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परमात्मा से मिलन ही महारास : विनय
Sun, 23 Jun 2024 04:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 23 Jun 2024 04:41 AM IST
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गुरवलिया बाजार। ग्राम पंचायत विजयपुर उत्तर पट्टी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा वाचक ने महारास की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि परमात्मा से मिलन ही महारास है।
कथा वाचक आचार्य पंडित विनय राघव दास ने तृणावर्त उद्धार, नामकरण, अघासुर, बका सुर, कालिय मर्दन, ब्रह्म मोह भंग, इंद्र अहंकार चूर्ण का प्रसंग सुनाते हुए महारास की कथा सुनाया। उन्होंने कहा कि जीवात्मा अपने सांसारिक संबंधों को भुलाकर परमात्मा से सीधे मिल जाना ही महारास है। जैसे गोमुख से निकली गंगा जब तक सागर से नहीं मिल जाती, तब तक शांत नहीं होती। गोपियों का एक ही लक्ष्य कृष्ण को पाना था और गोपियां पाई भी। इस दौरान पंडित अच्युतानंद शास्त्री, रमेशचंद्र श्रीवास्तव, ध्रुव गुप्ता, नंद किशोर गुप्ता, दया पांडेय, बच्चा पांडेय, डॉ. अनिल पांडेय, परदेशी मिश्र, पंडित अजीत आदि मौजूद रहे।
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कथा वाचक आचार्य पंडित विनय राघव दास ने तृणावर्त उद्धार, नामकरण, अघासुर, बका सुर, कालिय मर्दन, ब्रह्म मोह भंग, इंद्र अहंकार चूर्ण का प्रसंग सुनाते हुए महारास की कथा सुनाया। उन्होंने कहा कि जीवात्मा अपने सांसारिक संबंधों को भुलाकर परमात्मा से सीधे मिल जाना ही महारास है। जैसे गोमुख से निकली गंगा जब तक सागर से नहीं मिल जाती, तब तक शांत नहीं होती। गोपियों का एक ही लक्ष्य कृष्ण को पाना था और गोपियां पाई भी। इस दौरान पंडित अच्युतानंद शास्त्री, रमेशचंद्र श्रीवास्तव, ध्रुव गुप्ता, नंद किशोर गुप्ता, दया पांडेय, बच्चा पांडेय, डॉ. अनिल पांडेय, परदेशी मिश्र, पंडित अजीत आदि मौजूद रहे।
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