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Kushinagar News: गोवंश तस्करी के पीछे मांस का खेल, पूछताछ में खुला राज
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खड्डा। भेड़ी जंगल गांव के पास छह गोवंशों के साथ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में तस्करी के पीछे चल रहे मांस के धंधे की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गोवंशों की बिहार में हत्या करने के बाद मांस बेचकर कमाई की जाती थी। कमाई का कुछ हिस्सा बांट लिया जाता था। शेष रकम से दोबारा गोवंश खरीदकर अगली खेप तैयार की जाती थी।
मामले में गिरफ्तार मुस्तफा अंसारी निवासी दहवा, थाना धनहा, बगहा, बिहार और विवेक सहनी निवासी जंगल सिगहापट्टी (बासी टोला) के आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, गिरोह महाराजगंज क्षेत्र से गोवंशों को पकड़कर अथवा खरीदकर एकत्र करता था। इसके बाद उन्हें वाहन में लादकर बिहार ले जाया जाता था, जहां कटान के बाद मांस बेचकर मुनाफा कमाया जाता था। इस मामले में नबीहसन, मखलुक और आलमगीर निवासी दहवा, थाना धनहा, बगहा, बिहार तथा मेराज अंसारी निवासी तमकुहवा, थाना धनहा, बिहार नामजद हैं।
पुलिस कार्रवाई के दौरान ये आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है,जिस वाहन से गोवंशों को ले जाया जा रहा था, उसके स्वामी राजकुमार प्रसाद निवासी पगरा बुजुर्ग, कुशीनगर को भी मामले में नामजद पुलिस ने किया है। गोवंशों की हत्या और उनके मांस के क्रय-विक्रय पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद मांस बेचकर दोबारा उसी धंधे में पैसा लगाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मांस बिक्री से जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाली जा रही है। खड्डा थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने बताया कि भागे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। नेटवर्क के बारे में छानबीन की जा रही है। पूछताछ में पशुओं के मांस की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिली है।
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मामले में गिरफ्तार मुस्तफा अंसारी निवासी दहवा, थाना धनहा, बगहा, बिहार और विवेक सहनी निवासी जंगल सिगहापट्टी (बासी टोला) के आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, गिरोह महाराजगंज क्षेत्र से गोवंशों को पकड़कर अथवा खरीदकर एकत्र करता था। इसके बाद उन्हें वाहन में लादकर बिहार ले जाया जाता था, जहां कटान के बाद मांस बेचकर मुनाफा कमाया जाता था। इस मामले में नबीहसन, मखलुक और आलमगीर निवासी दहवा, थाना धनहा, बगहा, बिहार तथा मेराज अंसारी निवासी तमकुहवा, थाना धनहा, बिहार नामजद हैं।
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पुलिस कार्रवाई के दौरान ये आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है,जिस वाहन से गोवंशों को ले जाया जा रहा था, उसके स्वामी राजकुमार प्रसाद निवासी पगरा बुजुर्ग, कुशीनगर को भी मामले में नामजद पुलिस ने किया है। गोवंशों की हत्या और उनके मांस के क्रय-विक्रय पर कानूनी प्रतिबंध के बावजूद मांस बेचकर दोबारा उसी धंधे में पैसा लगाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही मांस बिक्री से जुड़े लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाली जा रही है। खड्डा थानाध्यक्ष संदीप कुमार सिंह ने बताया कि भागे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। नेटवर्क के बारे में छानबीन की जा रही है। पूछताछ में पशुओं के मांस की खरीद-फरोख्त की जानकारी मिली है।
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