा सुनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: भागवत कथा के महात्म की कथा सुनाई
Sat, 02 Aug 2025 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:51 AM IST
विज्ञापन
कथा वाचिका राधाकिशोरी।संवाद
तमकुहीरोड। सेवरही कस्बा स्थित ब्याहुत जायसवाल धर्मशाला परिसर में श्रीभागवत सेवा समिति की तरफ से आयोजित सात दिवसी श्रीमद् भागवत कथा के पहले दिन भागवत कथा के महात्म की कथ सुनाई। कथा वाचक ने कहा कि भागवत कथा सभी वेद और पुराणों का सार है।
कथा वाचक दीदी राधा किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना वेदव्यास ने की थी। इसके श्रवण से मनुष्य को न केवल संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति होती है, बल्कि उसका मन व चित्त पवित्र हो जाता है, जिससे वह सन्मार्ग की ओर अग्रसर होने लगता है। इस कथा के श्रवण से मन से सारे संताप मिट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस भौतिकवादी युग मनुष्य भागदौड़ की मशीन बनता जा रहा है। संस्कारिक व सामाजिक मूल्यों को गतिमान बनाने के लिए इस तरह के धार्मिक कार्य से जुड़ना नैतिक कर्तव्य है। इसके पहले आयोजन समिति के गुरुशरण जायसवाल, प्रहलाद केशरी, प्रहलाद वर्मा, रामजी कसेरा संजय वर्मा आदि ने श्रीमद् भागवत महापुराण ग्रंथ की विधि विधान से पूजा अर्चना कर उसकी आरती की।
विज्ञापन
कथा वाचक दीदी राधा किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना वेदव्यास ने की थी। इसके श्रवण से मनुष्य को न केवल संपूर्ण ज्ञान की प्राप्ति होती है, बल्कि उसका मन व चित्त पवित्र हो जाता है, जिससे वह सन्मार्ग की ओर अग्रसर होने लगता है। इस कथा के श्रवण से मन से सारे संताप मिट जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस भौतिकवादी युग मनुष्य भागदौड़ की मशीन बनता जा रहा है। संस्कारिक व सामाजिक मूल्यों को गतिमान बनाने के लिए इस तरह के धार्मिक कार्य से जुड़ना नैतिक कर्तव्य है। इसके पहले आयोजन समिति के गुरुशरण जायसवाल, प्रहलाद केशरी, प्रहलाद वर्मा, रामजी कसेरा संजय वर्मा आदि ने श्रीमद् भागवत महापुराण ग्रंथ की विधि विधान से पूजा अर्चना कर उसकी आरती की।
विज्ञापन