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Kushinagar News: हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मां, बेटी झुलसीं
Mon, 23 Jun 2025 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Jun 2025 01:51 AM IST
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अस्पताल में भर्ती मां-बेटी। संवाद
अहिरौली बाजार। गिदहाचक बैरिया उपकेंद्र से जुड़े गांव मंसूरगंज में रविवार को खेत में काम कर रही मां, बेटी हाईटेंशन तार की चपेट में आने से झुलस गईं। आसपास के लोगों ने इस घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को इलाज के लिए मंसूरगंज चौराहे पर एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां इलाज चल रहा है।
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव मंसूरगंज निवासी सेहाना खातून पत्नी नूरमुहम्मद (37) इनकी 13 वर्षीय बेटी आफरीन रविवार को सुबह करीब नौ बजे अपने खेत में काम कर रही थीं। इनके खेत से होकर हाईटेंशन का तार गुजरा है। उस हाईटेंशन तार की उंचाई जमीन से करीब चार फीट की है। इससे खेत की जुताई भी नहीं हो पाती है। उसी खेत में काम करते समय बेटी आफरीन तार की चपेट में आ गई। बेटी को बचाने गई मां सेहाना खातून भी हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। चीखने चिल्लाने लगी उनकी चीख पुकार सुनकर बगल में बकरी चरा रहे लोगों ने लकड़ी का डंडा लेकर आए और उससे तार के संपर्क को मां और बेटी को अलग कर किया। तब तक वह दोनों झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आफरीन अचेत हो गई थी। लोग उसे झुलसी हुई अवस्था में लेकर मंसूरगंज स्थित निजी अस्पताल में ले गए। यहां पर इन दोनों का इलाज चल रहा है। आफरीन करीब दो घंटे तक अचेतावस्था में पड़ी रही। किसान इस्लाम खान, कमरुद्दीन, अब्दुल हसन, नूरमुहम्मद और हफीजुल्लाह ने बताया कि 11 हजार वोल्ट के तार की ऊंचाई खेत जमीन से 4 फिट होने के कारण खेत में ट्रैक्टर नहीं जा पाता है। इसलिए तार के नीचे अपनी जान जोखिम में डालकर हर साल धीरे- धीरे कुदाल से खेत की खुदाई कर बोआई किया जाता है। एक वर्ष पूर्व खेत की जोताई करते समय एक ट्रैक्टर भी तार की चपेट में आ गया था। एक बार गेहूं की फसल भी जल गई थी। एक बार नीलगाय भी उस तार की चपेट में आकर मर गई थी। इसकी शिकायत कई बार किया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज घटना के बाद जेई के नंबर पर कई बार फोन किया गया लेकिन वह फोन नहीं रिसीव हुआ। इस संबंध में गिदहा चक बैरिया विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। मैं बाहर आया हूं, लेकिन मामला संज्ञान में आया है। इसे ठीक करा दूंगा।
एक्सईएन हाटा दुर्गेश ने कहा कि मैं हाल ही में ज्वाइन किया हूं, इसलिए पहले की स्थिति पर ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। जहां तक हादसे की बात है तो पूरी जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। जांच में विभागीय लापरवाही सामने आई तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गांव मंसूरगंज निवासी सेहाना खातून पत्नी नूरमुहम्मद (37) इनकी 13 वर्षीय बेटी आफरीन रविवार को सुबह करीब नौ बजे अपने खेत में काम कर रही थीं। इनके खेत से होकर हाईटेंशन का तार गुजरा है। उस हाईटेंशन तार की उंचाई जमीन से करीब चार फीट की है। इससे खेत की जुताई भी नहीं हो पाती है। उसी खेत में काम करते समय बेटी आफरीन तार की चपेट में आ गई। बेटी को बचाने गई मां सेहाना खातून भी हाईटेंशन तार की चपेट में आ गई। चीखने चिल्लाने लगी उनकी चीख पुकार सुनकर बगल में बकरी चरा रहे लोगों ने लकड़ी का डंडा लेकर आए और उससे तार के संपर्क को मां और बेटी को अलग कर किया। तब तक वह दोनों झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। आफरीन अचेत हो गई थी। लोग उसे झुलसी हुई अवस्था में लेकर मंसूरगंज स्थित निजी अस्पताल में ले गए। यहां पर इन दोनों का इलाज चल रहा है। आफरीन करीब दो घंटे तक अचेतावस्था में पड़ी रही। किसान इस्लाम खान, कमरुद्दीन, अब्दुल हसन, नूरमुहम्मद और हफीजुल्लाह ने बताया कि 11 हजार वोल्ट के तार की ऊंचाई खेत जमीन से 4 फिट होने के कारण खेत में ट्रैक्टर नहीं जा पाता है। इसलिए तार के नीचे अपनी जान जोखिम में डालकर हर साल धीरे- धीरे कुदाल से खेत की खुदाई कर बोआई किया जाता है। एक वर्ष पूर्व खेत की जोताई करते समय एक ट्रैक्टर भी तार की चपेट में आ गया था। एक बार गेहूं की फसल भी जल गई थी। एक बार नीलगाय भी उस तार की चपेट में आकर मर गई थी। इसकी शिकायत कई बार किया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आज घटना के बाद जेई के नंबर पर कई बार फोन किया गया लेकिन वह फोन नहीं रिसीव हुआ। इस संबंध में गिदहा चक बैरिया विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। मैं बाहर आया हूं, लेकिन मामला संज्ञान में आया है। इसे ठीक करा दूंगा।
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एक्सईएन हाटा दुर्गेश ने कहा कि मैं हाल ही में ज्वाइन किया हूं, इसलिए पहले की स्थिति पर ज्यादा कुछ नहीं बता सकता। जहां तक हादसे की बात है तो पूरी जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी। जांच में विभागीय लापरवाही सामने आई तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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