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Kushinagar News: मां ने मोबाइल चलाने से मना किया तो बेटी ने दे दी जान

Sun, 23 Jul 2023 01:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sun, 23 Jul 2023 01:03 AM IST
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mother borbiden for mobile daughter suicide
छत पर कमरे में गई पढ़ने, आधी रात को फंदे से लटकी मिली लाश
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पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, घरवालों में मची चीख-पुकार
संवाद न्यूज एजेंसी

पडरौना। मां की बातों से नाराज बेटी ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। आधी रात को इसकी जानकारी होने पर घर में चीख-पुकार मच गई। दरवाजे पर गांववालों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के बगरादेउर गांव की निवासी योगेंद्र यादव की पुत्री शालू (16) 11वीं कक्षा की छात्रा थी। शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस आए घरवालों के मुताबिक, शुक्रवार की रात करीब आठ बजे मोबाइल चला रही थी। मां ने मोबाइल चलाने से मना किया और पढ़ाई करने की बात कही। यह बात शालू को नागवार लगी। छत पर कमरे में गई और दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी।
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घरवाले समझ रहे थे कि वह कमरे में पढ़ने गई है। आधी रात को संदेह होने पर मां गई तो उसकी लाश फंदे से लटकी देखकर अचेत हो गईं। रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और किशोरी को फंदे से नीचे उतारा। विश्वास नहीं होने पर घरवाले पिपराइच पीएचसी ले गए।
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वहां डॉक्टर ने बताया कि काफी देर पहले इसकी मृत्यु हो चुकी है। अस्पताल से घरवाले उसकी लाश लेकर अहिरौली थाने पहुंचे। छात्रा के इस आत्मघाती कदम से घरवालों को भी काठ मार दिया है।

अहिरौली बाजार थाने के एसओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मां की डांट से नाराज होकर छात्रा ने फंदा लगाया था।

चहेती शालू को अफसर बनाना चाहती थी मां
योगेंद्र यादव की दो बेटियां और एक बेटा है। योगेंद्र किसी शहर में काम करते हैं। घर पर तीनों संतानें मां के साथ रहती हैं। शालू घर में छोटी होने के कारण सबकी चहेती थी। मां उसे पढ़ाकर ऑफिसर बनाना चाहती थीं। बेटी के भविष्य की बेहतरी के लिए मोबाइल चलाने से मनाकर पढ़ाई करने के लिए कहीं। लेकिन मां को क्या पता था कि तमाम झंझावतों के बीच पालकर जिस बेटी को बड़ा किया, वह मामूली सी बात पर हमेशा के लिए साथ छोड़ देगी।
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