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Kushinagar News: सरकारी दुकानों से बिहार पहुंचाई जा रही शराब की खेप
Mon, 28 Apr 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:01 AM IST
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पडरौना। पुलिस प्रशासन की कोशिश के बाद भी शराब तस्करी पर रोक नहीं लग पा रही है। शराब की खेप बिहार पहुंच रही है। माना जा रहा है कि यह पुलिसकर्मियों की ही मिलीभगत से हो रहा है। यही नहीं आबकारी विभाग द्वारा आवंटित शराब की दुकानों से शराब को ट्रक, कंटेनर और लग्जरी गाड़ियों में लादकर बिहार भेजा जा रहा है। जिसमें बाहरी शराब तस्करों के साथ साथ दुकान के मुनीब और सफेदपोशों की भूमिका है। एसपी की सख्ती के बाद भी शराब तस्करों द्वारा बिहार में शराब की खेप पहुंचाना सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।
शनिवार को पकड़े गए तस्करों से इस बात का खुलासा हुआ इसके अलावा पहले भी सीमावर्ती इलाकों के सरकारी दुकानों से शराब की खेप ले जाकर तस्करी करने का खुलासा हुआ था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के बजाय जांच के नाम पर मामले से इतिश्री कर लिया। तरयासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान, सिसवा नाहर, तिनफेडिया, रामपुर बंगरा, भूलिया बाजार व तमकुहीराज थाना क्षेत्र के तमकुहीराज कस्बा, समउर, डिबनी बजरवा, परसौनी, लतवा चट्टी, दाहूगंज, सलेमगढ़, बहादुरपुर बिहार सीमा से सटे इलाके हैं, जहां आबकारी विभाग ने देशी, विदेशी व बीयर की दुकानों को सरकारी अनुज्ञापियों को आवंटित किया है। बिहार में शराब बंदी के बाद बॉर्डर से सटी इन दुकानों पर बिहार प्रांत निवासी शराब के शौकीनों के साथ तस्करों की भीड़ जुटती है। हर दिन गोपालगंज में शराब की खेप के साथ पकड़े जा रहे तस्करों की गाड़ी में 60 फीसदी तरयासुजान और तमकुही के तस्कर होते हैं। शराब की तस्करी में शामिल पकड़े गए कैरियरों ने पुलिस की पूछताछ में जिले के कई अनुज्ञापियों और शराब की दुकान पर काम करने वाले मुनीब का नाम सामने आया, कार्रवाई के लिए पुलिस ने कमर तो कसी, लेकिन सफेदपोशों के शामिल होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। शराब तस्करी के खेल का नेटवर्क पडरौना शहर से भी जुड़ा है। बार्डर पर शराब तस्करी के मामले में पकड़े गए कई कैरियर पडरौना शहर के रहने वाले निकले। इनके लिए सफेदपोशों ने मदद भी खुलकर पुलिस से किया था।
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शनिवार को पकड़े गए तस्करों से इस बात का खुलासा हुआ इसके अलावा पहले भी सीमावर्ती इलाकों के सरकारी दुकानों से शराब की खेप ले जाकर तस्करी करने का खुलासा हुआ था लेकिन पुलिस ने कार्रवाई के बजाय जांच के नाम पर मामले से इतिश्री कर लिया। तरयासुजान थाना क्षेत्र के अहिरौलीदान, सिसवा नाहर, तिनफेडिया, रामपुर बंगरा, भूलिया बाजार व तमकुहीराज थाना क्षेत्र के तमकुहीराज कस्बा, समउर, डिबनी बजरवा, परसौनी, लतवा चट्टी, दाहूगंज, सलेमगढ़, बहादुरपुर बिहार सीमा से सटे इलाके हैं, जहां आबकारी विभाग ने देशी, विदेशी व बीयर की दुकानों को सरकारी अनुज्ञापियों को आवंटित किया है। बिहार में शराब बंदी के बाद बॉर्डर से सटी इन दुकानों पर बिहार प्रांत निवासी शराब के शौकीनों के साथ तस्करों की भीड़ जुटती है। हर दिन गोपालगंज में शराब की खेप के साथ पकड़े जा रहे तस्करों की गाड़ी में 60 फीसदी तरयासुजान और तमकुही के तस्कर होते हैं। शराब की तस्करी में शामिल पकड़े गए कैरियरों ने पुलिस की पूछताछ में जिले के कई अनुज्ञापियों और शराब की दुकान पर काम करने वाले मुनीब का नाम सामने आया, कार्रवाई के लिए पुलिस ने कमर तो कसी, लेकिन सफेदपोशों के शामिल होने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। शराब तस्करी के खेल का नेटवर्क पडरौना शहर से भी जुड़ा है। बार्डर पर शराब तस्करी के मामले में पकड़े गए कई कैरियर पडरौना शहर के रहने वाले निकले। इनके लिए सफेदपोशों ने मदद भी खुलकर पुलिस से किया था।
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