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काम के लिए प्रवासी मजदूरों ने दिया धरना
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मठिया भोकरिया गांव में मनरेगा में कार्य नहीं मिलने पर लेखपाल के खिलाफ धरना देते मजदूर।
- फोटो : KUSHINAGAR
काम के लिए प्रवासी मजदूरों ने दिया धरना
दुदही। लेखपाल के रवैए से नाराज मठिया भोकरिया गांव के लोगों ने मंगलवार को धरना दिया। आरोप है कि कार्यस्थल की पैमाइश नहीं होने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के आश्वासन पर ये लोग शांत हुए।
इस गांव में प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार देने के लिए 78 जॉबकार्ड बनाए गए हैं। इनकी मांग पर ग्राम पंचायत में लोक निर्माण विभाग की सड़क से पश्चिम मिट्टी भराई होनी है। लेखपाल को कार्यस्थल की पैमाइश करनी है। आरोप है कि लेखपाल ने प्रधान को फोनकर मजदूरों को कार्यस्थल पर बुलाया। 50 मजदूरों को लेकर प्रधान के प्रतिनिधि पहुंचे तो वह मोबाइल बंद कर वहां से चला गया।
इससे नाराज जॉबकार्ड धारक धरने पर बैठ गए और मजदूरी दिलाने की मांग करने लगे। करीब चार घंटे बाद प्रधान प्रतिनिधि से लेखपाल की बात हुई तो उसने अपशब्दों का प्रयोग किया। प्रधान प्रतिनिधि घनश्याम खरवार ने कमिश्नर गोरखपुर जयंत नार्लिकर से की। उन्होंने मौके पर तहसीलदार को भेजने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। प्रधान प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि लेखपाल पैमाइश नहीं कर रहे हैं। इससे प्रवासी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है।
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वहीं लेखपाल खालिद अहमद का कहना आरोप गलत है। तहसील में प्रवासी मजदूरों की फीडिंग के चलते मौके पर नहीं पहुंच सके। तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि सूचना मिली है। लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। इस मामले की जांच की जाएगी। दोषी मिलने पर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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दुदही। लेखपाल के रवैए से नाराज मठिया भोकरिया गांव के लोगों ने मंगलवार को धरना दिया। आरोप है कि कार्यस्थल की पैमाइश नहीं होने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों के आश्वासन पर ये लोग शांत हुए।
इस गांव में प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार देने के लिए 78 जॉबकार्ड बनाए गए हैं। इनकी मांग पर ग्राम पंचायत में लोक निर्माण विभाग की सड़क से पश्चिम मिट्टी भराई होनी है। लेखपाल को कार्यस्थल की पैमाइश करनी है। आरोप है कि लेखपाल ने प्रधान को फोनकर मजदूरों को कार्यस्थल पर बुलाया। 50 मजदूरों को लेकर प्रधान के प्रतिनिधि पहुंचे तो वह मोबाइल बंद कर वहां से चला गया।
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इससे नाराज जॉबकार्ड धारक धरने पर बैठ गए और मजदूरी दिलाने की मांग करने लगे। करीब चार घंटे बाद प्रधान प्रतिनिधि से लेखपाल की बात हुई तो उसने अपशब्दों का प्रयोग किया। प्रधान प्रतिनिधि घनश्याम खरवार ने कमिश्नर गोरखपुर जयंत नार्लिकर से की। उन्होंने मौके पर तहसीलदार को भेजने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। प्रधान प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि लेखपाल पैमाइश नहीं कर रहे हैं। इससे प्रवासी मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है।
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वहीं लेखपाल खालिद अहमद का कहना आरोप गलत है। तहसील में प्रवासी मजदूरों की फीडिंग के चलते मौके पर नहीं पहुंच सके। तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि सूचना मिली है। लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। इस मामले की जांच की जाएगी। दोषी मिलने पर लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।