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Kushinagar News: नोनियापट्टी में नारायणी ने 24 घंटे में 500 मीटर किया कटान, ग्रामीणों की चिंता बढ़ी

Thu, 08 Oct 2026 11:17 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:17 PM IST
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Narayani erodes 500 meters in 24 hours at Noniyapatti; villagers' concerns mount.
नोनिया पट्टी के पास कटान करती नदी। 
बंधे पर अधिक मात्रा में बोल्डर बाढ़ खंड की ओर से गिराया गया, दिन-रात टीम कर रही निगरानी
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खैरखूंटा, मदरही और नोनिया पट्टी के आसपास कटान, किमी 13.200 के ठोकर पर खतरा बरकरार
तमकुहीरोड। एपी बांध के किनारे अहिरौलीदान के नोनियापट्टी टोले के पास कटान का सिलसिला बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। खैरखूंटा, मदरही और नोनिया पट्टी के साथ किमी 13.200 पर बने ठोकर के आसपास नारायणी नदी एक सप्ताह से कटान कर रही है। 24 घंटे में करीब 500 मीटर नदी कटान की है। वहीं, बाढ़ खंड पांच जेई कटान स्थल की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, नोनियापट्टी इलाके में लोगों ग्रामीण अभी भी नारायणी नदी के कटान से चिंतित हैं। नदी का डिस्चार्ज कम होने के बावजूद बैकरोलिंग से पैदा हो रहे दबाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रखी है। पिछले कई दिनों से खैरखूंटा, नोनिया पट्टी और मदरही गांव कटान की जद में हैं। किमी 13.200 पर बने ठोकर के पास भी नदी के दबाव से खतरा बढ़ गया था।
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इससे पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, भगवान पासवान, रामपूजन पासवान, बली सिंह, हीरा शर्मा, रामाशंकर सिंह, उमेश सिंह, सुग्रीव सिंह और रामनाथ शर्मा समेत कई लोगों के पक्के और कच्चे मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा था। इसे लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। दिन-रात डटे अभियंता, टली बड़ी आफत गांव वालों ने बताया कि सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह, एसई केपी सिंह और एक्सईएन महेश कुमार सिंह समेत अभियंताओं की टीम गांव में कैंप कर रही है।
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बचाव कार्य के चलते फिलहाल खैरखूंटा गांव के पास कटान कम हुआ है, जिम्मेदार अब स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन गांव वाले सुरक्षा को लेकर अभी भी चिंतित हैं। बृहस्पतिवार को भी संवेदनशील स्थानों और कटान की जद में आए मकानों की सुरक्षा के लिए बचाव कार्य जारी रहा। जेई रमेशधर दुबे, सुनील यादव, अमर श्रीवास्तव, अभिजित सिंह और अजीत सिंह समेत अन्य अभियंता बांध की निगरानी में जुटे रहे। टीम ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के साथ संभावित कटान वाले हिस्सों पर भी नजर बनाए रखी।
क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक एपी बांध के क्षतिग्रस्त हिस्सों में स्थायी और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक कटान का खतरा बना रहेगा। नदी का जलस्तर घटने के बाद भी बैकरोलिंग के कारण कई स्थानों पर तटबंध के किनारे कटान हो रहा है। ऐसे में अस्थायी बचाव कार्य के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों को मजबूत किए जाने की जरूरत है।

वर्जन
कटान की स्थिति अब नियंत्रण में है संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी अभियंताओं को बांध पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
-केपी सिंह, एसई, बाढ़ खंड गोरखपुर
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