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मौनी अमावस्या आज, तैयारी पूरी
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मौनी अमावस्या आज, तैयारी पूरी
श्रद्धालु नदी में स्नान के बाद करते हैं दान
पडरौना/तमकुहीरोड। मौनी अमावस्या स्नान मंगलवार को है। सुबह नदियों में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दानपुण्य करेंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गंडक नदी और बांसी नदी के घाटों पर श्रद्धालु स्नान करने के लिए जुटते हैं। इसके अलावा पनियहवा घाट पर भी मेले जैसा दृश्य होता है। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार माघ मास की अमावस्या के दिन सेवरही क्षेत्र के बांसी व गंडक नदी घाट पर श्रद्धालु स्नान के बाद दानपुण्य करते हैं। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए बांसी नदी स्थित शिवा व दमकला, गौरी, पांडेयपट्टी, मलाही, गोला, परसा उर्फ सिरिसिया आदि स्नान घाटों पर साफ-सफाई कराई गई है। गंडक नदी के किनारे स्थित घाटों पर सफाई के साथ अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्नान पर्व की तैयारियों में जुटे चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा, आनंद सिंह, शर्मा यादव, संजय सिंह, डॉ. आरएन यादव, ध्रुव निषाद, पप्पू सिंह का कहना है कि तैयारियां पूरी हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है। पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित नागेंद नाथ द्विवेदी ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन मौन रहकर नदियों में पवित्र स्नान करने व दानपुण्य करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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श्रद्धालु नदी में स्नान के बाद करते हैं दान
पडरौना/तमकुहीरोड। मौनी अमावस्या स्नान मंगलवार को है। सुबह नदियों में डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दानपुण्य करेंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गंडक नदी और बांसी नदी के घाटों पर श्रद्धालु स्नान करने के लिए जुटते हैं। इसके अलावा पनियहवा घाट पर भी मेले जैसा दृश्य होता है। तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार माघ मास की अमावस्या के दिन सेवरही क्षेत्र के बांसी व गंडक नदी घाट पर श्रद्धालु स्नान के बाद दानपुण्य करते हैं। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए बांसी नदी स्थित शिवा व दमकला, गौरी, पांडेयपट्टी, मलाही, गोला, परसा उर्फ सिरिसिया आदि स्नान घाटों पर साफ-सफाई कराई गई है। गंडक नदी के किनारे स्थित घाटों पर सफाई के साथ अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्नान पर्व की तैयारियों में जुटे चेयरमैन श्यामसुंदर विश्वकर्मा, आनंद सिंह, शर्मा यादव, संजय सिंह, डॉ. आरएन यादव, ध्रुव निषाद, पप्पू सिंह का कहना है कि तैयारियां पूरी हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ख्याल रखा गया है। पुरानी बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित नागेंद नाथ द्विवेदी ने बताया कि मौनी अमावस्या स्नान एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन मौन रहकर नदियों में पवित्र स्नान करने व दानपुण्य करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है।
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