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Kushinagar News: खाते के बदले मिलते थे रुपये, लालच में फंसते रहे लोग
Fri, 24 Jul 2026 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 24 Jul 2026 01:09 AM IST
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पडरौना। साइबर ठग गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा महराष्ट्र समेत कई प्रदेशों तक फैला है। आरोपी लोगों के बैंक खाते नहीं हैक करते थे, बल्कि उनको निवेश और ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे।
इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक कब्जे में लेकर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम निकालने में करते थे। पुलिस का दावा है कि दोनों जालसाज इस गिरोह के सरगना हैं।
यह गिरोह देशभर में ऐसे 24 से अधिक म्यूल खाते संचालित कर रहा था। किसी खाते के फ्रीज होते ही नए व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके नाम से दूसरा खाता खुलवा लिया जाता था। इस तरह लगातार ठगी का नेटवर्क चलता रहा। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों के नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अब तक 122 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का लिंक सामने आया है।
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पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं और इसमें अन्य सदस्यों की भी भूमिका है। साइबर क्राइम सेल अब बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। गिरोह के बाकी सदस्यों को पुलिस ट्रेस करने में जुटी है। इसमें बैंक कर्मियों का सहयोग भी पुलिस ले रही है।
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इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक कब्जे में लेकर उन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम निकालने में करते थे। पुलिस का दावा है कि दोनों जालसाज इस गिरोह के सरगना हैं।
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यह गिरोह देशभर में ऐसे 24 से अधिक म्यूल खाते संचालित कर रहा था। किसी खाते के फ्रीज होते ही नए व्यक्ति को झांसे में लेकर उसके नाम से दूसरा खाता खुलवा लिया जाता था। इस तरह लगातार ठगी का नेटवर्क चलता रहा। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपियों के नेटवर्क के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर अब तक 122 शिकायतें दर्ज हैं। इन मामलों में करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का लिंक सामने आया है।
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पुलिस को आशंका है कि गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हैं और इसमें अन्य सदस्यों की भी भूमिका है। साइबर क्राइम सेल अब बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। गिरोह के बाकी सदस्यों को पुलिस ट्रेस करने में जुटी है। इसमें बैंक कर्मियों का सहयोग भी पुलिस ले रही है।