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मुसहर बस्ती में जाने के लिए सड़क नहीं
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पक्की सड़क के लिए तरस रही मुसहर बस्ती
पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। आजादी के 72 वर्ष बाद भी मुसहर बस्ती के लोगों को गांव तक जाने के लिए अभी एक पक्की सड़क भी नसीब नहीं हो पाई है। विकासवादी इस युग में भी मुसहर बस्ती के लोग कच्ची सड़क से होकर घर तक जाते हैं।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरा खुर्द के मुसहर बस्ती के लोगों को विकास के नाम पर शौचालय, बिजली, आवास ही अब तक मुहैया हो पाया है। करीब दो सौ जनसंख्या वाले इस बस्ती में लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए मात्र दो इंडिया मार्का हैंडपंप है। इसके चलते लोगों को साधारण नल का पानी पीना पड़ता है। जब कि यह इलाका जलजनित जोन के संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। गांव में जल निकास के लिए अभी तक नाली का निर्माण नहीं हो सका है। लोग मजबूरी में घरों का गंदा पानी दरवाजे पर ही गड्ढा खोद कर जमा करते हैं। बस्ती तक संपर्क मार्ग न होने से गांव में बीमार पड़ने पर इलाज के लिए लोगों को आज भी बीमार को चारपाई पर लाद कर करीब एक किलोमीटर तक पैदल रामकोला-पकड़ियार मार्ग पर ले जाना पड़ता हैं।
बरसात के समय में यह दुश्वारियां और बढ़ जाती हैं। बरसात में ग्रामीण भगवान से परिवार में किसी के बीमार न होने की मनुहार करते हैं। ग्राम सभा से अलग सुदूर सरेह में बसा यह बस्ती विकास से काफी दूर है। चुनिंदा अवसर को छोड़ दिया जाय तो कभी सरकारी कर्मचारी यहां नहीं आते है। गांव के सुरेंद्र कुशवाहा, बसंती देवी, शशीकला देवी, लालती, सुदामा, मुंशी, पूर्णमासी, रामकिशुन प्रसाद, अंगद प्रसाद, ओमप्रकाश, गोविंद, कृष्णा नंनद, नंदलाल, कन्हैया, मुन्ना आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव में ब्लॉक के कर्मचारियों के साथ बीडीओ चौपाल लगाते थे। उनके सामने नाली और सड़क की समस्या रखी गई तो वह कंप्यूटर के ज्ञान तक ले जाने की बात कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग है कि पक्की सड़क ही दे दीजिए। इस संबंध में बीडीओ विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि गांव में गया था। रास्ता सही नहीं है। बरसात बाद क्षेत्र पंचायत से पीच रोड से मुसहर बस्ती को जोड़ने के लिए सड़क बनवाई जाएगी।
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पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। आजादी के 72 वर्ष बाद भी मुसहर बस्ती के लोगों को गांव तक जाने के लिए अभी एक पक्की सड़क भी नसीब नहीं हो पाई है। विकासवादी इस युग में भी मुसहर बस्ती के लोग कच्ची सड़क से होकर घर तक जाते हैं।
नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा पिपरा खुर्द के मुसहर बस्ती के लोगों को विकास के नाम पर शौचालय, बिजली, आवास ही अब तक मुहैया हो पाया है। करीब दो सौ जनसंख्या वाले इस बस्ती में लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए मात्र दो इंडिया मार्का हैंडपंप है। इसके चलते लोगों को साधारण नल का पानी पीना पड़ता है। जब कि यह इलाका जलजनित जोन के संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। गांव में जल निकास के लिए अभी तक नाली का निर्माण नहीं हो सका है। लोग मजबूरी में घरों का गंदा पानी दरवाजे पर ही गड्ढा खोद कर जमा करते हैं। बस्ती तक संपर्क मार्ग न होने से गांव में बीमार पड़ने पर इलाज के लिए लोगों को आज भी बीमार को चारपाई पर लाद कर करीब एक किलोमीटर तक पैदल रामकोला-पकड़ियार मार्ग पर ले जाना पड़ता हैं।
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बरसात के समय में यह दुश्वारियां और बढ़ जाती हैं। बरसात में ग्रामीण भगवान से परिवार में किसी के बीमार न होने की मनुहार करते हैं। ग्राम सभा से अलग सुदूर सरेह में बसा यह बस्ती विकास से काफी दूर है। चुनिंदा अवसर को छोड़ दिया जाय तो कभी सरकारी कर्मचारी यहां नहीं आते है। गांव के सुरेंद्र कुशवाहा, बसंती देवी, शशीकला देवी, लालती, सुदामा, मुंशी, पूर्णमासी, रामकिशुन प्रसाद, अंगद प्रसाद, ओमप्रकाश, गोविंद, कृष्णा नंनद, नंदलाल, कन्हैया, मुन्ना आदि ने बताया कि बृहस्पतिवार को गांव में ब्लॉक के कर्मचारियों के साथ बीडीओ चौपाल लगाते थे। उनके सामने नाली और सड़क की समस्या रखी गई तो वह कंप्यूटर के ज्ञान तक ले जाने की बात कर रहे थे। ग्रामीणों की मांग है कि पक्की सड़क ही दे दीजिए। इस संबंध में बीडीओ विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि गांव में गया था। रास्ता सही नहीं है। बरसात बाद क्षेत्र पंचायत से पीच रोड से मुसहर बस्ती को जोड़ने के लिए सड़क बनवाई जाएगी।
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