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Kushinagar News: इनाम के साथ बढ़ता गया माजिद के पशु तस्करी का अवैध धंधा

Sun, 05 Nov 2023 01:15 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 05 Nov 2023 01:15 AM IST
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Majid's illegal animal smuggling business increased with reward
- पिछले साल फरवरी में लखनऊ से एसटीएफ ने सरगना माजिद को दबोचकर भेजा था जेल
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- यूपी ही नहीं बिहार व प. बंगाल तक फैला है माजिद के गिरोह का नेटवर्क
गुरवलिया बाजार। शामली के कांधला के शेखजादगान निवासी मो. हाजी माजिद उर्फ हाजी मजीद पिछले दस साल में वह कई बार गिरफ्तार हुआ। कई बार जेल से रिहा हुआ। हर बार वह नया नेटवर्क खड़ा कर लेता है। पुलिस ने उस पर इनाम बढ़ाना शुरू किया तो वहीं माजिद पशु तस्करी का काला कारोबार बढ़ाने में जुट गया। दस हजार से इनाम बढ़कर 50 हजार तक पहुंच गया।
माजिद पर पहली बार दस हजार का इनाम घोषित किया गया। गिरफ्तारी के बाद जेल से रिहा हुआ। तो उसने रफ्तार बढ़ा दी। 26 अप्रैल, 2013 को उस पर गोंडा पुलिस ने दस हजार का इनाम घोषित किया था। उसे दिसंबर माह में बहराइच के दरगाह शरीफ थाना पुलिस ने पकड़कर गोंडा पुलिस को सौंप दिया। इसके पहले भी बस्ती के मुंडेरवा थाना क्षेत्र में 21 गोवंशीय पशुओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद वर्ष 2020 में भी इसकी गिरफ्तारी हुई। बाद में यह फरवरी 2022 में एसटीएफ के हत्थे भी चढ़ा, जहां उस पर 25,000 रुपये का इनाम था। कई बार हुई गिरफ्तारी के बाद हाजी के काले कारनामे पर अंकुश नहीं लग सका। एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि मोहम्मद हाजी माजिद बड़े स्तर का पशु तस्कर है। उस पर विभिन्न 25 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह वर्ष 2022 में एसटीएफ के हाथों भी गिरफ्तार हो चुका है। जेल से रिहा होने के बाद उसने दोबारा अपने नेटवर्क को सक्रिय कर तस्करी करने लगा।
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यूपी, बिहार व प. बंगाल तक फैला नेटवर्क
माजिद के गिरोह का नेटवर्क पूरे उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि बिहार व प. बंगाल तक फैला है। माजिद पुलिस व एसटीएफ के राडार पर आने के बाद भी तस्करी नहीं छोड़ी। जेल जाने के बाद वह और बेखौफ हो गया। वह अपना नेटवर्क बढ़ाने में जुट गया। शुक्रवार रात को तुर्कपट्टी पुलिस ने उसे मुठभेड़ में रफ्तार किया। माजिद ने पुलिस के सामने कुबूला कि वह एक अंतरराज्यीय गौ तस्कर गिरोह का मुख्य सरगना है। यूपी एसटीएफ ने इस बात का खुलासा भी किया था। गिरफ्तार मो. हाजी माजिद का एक साथी देवरिया जिले का हिस्ट्रीशीटर रहा हैं, उसे एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। इसके खिलाफ 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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सीमावर्ती जिलों में ज्यादा सक्रिय है माजिद का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक पशु तस्कर मोहम्मद हाजी माजिद मास्टरमाइंड है। वह पशु तस्करी लिस्ट में हर उस जिले में कुख्यात है, जहां से पशुओं को तस्करी कर प. बंगाल भेजा जाता है। ऐसे में वह ऐसे तस्करों को साथ रखता है, जो आसानी से जिले की भौगोलिक परिस्थितियों से वाकिफ हो। पूर्व में गिरफ्तार हुआ हाजी माजिद अपने देवरिया के साथी का नाम लेता रहा है, जो स्थानीय जिले के होने के नाते बार्डर आसानी से पार कराकर बंगाल भेज देता था। शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी में भी यही समानता मिली। पुलिस ने देवरिया की ओर से उसकी योजना पर अंकुश लगाया तो वह कुशीनगर में सक्रिय हो गया। वह कुशीनगर से बिहार फिर प. बंगाल तक पशु तस्करी करने लगा। हाजी का साथी कसया का राजू भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ है। हाजी माजिद अपने गिरोह के सदस्यों के जरिए काम कराता था। वह सिर्फ पशुओं का सौदा करता था। जबकि जिलों में सक्रिय सदस्य ट्रकों व डाला के जरिए इसकी आपूर्ति कराते थे।



पूर्वांचल में ही बनाया था ठिकाना
मोहम्मद हाजी माजिद उर्फ हाजी मजीद भले पश्चिमी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पर, उसका ठिकाना पूर्वांचल ही रहा है। उसने गोरखपुर मंडल के जिलों में कई ठिकाने बना रखे थे। मंडल के प्रमुख जिले बिहार, प. बंगाल के अलावा नेपाल के सीमा से सटे हैं। ऐसे में उनके छिपने के ठिकाने व तस्करी के काले कारोबार में आसानी रहती है। पुलिस के मुताबिक हाजी माजिद के तस्करी की शुरुआत वर्ष 2005 के बाद की है। वह सरगना होने के साथ भौगोलिक परिस्थितियों को समझने में माहिर है। माजिद के करीबी साथी देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, बलरामपुर, गोंडा के रहे हैं। जिसके कारण उसे आसानी से चोरी के रास्तों को भी जानकारी हो गई।
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